देवभूमि जेके न्यूज, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करते हुए उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से ही वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार पाने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में नए अध्याय की शुरुआत है। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान और अनुभव के आधार पर उन्हें अब जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करना है। सफलता के लिए मेहनत, लगन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है। दूसरों की सहायता करना और समाज के लिए उपयोगी कार्य करना ही जीवन में वास्तविक संतुष्टि प्रदान करता है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। यूपीईएस ने पिछले दो दशकों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा एवं उपलब्धियों से उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल तकनीक का है। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को जोड़ने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है। युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए स्टार्टअप, नवाचार और इन्क्यूबेशन सेंटरों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि युवा अपने साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि यह युवाओं की जागरूकता और सामाजिक विषयों के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और देश के विभिन्न हिस्सों से आए अभिभावकों का कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए।
यूपीईएस के इस 24वें दीक्षांत समारोह में कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं।
समारोह में यूकॉस्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष राम के. शर्मा, कुलपति सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।






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