देवभूमि जेके न्यूज,डोईवाला, 11 सितंबर 2026।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एसएमएस) की पहल पर ‘प्रिंसिपल कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “शेपिंग टुमॉरो बिगिन्स टुडे” यानी भविष्य का निर्माण आज से शुरू होता है रखी गई।
कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से 70 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षाविदों ने भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों की स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय और करियर तक की यात्रा को बेहतर बनाने पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों की नई जरूरतों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास तथा स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच बेहतर तालमेल जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
उद्घाटन सत्र में निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखंड विनोद प्रसाद सेमल्टी मुख्य अतिथि और मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून गोविंद राम जायसवाल विशिष्ट अतिथि रहे। एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा और कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल सहित शिक्षा जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच बेहतर तालमेल पर जोर-
कॉन्क्लेव में दो पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए। इनमें प्रधानाचार्यों और शिक्षा विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के समग्र विकास, करियर चयन, कौशल विकास और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच लगातार संवाद और सहयोग जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और करियर के बेहतर अवसर मिल सकें।
एसआरएचयू की ‘लाइफ का कंपस’ सोच के तहत इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा केवल डिग्री या नौकरी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और जीवन के उद्देश्य के अनुसार सही दिशा चुनने में सक्षम बनाना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
तकनीक के बेहतर इस्तेमाल की जरूरत-
एसएमएस की निदेशक डॉ. तरुणा गौतम ने कहा कि इस पहल के माध्यम से प्रदेश के स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों को एक साझा मंच मिला है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की दिशा तय करने के लिए ऐसे संवाद जरूरी हैं।
निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद प्रसाद सेमल्टी ने कहा कि स्कूल और उच्च शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल समय की आवश्यकता है। ऐसे मंच विद्यार्थियों के हित में नए अवसर और सहयोग के रास्ते खोलते हैं।
एसआरएचयू अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि स्कूल और विश्वविद्यालय के बीच मजबूत समन्वय से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर और सही मार्गदर्शन मिल सकता है।
सीईओ देहरादून गोविंद राम जायसवाल ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा में नए दृष्टिकोण और कौशल को शामिल करना जरूरी है। स्कूल और विश्वविद्यालय मिलकर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकते हैं।
एसआरएचयू कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि आज की शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है और स्कूलों के साथ साझेदारी से उनकी शैक्षणिक यात्रा को बेहतर दिशा दी जा सकती है।
वहीं सलाहकार एपी परिगी ने शिक्षा में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और अनुभव को बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में डॉ. विजेंद्र चौहान, एपी परिगी, डॉ. तरुणा गौतम और प्रिंसिपल डॉ. ऋत्विक दूबे सहित अन्य शिक्षाविद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अपूर्व त्रिवेदी और डॉ. श्वेता सेठी ने किया।







0 Comments