**देवभूमि जे के न्यूज,ऋषिकेश।**
निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी (एनजीए), खैरी कलां में आयोजित 14वीं अंतरसदनीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता एवं कला-शिल्प प्रदर्शनी का गुरुवार को उत्साह, उमंग और भव्यता के साथ समापन हुआ। कई दिनों तक चले इस खेल महोत्सव में विद्यालय के नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए लव सदन ने ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि सर्वश्रेष्ठ मार्च पास्ट का खिताब प्रहलाद सदन को मिला। खेल महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और कलात्मक कौशल भी देखने को मिला।
यह भव्य आयोजन विद्यालय के संस्थापक परम पूज्य महंत बाबा राम सिंह महाराज की कृपा तथा संरक्षक संत बाबा जोध सिंह महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि मनदीप सिंह ग्रेवाल, महासचिव, बास्केटबॉल एसोसिएशन उत्तराखंड, विशिष्ट अतिथि अरुण सिंह, नेशनल कोच, इंडिया पैराशूटिंग टीम एवं फाउंडर डायरेक्टर, बुल्स आई शूटिंग अकादमी तथा अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी एवं पैरा नेशनल अवॉर्डी साक्षी चौहान की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
समारोह का शुभारंभ विद्यालय के चारों सदनों प्रहलाद, श्रवण, लव एवं कुश के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मार्च पास्ट से हुआ। अनुशासित कदमताल, एकरूपता और उत्साह के साथ विद्यार्थियों ने मुख्य अतिथि को सलामी दी। इस दौरान खेल कप्तान दिव्यांशु नौटियाल एवं गायत्री सिकदर ने खेल मशाल प्रज्ज्वलित की। इसके बाद चारों सदनों के क्रीड़ा प्रमुखों ने मशाल लेकर खेल मैदान का चक्कर लगाया और निर्धारित स्थान पर उसे स्थापित किया। मुख्य अतिथि द्वारा खेल प्रतियोगिता के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की गई। इसके साथ ही रंग-बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर खेल महोत्सव के उत्साह और उमंग को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया।
समारोह में विद्यार्थियों ने खेलों के साथ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रतिभा का भी शानदार परिचय दिया। शबद कीर्तन की भक्तिमय प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। वहीं ‘राम आएंगे’ भजन पर आधारित आकर्षक क्लैप पीटी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। गणेश नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति, दीपावली थीम पर हुलाहूप नृत्य और शिव स्तुति पर आधारित योग प्रदर्शन ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और शारीरिक स्वास्थ्य का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों द्वारा कराटे एवं मार्शल आर्ट का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसमें आत्मरक्षा की तकनीकों और शारीरिक दक्षता का परिचय मिला। इन प्रस्तुतियों पर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और दर्शकों ने तालियां बजाकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय के खेल प्रमुख दिनेश पैन्यूली ने प्रतियोगिताओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खेल महोत्सव में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर और 1600 मीटर दौड़ जैसी विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाएं आयोजित की गईं। इसके साथ ही 4×200 मीटर रिले रेस, साइकिल रेस, जैवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो, शॉटपुट, लंबी कूद और ऊंची कूद में भी विद्यार्थियों ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
छोटे बच्चों के उत्साह को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए विशेष फन रेस आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया। मैदान में बच्चों की दौड़, उनकी मासूम प्रतिस्पर्धा और जीतने की खुशी ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं वरिष्ठ विद्यार्थियों के बीच आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
खेल महोत्सव का विशेष आकर्षण टग ऑफ वार प्रतियोगिता रही। इस रोमांचक स्पर्धा में प्रतिभागियों ने सामूहिक शक्ति, तालमेल, धैर्य और टीम भावना का परिचय दिया। वरिष्ठ बालिका वर्ग में लव सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बालक वर्ग में श्रवण सदन विजेता रहा। दोनों वर्गों के मुकाबलों में खिलाड़ियों का उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना देखने लायक रही।
