देवभूमि जे के न्यूज ,देहरादून। पहाड़ों की संस्कृति, साहित्य और युवाओं में पढ़ने-लिखने की आदत को बढ़ावा देने वाली संस्था क्रिएटिव उत्तराखंड की ओर से 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘देहरादून किताब कौतिक’ पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा। शनिवार को आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए दून पुस्तकालय के एम्फी थिएटर में विशेष परिचर्चा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन समिति का गठन किया गया।
‘आओ, दोस्ती करें किताबों से’ संदेश के साथ आयोजित होने वाले इस 16वें किताब कौतिक में करीब 75 प्रकाशकों की 80 हजार पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध रहेंगी। पुस्तक मेले के दौरान साहित्यिक परिचर्चा, लेखकों से सीधी बातचीत, करियर काउंसलिंग, काव्य गोष्ठी, बाल लेखन कार्यशाला और सांस्कृतिक संध्याओं सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के संयोजक हेम पंत ने बताया कि क्रिएटिव उत्तराखंड की ओर से अब तक उत्तराखंड के विभिन्न कस्बों और शहरों में 15 सफल किताब कौतिक आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें टनकपुर, बैजनाथ, चंपावत, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, भीमताल, नानकमत्ता, रानीखेत, नई टिहरी, पंतनगर, गैरसैंण और डीडीहाट सहित कई स्थान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून किताब कौतिक दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के हॉल, ओपन थिएटर और गलियारे में आयोजित किया जाएगा।
हेम पंत ने कहा, “किताब कौतिक का मकसद देहरादून में 80 हजार पुस्तकें लाना नहीं है, बल्कि हमारे युवाओं के मन में जिज्ञासा, रचनात्मकता और पढ़ने की आदत का बीज बोना है।”
किताब कौतिक में साहित्यिक गतिविधियों के साथ बच्चों के लिए विज्ञान कोना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेचर वॉक, साहसिक खेल, पपेट निर्माण, भाषा-संस्कृति और वॉल पेंटिंग कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। आमंत्रित कलाकारों की सांस्कृतिक संध्याएं, हस्तशिल्प स्टॉल और स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजन का हिस्सा होंगी। देशभर से साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और रंगकर्मी देहरादून पहुंचेंगे।
आयोजन से एक सप्ताह पहले देहरादून के विभिन्न स्कूलों के बच्चों के लिए ‘पांच दिवसीय बालप्रहरी बाल लेखन कार्यशाला’ आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चे स्वयं हस्तलिखित पुस्तकें तैयार करेंगे। इन स्वनिर्मित पुस्तकों का स्टॉल भी किताब कौतिक के दौरान बच्चों द्वारा लगाया जाएगा। इसके अलावा विषय विशेषज्ञों के साथ विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए करियर काउंसलिंग सत्र, काव्य गोष्ठी और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
विशेष परिचर्चा बैठक में हेम पंत, दयाल पांडे, भारती पांडे, प्रवीन कुमार भट्ट, रमाकांत बेंजवाल, बीना बेंजवाल, हेमा तिवारी, देवेश जोशी, प्रेम पंचोली, मनोज पांडे, दीप्ति भट्ट और प्रोफेसर शशि सहित विभिन्न साहित्यकार, शिक्षक, शोधार्थी, रंगकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार मौजूद रहे।







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