देवभूमि जेके न्यूज, ऋषिकेश ,9 सितंबर 2026, बुधवार-
ऋषिकेश में बुधवार को एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने हर किसी को आश्चर्यचकित कर दिया। गीता नगर गली नंबर-5 निवासी सहीराम के निधन की सूचना के बाद परिजन उनकी अंतिम यात्रा की तैयारियों में जुट गए थे। उनके समधी यादव ने ऋषिकेश मुक्तिधाम का अंतिम यात्रा वाहन शाम करीब 4 बजे के लिए बुक कराया था। साथ ही अंतिम संस्कार की धार्मिक प्रक्रिया के लिए पंडित जी की व्यवस्था करने को भी कहा गया था।
बताया जा रहा है कि इसी बीच करीब 2:30 बजे मृतक सहीराम के पुत्र का फोन आया। परिजनों के अनुसार, जब वे शव को एंबुलेंस से लेकर जा रहे थे, तभी श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास सड़क पर वाहन को जोरदार झटका लगा। इसके बाद परिजनों ने देखा कि सहीराम ने आंखें खोल दीं।
घटना के बाद परिजनों में अचानक उम्मीद की किरण जगी। उन्हें तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार शुरू किया गया।
इस घटना की जानकारी जैसे ही शहर में फैली, ऋषिकेश में इसकी खूब चर्चा होने लगी। स्थानीय लोग इसे आश्चर्यजनक घटना बता रहे हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
हालांकि, सहीराम की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति और पहले उन्हें मृत घोषित किए जाने का आधार क्या था, इसकी पुष्टि चिकित्सकों या अस्पताल की आधिकारिक जानकारी से ही हो सकेगी। फिलहाल सहीराम एम्स में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी स्थिति की जांच एवं उपचार कर रहे हैं।
सड़क के गड्ढों को अक्सर लोग आफत मानते हैं, लेकिन इस घटना के संदर्भ में परिजन और स्थानीय लोग भावनात्मक रूप से यह कह रहे हैं कि जिस सड़क के गड्ढे को हम आफत कहते हैं, वही सहीराम जी के लिए संजीवनी बन गया।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि सहीराम एम्स में चिकित्सकों की निगरानी में हैं और परिवार उनके शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहा है।







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