उत्तराखंड

आज का पंचांग, राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग-भरोसे की असली पहचान !!

आज का पंचांग, राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग **23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार | देवभूमि JK News** शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की आराधना और सुख-समृद्धि की कामना के लिए…

आज का पंचांग, राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग-भरोसे की असली पहचान !!


आज का पंचांग, राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग
**23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार | देवभूमि JK News**

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की आराधना और सुख-समृद्धि की कामना के लिए विशेष माना जाता है। आज शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। त्रयोदशी तिथि में प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व है। दिन को सकारात्मक सोच, संयम और सद्कर्मों के साथ बिताने का संकल्प लें।

**आज का पंचांग**

दिन: शुक्रवार
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
मास: कार्तिक
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वादशी दोपहर लगभग 2:36 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद, रात्रि लगभग 9:02 बजे तक, इसके बाद उत्तराभाद्रपद
योग: ध्रुव, रात्रि लगभग 10:08 बजे तक
करण: बालव, दोपहर लगभग 2:36 बजे तक
सूर्योदय: सुबह 6:24 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:38 बजे
चंद्रोदय: दोपहर लगभग 3:46 बजे
राहुकाल: सुबह 10:37 बजे से दोपहर 12:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:39 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक

*आज का धार्मिक महत्व:* शुक्रवार मां लक्ष्मी की पूजा और सुख-समृद्धि की कामना के लिए समर्पित माना जाता है। आज प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना भी शुभ धार्मिक परंपरा है। पूजा-पाठ और व्रत के समय स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और मुहूर्त की पुष्टि कर लें।

**आज का राशिफल**

**मेष राशि:** आज कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मेहनत का लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताएं और क्रोध पर नियंत्रण रखें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें।

**वृषभ राशि:** दिन सामान्य से अच्छा रह सकता है। रुके हुए कार्यों में प्रगति के अवसर मिलेंगे। नौकरी और व्यवसाय में धैर्य बनाए रखें। पारिवारिक संबंधों में मधुरता बनाए रखना लाभदायक होगा।

**मिथुन राशि:** आज बातचीत और संपर्कों के माध्यम से नए अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण काम में जल्दबाजी न करें। खर्चों पर नियंत्रण रखें और अपने स्वास्थ्य तथा दिनचर्या पर ध्यान दें।

**कर्क राशि:** परिवार में सुखद वातावरण बना रह सकता है। कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें। पुराने मित्र से बातचीत मन प्रसन्न कर सकती है।

**सिंह राशि:** आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों और सहकर्मियों से व्यवहार संतुलित रखें। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। परिवार के सदस्यों की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है।

**कन्या राशि:** योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। अनावश्यक चिंता से बचें और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।

**तुला राशि:** आज संबंधों में संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। व्यवसाय में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी समझौते को अच्छी तरह समझकर ही आगे बढ़ें। परिवार में सामंजस्य बनाए रखने का प्रयास करें।

**वृश्चिक राशि:** कार्यक्षेत्र में चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन धैर्य से समाधान खोज सकते हैं। आर्थिक लेन-देन में सतर्कता रखें। किसी करीबी की बात को गलत अर्थ में लेने से बचें। नियमित दिनचर्या अपनाएं।

**धनु राशि:** आज नई योजनाओं पर काम शुरू करने की प्रेरणा मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखनी होगी। कार्यक्षेत्र में अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभकारी हो सकती है। खर्च सोच-समझकर करें।

**मकर राशि:** जिम्मेदारियों को व्यवस्थित ढंग से निभाने का दिन है। नौकरी और कारोबार में लगातार प्रयास करते रहें। पारिवारिक मामलों में धैर्य से काम लें। भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर विचार करने के लिए समय अनुकूल हो सकता है।

**कुंभ राशि:** आज नए विचार सामने आ सकते हैं। मित्रों और सहकर्मियों के साथ सहयोग से काम आगे बढ़ेगा। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएं। पर्याप्त आराम और संतुलित दिनचर्या पर ध्यान दें।

**मीन राशि:** आज रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक मामलों में किसी के कहने पर जल्दबाजी में निवेश न करें। अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें।

*नोट: राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे निश्चित भविष्यवाणी या महत्वपूर्ण निर्णयों का एकमात्र आधार न मानें।*

**आज का प्रेरक प्रसंग**

**!! भरोसे की असली पहचान !!**

एक नगर में देवेंद्र नाम का एक पुस्तक-विक्रेता रहता था। उसकी छोटी-सी दुकान थी, लेकिन उसकी पहचान दूर-दूर तक थी। लोग कहते थे कि देवेंद्र की दुकान पर पुस्तक मिले या न मिले, वह किसी को गलत आश्वासन नहीं देता और जो वचन देता है, उसे पूरा करने का पूरा प्रयास करता है।

एक दिन एक विद्यालय के शिक्षक उसकी दुकान पर आए। उन्हें अगले सप्ताह होने वाली परीक्षा के लिए विद्यार्थियों की कुछ आवश्यक पुस्तकें चाहिए थीं। देवेंद्र के पास उनमें से कुछ पुस्तकें ही उपलब्ध थीं।

शिक्षक ने चिंता से कहा, “यदि ये पुस्तकें समय पर नहीं मिलीं, तो बच्चों की तैयारी प्रभावित हो सकती है। क्या आप शेष पुस्तकें अगले शुक्रवार तक जुटा देंगे?”

