उत्तराखंड

मां की अंतिम इच्छा का सम्मान: मधु जैन के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी.

देवभूमि जे के न्यूज़,ऋषिकेश, 27 अक्टूबर।* मानवता और सेवा भावना की प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए सहारनपुर निवासी मधु जैन (72) के निधन के बाद उनके परिजनों ने…

देवभूमि जे के न्यूज़,ऋषिकेश, 27 अक्टूबर।*

मानवता और सेवा भावना की प्रेरणादायक मिसाल पेश करते हुए सहारनपुर निवासी मधु जैन (72) के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान कराया। पुत्र नितिन जैन ने अपनी माता की इच्छा का सम्मान करते हुए उनके नेत्रदान का निर्णय लिया। गोपाल नारंग के माध्यम से निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान को सूचना दी गई, जिसके बाद संस्थान की टीम ने आवास पर पहुंचकर सफलतापूर्वक कॉर्निया प्राप्त किए। इस नेत्रदान से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को दुनिया देखने का अवसर मिल सकेगा।

27 अक्टूबर 2026 को मधु जैन के निधन के बाद उनके पुत्र नितिन जैन ने अपनी माता की इच्छा को पूरा करने के लिए नेत्रदान की पहल की। सूचना मिलने पर निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान की टीम से डॉ. अमनजोत सिंह और मक्रेंदु उनके आवास पर पहुंचे और नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

परिवार के इस निर्णय ने समाज के सामने मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की अनुकरणीय मिसाल पेश की। नेत्रदान के माध्यम से दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगेगी और उन्हें दृष्टि प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।

निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान प्रशासन ने परिवार की सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता की सराहना की। संस्थान ने कहा कि नेत्रदान महादान है। मृत्यु के बाद किया गया यह पुनीत कार्य किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में उजाला ला सकता है।

**नेत्रदान के लिए जरूरी जानकारी**

मृत्यु के छह घंटे के भीतर नेत्रदान के लिए संबंधित संस्थान से संपर्क करना चाहिए। इस दौरान मृतक की आंखें बंद रखें, पलकों पर साफ गीली रूई रखें और कमरे का पंखा बंद कर दें। संभव हो तो एयर कंडीशनर चालू रखें तथा सिर के नीचे तकिया रखें। समय पर सूचना मिलने से नेत्रदान की प्रक्रिया में सहायता मिलती है।

**नेत्रदान के लिए संपर्क करें:** +91-9837607526

संस्थान ने आमजन से अपील की कि वे नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आएं, ताकि जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाई जा सके।

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