प्रतियोगिता के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष सम्मान प्रदान किए गए। सर्वश्रेष्ठ एथलीट सम्मान के अंतर्गत वरिष्ठ बालिका वर्ग में प्रहलाद सदन की जाह्नवी कुमारी, वरिष्ठ बालक वर्ग में कुश सदन के दक्ष चौहान, कनिष्ठ बालिका वर्ग में प्रहलाद सदन की प्रांशी तथा कनिष्ठ बालक वर्ग में अंश को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया। इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, निरंतर अभ्यास और उत्कृष्ट प्रदर्शन से यह उपलब्धि हासिल की। सर्वश्रेष्ठ मार्च पास्ट ट्रॉफी प्रहलाद सदन ने प्राप्त की, जबकि पूरे खेल महोत्सव में विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए लव सदन ने ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कला एवं शिल्प प्रदर्शनी भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, रचनात्मक सोच, कलात्मक अभिरुचि और मेहनत की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने विभिन्न कलाकृतियों और शिल्प सामग्रियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए बच्चों की रचनात्मकता और उनके प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम में अध्यापिकाओं की साइकिल रेस भी विशेष आकर्षण रही। इस स्पर्धा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। साइकिल को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी दी गई।
समारोह के मुख्य अतिथि मनदीप सिंह ग्रेवाल ने अपने संबोधन में कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों में भागीदारी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि अरुण सिंह ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि किसी भी खेल में सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित अभ्यास, धैर्य और अनुशासन बेहद जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी एवं पैरा नेशनल अवॉर्डी साक्षी चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि खेल के मैदान में जीत और हार दोनों का अपना महत्व है। हार से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। असफलता व्यक्ति को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें सुधारने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर परम पूज्य महाराज जी द्वारा मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को सिरोपा, स्मृति चिह्न और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों, कर्मचारियों और सहयोगियों को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सिरोपा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वालों में विद्यालय के क्रीड़ा विभागाध्यक्ष दिनेश पैन्यूली, कार्यालय प्रमुख विनोद बिजल्वाण, विद्यालय समन्वयक सोहन सिंह कैंतुरा, शिक्षिका सरबजीत कौर, क्रीड़ा शिक्षिका पूनम चौहान, मंच संचालक ज्योति पंवार एवं अमित राणा, संगीत विभाग से गुरजिंदर सिंह, दीपमाला कोठियाल एवं प्रदीप, योग शिक्षिका रजनी श्रीकोटि, कला शिक्षिका पूजा भारती तथा सिविल विभाग से कुलदीप सिंह रावत शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट इंचार्ज सरदार शमशेर सिंह तथा विद्यालय के पूर्व छात्र हर्षप्रीत सिंह एवं वंशिका कंडवाल को कार्यक्रम में विशेष सहयोग प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं ललित कुमार, रविंद्र सिंह एवं अनिरुद्ध को भी उनकी सराहनीय सेवाओं और सहयोग के लिए सम्मान प्रदान किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी सम्मानित व्यक्तियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता सामूहिक प्रयास, समर्पण और बेहतर समन्वय से ही संभव होती है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन में अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाध्यापिका अमृतपाल डंग ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्रीड़ा विभागाध्यक्ष दिनेश पैन्यूली सहित सभी विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष योगदान की सराहना की। साथ ही विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए अन्य प्रतिभागियों को भी भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
पूरे कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन ज्योति पंवार एवं अमित राणा ने संयुक्त रूप से किया। दोनों मंच संचालकों ने विभिन्न प्रस्तुतियों, खेल उपलब्धियों और सम्मान समारोह को सुंदर ढंग से जोड़ते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर मंजीत सिंह (पूर्व मैनेजर, पीएसबी श्यामपुर), अजय शर्मा (जनरल मैनेजर, एनईआई), ललिता कृष्णास्वामी (प्रधानाचार्या, एनडीएस), नीरू अरोड़ा (हेडमिस्ट्रेस), ओम प्रकाश गुप्ता (हॉकी कोच), पूर्व वायुसेना अधिकारी डी.पी. रतूड़ी, चमन पोखरियाल, कल्पना बलोदी, आरती, कुलभूषण सिंह, नरेंद्र सिंह, हरविंदर सिंह, बॉबी, सरदार निर्मल सिंह, गौरव त्रिपाठी, विनोद कुमार और निर्मला रावत सहित अनेक गणमान्य अतिथि, अभिभावक एवं विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
एनजीए का 14वां वार्षिक खेल महोत्सव विद्यार्थियों के लिए केवल प्रतिस्पर्धा का मंच नहीं रहा, बल्कि इसने खेलों के माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व, सहयोग, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जैसे जीवनोपयोगी गुणों को अपनाने का संदेश भी दिया। खेल मैदान में खिलाड़ियों के उत्साह, कला प्रदर्शनी में बच्चों की रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भारतीय परंपराओं की झलक ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। लव सदन की ओवरऑल चैंपियनशिप के साथ संपन्न हुआ यह महोत्सव विद्यालय की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के संतुलित समन्वय का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।






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