उत्तराखंड

हिम्स जौलीग्रांट में नेत्रदान पखवाड़ा: नुक्कड़ नाटक से जागरूकता, अब तक 600 से अधिक लोगों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

डोईवाला, 31 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट में इन दिनों चल रहे राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत सोमवार को…

हिम्स जौलीग्रांट में नेत्रदान पखवाड़ा: नुक्कड़ नाटक से जागरूकता, अब तक 600 से अधिक लोगों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

डोईवाला, 31 अगस्त 2026 — देवभूमि जेके न्यूज़ डेस्क

हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट में इन दिनों चल रहे राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत सोमवार को ऑप्टोमेट्री के छात्र-छात्राओं ने अस्पताल की ओपीडी में नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। नाटक के ज़रिए मरीजों और उनके तीमारदारों को यह संदेश दिया गया कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी ज़रूरतमंद की ज़िंदगी में रोशनी ला सकता है।

ओपीडी में चल रहा जागरूकता अभियान

पखवाड़े के दौरान हिम्स में लगातार जागरूकता कार्यक्रम हो रहे हैं। ओपीडी में आने वाले लोगों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी देकर उन्हें संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सोमवार का विशेष कार्यक्रम नेत्र रोग विभाग की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अभिनय के माध्यम से इस विषय को सरल और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया।

300 से अधिक मरीजों को मिल चुकी है दृष्टि

नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हर्ष बहादुर ने बताया कि हिम्स में अब तक 600 से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प ले चुके हैं, और संस्थान के आई बैंक के माध्यम से कॉर्नियल अंधता से पीड़ित 300 से अधिक मरीजों की दृष्टि कॉर्निया प्रत्यारोपण से सफलतापूर्वक लौटाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि समाज में नेत्रदान को लेकर अभी भी कई भ्रांतियां हैं और जागरूकता की कमी है; ऐसे कार्यक्रमों से सही जानकारी देकर इन भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है। उनके अनुसार जागरूकता बढ़ाना सामूहिक ज़िम्मेदारी है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।

वरिष्ठ ऑप्टोमेट्रिस्ट सुबोध गुप्ता ने लोगों से नेत्रदान की प्रक्रिया को समझने और अधिक से अधिक लोगों को इस नेक काम से जोड़ने की अपील की। कार्यक्रम में डॉ. सुकीर्ति, नीलम तिवारी, सुबोध और आशीष ने भी नेत्रदान से जुड़ी जानकारी साझा की। ओपीडी में मौजूद लोगों ने नाटक देखा और कई ने मौके पर ही सवाल पूछकर जानकारी ली।

आप कैसे कर सकते हैं नेत्रदान का संकल्प

नेत्रदान का संकल्प जीवित रहते हुए लिया जाता है, और वास्तविक दान मृत्यु के बाद कुछ घंटों के भीतर होता है। देहरादून-ऋषिकेश क्षेत्र के लोग हिम्स जौलीग्रांट के आई बैंक या किसी भी मान्यता प्राप्त नेत्र बैंक से संपर्क कर संकल्प पत्र भर सकते हैं। सबसे ज़रूरी बात यह है कि अपने परिवार को अपने संकल्प के बारे में बताएं, क्योंकि मृत्यु के बाद परिजनों की सहमति ही दान को संभव बनाती है।

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