देवेंद्र ने अपनी सूची देखी। काम कठिन था, फिर भी उसने कहा, “मैं पूरी कोशिश करूँगा। कल तक मैं आपको बता दूँगा कि सभी पुस्तकें समय पर उपलब्ध हो पाएँगी या नहीं।”

अगले दिन उसने अलग-अलग प्रकाशकों से संपर्क किया। पता चला कि कुछ पुस्तकें दूसरे शहर के गोदाम में थीं और उन्हें मँगवाने में समय लग सकता था। देवेंद्र ने शिक्षक को स्थिति स्पष्ट बता दी। उसने कोई झूठा भरोसा नहीं दिया, बल्कि उपलब्ध पुस्तकों की व्यवस्था पहले कर दी और बाकी के लिए वैकल्पिक प्रकाशकों से संपर्क शुरू किया।

इसी बीच एक बड़े व्यापारी ने उसे प्रस्ताव दिया कि यदि वह विद्यालय का काम छोड़कर उसकी दुकान के लिए एक बड़ा ऑर्डर तैयार कर दे, तो उसे अधिक लाभ मिलेगा। देवेंद्र के सामने आर्थिक लाभ का अवसर था, लेकिन उसने सोचा कि विद्यालय के बच्चों की आवश्यकता भी महत्त्वपूर्ण है।

उसने व्यापारी से विनम्रता से कहा, “आपका प्रस्ताव अच्छा है। मैं आपके साथ काम करना चाहता हूँ, लेकिन पहले से स्वीकार की गई जिम्मेदारी को बिना उचित व्यवस्था किए छोड़ना ठीक नहीं होगा। मैं विद्यालय की आवश्यकता पूरी करने का प्रयास करूँगा, फिर आपके काम की योजना बनाऊँगा।”

उसने अपने परिचित पुस्तक-विक्रेताओं से सहायता माँगी। एक साथी ने कुछ पुस्तकें उपलब्ध करा दीं और दूसरे ने अपने गोदाम से शेष पुस्तकों की व्यवस्था कर दी। देवेंद्र ने समय रहते सारी पुस्तकें विद्यालय पहुँचा दीं।

शिक्षक ने राहत की साँस ली। उन्होंने कहा, “देवेंद्र जी, आपने केवल पुस्तकें नहीं पहुँचाईं, बल्कि बच्चों की तैयारी को लेकर हमारी चिंता भी दूर कर दी।”

देवेंद्र ने उत्तर दिया, “मैंने तो बस अपनी जिम्मेदारी निभाई है। किसी का भरोसा तभी सार्थक होता है, जब हम कठिनाई आने पर भी ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाएँ।”

कुछ दिनों बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अन्य शिक्षकों को भी देवेंद्र की कार्यशैली के बारे में बताया। धीरे-धीरे आसपास के विद्यालय भी उससे पुस्तकें मँगवाने लगे। उसका व्यवसाय बढ़ा, लेकिन उसने अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि इसे नहीं माना। उसके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार यह था कि लोग निश्चिंत होकर उस पर भरोसा कर सकते थे।

समय के साथ देवेंद्र ने अपनी दुकान का विस्तार किया। उसने अपने कर्मचारियों को भी यही सीख दी—“ग्राहक से वही वादा करो, जिसे पूरा करने का ईमानदार प्रयास कर सको। यदि कोई कठिनाई आए, तो उसे छिपाने के बजाय समय रहते बता दो। विश्वास दिखावे से नहीं, व्यवहार से बनता है।”

इस प्रकार देवेंद्र ने समझ लिया कि व्यवसाय की असली ताकत केवल सामान, पूँजी या मुनाफा नहीं, बल्कि ईमानदारी और भरोसेमंद व्यवहार भी है।

**प्रेरणा:** विश्वास शब्दों से नहीं, जिम्मेदारी और ईमानदार व्यवहार से कमाया जाता है। कठिनाई आने पर बहाने बनाने के बजाय सच्चाई बताना और समाधान खोजने का प्रयास करना ही चरित्र की वास्तविक पहचान है।

*सदैव प्रसन्न रहिए — जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है — उसके पास समस्त है।*

*देवभूमि JK News | आपका अपना समाचार मंच*

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