देव भूमि जे के न्यूज,देहरादून, 06 अक्टूबर 2026। प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने के मुद्दे को लेकर पत्रकार एवं चिन्हित उत्तराखंड आंदोलनकारी रवीन्द्र नाथ कौशिक ने मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उत्तराखंड राज्य बलिदान स्थल पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। कौशिक ने परगनाधिकारी केंद्रीय देहरादून पर प्रभावित युवक-युवतियों की समस्या के समाधान को लेकर कथित तौर पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
कौशिक का कहना है कि प्रभावित युवक-युवतियों के अनुरोध, उच्चाधिकारियों के निर्देश और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के परामर्श के बावजूद संबंधित अधिकारी अपने रुख में बदलाव नहीं कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जिला प्रशासन द्वारा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 की भावना का भी समुचित पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जारी रिक्तियों के कारण बड़ी संख्या में युवक-युवतियों के प्रमाणपत्रों से जुड़ी समस्या उत्पन्न हुई है। ऐसे में इसका सीधा प्रभाव उन अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है, जो संबंधित प्रमाणपत्रों के आधार पर अपनी नियुक्ति या अन्य अवसरों की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं।
रवीन्द्र नाथ कौशिक ने कहा कि जब तक इस व्यापक प्रभाव वाली समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने अपने चार वर्ष के जमीनी अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि नौकरशाही द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के निर्देशों और जनभावनाओं की अनदेखी किए जाने की स्थिति चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल प्रभावित युवक-युवतियों के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और उनकी भूमिका से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
बलिदान स्थल पर तर्पण के बाद शुरू हुआ अनशन
अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करने से पहले कलेक्ट्रेट स्थित उत्तराखंड राज्य बलिदान स्थल पर उत्तराखंड आंदोलन के बलिदानियों की स्मृति में तर्पण किया गया। पंडित कलश राम सेमवाल के पौरोहित्य तथा उत्तराखंड पुरोहित समाज (पंजीकृत) के अध्यक्ष पंडित हर्षपति घिल्डियाल के संयोजन में तर्पण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके बाद कौशिक ने अनशन शुरू किया।
बताया गया कि इसी बलिदान स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पिछले 111 दिनों से धरना दे रहे हैं। अनशन स्थल पर पहुंचे आंदोलनकारियों और समर्थकों ने कौशिक के आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर पत्रकार-आंदोलनकारी अंबुज शर्मा, पंडित प्रेम बिंजोला, पंडित सुभाष डिमरी, पंडित हर्षपति घिल्डियाल, दीपेन्द्र नौटियाल, लक्ष्मी प्रसाद ममगाई, कृष्णानंद नौटियाल, अनिरुद्ध नौटियाल, राकेश चंद्र गौड, गीता नेगी, उम्मेद चंद रमोला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।







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