आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- एक कदम और….
17 अगस्त 2026 , दिन सोमवार
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आप अपने अंदर भरपूर विश्वास व ऊर्जा महसूस करेंगे। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा तथा अपने सभी कार्यों को समय पर पूरा करने की भी कोशिश करेंगे। सामाजिक दायरा बढेगा। मान – सम्मान में वृद्धि होगी। किसी नजदीकी रिश्तेदार के घर जाने की भी योजना तैयार हो सकती है। समय मनोरंजन तथा हंसी खुशी में व्यतीत होगा। स्वास्थ्य सुधार होगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आपका दिन बेहतरीन रहेगा ।वर्तमान व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार करने के लिए कुछ नई योजनाएं बनेंगी। इस समय बहुत ही उचित ग्रह स्थिति बनी हुई है, इसलिए इन योजनाओं को तुरंत ही क्रियान्वित करें। आर्थिक पक्ष भी मजबूत रहेगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज भाग्य आपके साथ है । आपके रुके हुए राजकीय काम किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से पूरे हो सकते हैं इसलिए प्रयासरत रहें। साथ ही बच्चों की समस्याओं को सुलझाने में भी आपका विशेष योगदान रहेगा व सफलता मिलेगी। और आप श्रेष्ठ अभिभावक भी साबित होंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपका दिन सामान्य रहेगा ।व्यवसाय में गति लाने के लिए कुछ नई नीतियां बनाना जरूरी है। हालांकि वर्तमान नकारात्मक वातावरण की वजह से व्यापार मंद ही हैं। नौकरी में त्योहारों की वजह से कार्यभार की अधिकता रहेगी। धार्मिक विचारधारा सकारात्मक रहेगी । मनोबल बढेगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आप दिन में बीजी रह सकते हैं । घर में कोई विवाह , सगाई या यात्रा संबंधी मांगलिक कार्य संपन्न होने जैसी योजनाएं बनेंगी। तथा खुशी भरा वातावरण व्याप्त रहेगा। घर के सभी सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी निष्ठा से करेंगे। बड़े बुजुर्गों का भी स्नेह व आशीर्वाद बना रहेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपका दिन खुशनुमा रहेगा ।व्यवसायिक गतिविधियां पूर्ववत ही रहेंगी। अपने स्वभाव को नियंत्रित रखना आवश्यक है । जल्दबाजी न करें बनते काम बिगड़ भी सकते हैं। ऐसी ही सावधानी नौकरीपेशा लोगों को अपने ऑफिस में भी चाहिए। आध्यात्मिक विचार बनेंगे व सफलता भी मिलेगी। प्रेम – प्रसंग सोच समझकर करें खतरा है। स्वास्थ्य सही रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपका दिन मन खुश करने वाला रहेगा। कुछ समय से चल रही किसी विशेष कार्य के प्रति आपकी लगन व मेहनत के अप्रत्याशित लाभ प्राप्त होने वाले हैं। अपने काम पर पूरा ध्यान केंद्रित रखें। घर में किसी धार्मिक कार्य के आयोजन संबंधी योजना भी बनेगी। युवा वर्ग कोई उपलब्धि मिलने से गर्व महसूस करेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपका दिन बेहतरीन रहेगा । पब्लिक डीलिंग तथा मीडिया से संबंधित कार्यों में आज विशेष ध्यान दें। क्योंकि इनसे अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है। नौकरी पेशा लोगों के लिए भी ऑफिस का माहौल पॉजिटिव रहेगा। तथा सहयोगियों के साथ संबंध बेहतर बनेंगे। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपकी सकारात्मक विचारधारा दिन को बेहतर बनाएगी । धार्मिक तथा आध्यात्मिक कार्यों के प्रति आपकी आस्था व रुझान बढ़ेगा। जिससे आपके अंदर सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न होगा। आज दिन का अधिकतर समय किसी विशेष कार्य संबंधी योजनाओं को क्रियान्वित करने में व्यतीत होगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आप भाग्य आपके साथ है । कार्यक्षेत्र में आंतरिक रखरखाव तथा नवीनीकरण जैसी योजना बनेगी। इस परिवर्तन में वास्तु सम्मत नियमों का अवश्य उपयोग करें, इससे सकारात्मक ऊर्जा व्याप्त होगी। बड़ो का आशीर्वाद प्राप्त होगा । नौकरीपेशा लोगों का अपने अधिकारियों के साथ किसी बात को लेकर हल्का मनमुटाव हो सकता है। स्वास्थ्य सही रहेगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन बढिया रहेगा । कार्यक्षेत्र में भावुकता की बजाय प्रैक्टिकल तरीके से सबके साथ व्यवहार करें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। सहयोगियों तथा कर्मचारियों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी के कारण खुशनुमा माहौल बनेगा। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपका सकारात्मक दृष्टिकोण किसी भी परिस्थिति में ऊर्जावान व मानसिक रूप से मजबूत बनाकर रखेगा। अगर पुश्तैनी प्रॉपर्टी संबंधी कोई वाद-विवाद चल रहा है, तो उसे हल करने के लिए आज का दिन बहुत ही उचित है। धार्मिक विचार उतपन्न होगे। बच्चों का साथ माहौल खुश बनाएगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।
आज का प्रेरक प्रसंग- एक कदम और….
