ऋषिकेश, 27 अक्टूबर। निर्मल आश्रम दीपमाला पब्लिक स्कूल के प्रांगण में मंगलवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की ओर से विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। शिविर का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारियों और सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूक करना था।
शिविर में मुख्य अतिथि सिविल जज, सीनियर डिवीजन विनोद कुमार बर्मन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यौन शोषण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियां दीं। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 के तहत बच्चों के हितों और उनके बेहतर भविष्य के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को अनुशासित जीवन अपनाने, गलत संगति से बचने और आधुनिक गैजेट्स की अनावश्यक लत से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
विनोद कुमार बर्मन ने बताया कि कानून बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए बनाए गए हैं। इसलिए बच्चों को कानून की जानकारी होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या शोषण की स्थिति में उचित सहायता लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
शिविर में श्यामपुर चौकी प्रभारी सुमित चौधरी ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत बच्चों के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। नशे के कारण कई बार बच्चे आपराधिक गतिविधियों की ओर भी बढ़ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी।
सुमित चौधरी ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बच्चों को अपनी व्यक्तिगत जानकारियां, तस्वीरें और अन्य संवेदनशील विवरण सोशल मीडिया पर साझा करने से बचने की सलाह दी। साथ ही अनजान लोगों से ऑनलाइन दोस्ती करने, संदिग्ध लिंक खोलने और इंटरनेट पर किसी के बहकावे में आने से सतर्क रहने के लिए कहा।
इस अवसर पर देहरादून की चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर मीना खोरोला ने बच्चों को ‘अच्छे और बुरे स्पर्श’ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि बच्चों को अपने शरीर की व्यक्तिगत सीमाओं को समझना चाहिए और किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए। बच्चों को भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या संबंधित सहायता सेवा को इसकी जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन नहीं चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए भी जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवार, विद्यालय, पुलिस और समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्य ललिता कृष्णा स्वामी ने मुख्य अतिथि विनोद कुमार बर्मन, सुमित चौधरी और शिवम कक्कड़ को विद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न एवं उपहार स्वरूप पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में अधिवक्ता शिवम कक्कड़, विधिक प्राधिकरण के सदस्य, सीनियर समन्वयक मुकुल तायल, शामी पैन्यूली, शिक्षकगण एवं सहायक कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, नशामुक्त जीवन और डिजिटल दुनिया में सतर्कता का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।







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