एक छोटे से गाँव में मोहन नाम का एक साधारण युवक रहता था। उसके पिता किसान थे और घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। मोहन का सपना था कि वह पढ़-लिखकर एक अच्छी नौकरी प्राप्त करे और अपने माता-पिता का जीवन आसान बनाए।
वह रोज़ सुबह खेत के काम में पिता का हाथ बँटाता और रात को देर तक पढ़ाई करता। कई बार थकान इतनी होती कि किताब हाथ में लिए-लिए ही उसकी आँख लग जाती।
कुछ महीनों बाद उसने एक प्रतियोगी परीक्षा दी। उसे पूरा विश्वास था कि इस बार उसका चयन हो जाएगा, लेकिन परिणाम आया तो उसका नाम सफल अभ्यर्थियों की सूची में नहीं था।
मोहन बहुत निराश हुआ। उसने अपनी किताबें एक तरफ रख दीं और पिता से कहा,
“शायद यह मेरे बस की बात नहीं है। मैंने इतनी मेहनत की, फिर भी असफल हो गया।”
पिता ने कोई बड़ी बात नहीं कही। वे उसे अगले दिन खेत पर अपने साथ ले गए।
खेत में गेहूँ की फसल खड़ी थी। पिता ने एक पौधे की ओर इशारा करके पूछा,
“तुम्हें पता है यह पौधा इतना मजबूत कैसे बना?”
मोहन ने कहा, “पानी, मिट्टी और मेहनत से।”
पिता मुस्कुराए और बोले,
“सिर्फ पानी और मिट्टी से नहीं। इसे किसान ने कई बार सूखने से बचाया, तेज धूप में संभाला और समय पर खाद-पानी दिया। अगर एक-दो दिन की परेशानी देखकर किसान खेत छोड़ देता, तो फसल कभी तैयार नहीं होती।”
मोहन चुपचाप सुनता रहा।
पिता ने उसके कंधे पर हाथ रखकर कहा,
“एक परीक्षा में असफल होना तुम्हारी पूरी जिंदगी का फैसला नहीं है। असफलता केवल यह बताती है कि अभी कुछ और सीखना बाकी है।”
उस रात मोहन ने अपनी गलतियाँ लिखीं। उसे पता चला कि उसने कुछ विषयों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था। उसने अपनी तैयारी का तरीका बदला। अब वह केवल घंटों पढ़ने के बजाय समझकर पढ़ने लगा। जो प्रश्न नहीं आते, उन्हें लिखकर अगले दिन शिक्षक से पूछता।
कुछ महीनों बाद उसने दूसरी बार परीक्षा दी।
इस बार भी वह कुछ अंकों से चयन से रह गया।
मोहन को फिर निराशा हुई। लेकिन इस बार उसने किताबें बंद नहीं कीं।
उसने स्वयं से कहा,
“अगर मंजिल एक कदम दूर है, तो मैं वह एक कदम भी जरूर चलूँगा।”
उसने तीसरी बार तैयारी शुरू की। इस बार उसने अपनी कमजोरियों पर विशेष ध्यान दिया। दोस्तों से चर्चा की, पुराने प्रश्नपत्र हल किए और हर सप्ताह अपनी प्रगति जाँची।
तीसरी परीक्षा का परिणाम आया तो मोहन का चयन हो गया।
जब वह खुशी-खुशी घर पहुँचा, तो उसके पिता खेत से लौट रहे थे। मोहन ने उनके पैर छुए और कहा,
“बाबा, आज आपकी वह बात समझ में आ गई—फसल एक दिन में नहीं उगती और सफलता भी एक कोशिश में नहीं मिलती।”
पिता की आँखों में खुशी के आँसू आ गए।
उन्होंने कहा,
“बेटा, मुझे तुम्हारी सफलता से ज्यादा खुशी इस बात की है कि तुम असफल होकर भी रुके नहीं।”
मोहन ने मुस्कुराकर कहा,
“अगर मैं दूसरी असफलता के बाद रुक जाता, तो शायद तीसरी कोशिश की सफलता कभी नहीं देख पाता।”
उस दिन मोहन ने सीखा कि—
असफलता मंजिल का अंत नहीं होती, बल्कि अपनी तैयारी को बेहतर करने का संकेत होती है। कई बार सफलता हमसे बहुत दूर नहीं होती, बस हम उससे पहले ही हार मान लेते हैं।
शिक्षा-
जीवन में असफलता आने पर निराश होकर रुक जाना सबसे बड़ी हार है। मेहनत जरूरी है, लेकिन मेहनत के साथ अपनी गलतियों को पहचानना, रणनीति बदलना और लगातार प्रयास करते रहना भी उतना ही जरूरी है।
याद रखिए—
पहली कोशिश में सफलता न मिले तो रास्ता मत छोड़िए।
कभी-कभी मंजिल बस एक और ईमानदार प्रयास के बाद मिलती है।
*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*







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