देवभूमि जे के न्यूज,ऋषिकेश, 14 सितंबर 2026। नाबालिग से दुष्कर्म करने और उसके आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर सार्वजनिक करने की धमकी देने के गंभीर मामले में ऋषिकेश पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को नेहरूग्राम स्थित उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को गंगानगर, ऋषिकेश निवासी महिला ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री को अखिलेश नामक युवक ने तपोवन बुलाया और कथित तौर पर नशीला पदार्थ देने के बाद होटल के कमरे में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती की। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बनाए तथा उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के बाद आरोपी लगातार फोन और मैसेज के माध्यम से पीड़िता पर मिलने के लिए दबाव बना रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 411/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2)/64, पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4, 13/14 तथा बाल किशोर न्याय अधिनियम की धारा 77 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश ने पुलिस टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की।
विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर पुलिस आरोपी अखिलेश उर्फ अक्की की तलाश में जुटी थी। 13 सितंबर 2026 को पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने घर पर मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल नेहरूग्राम स्थित आरोपी के घर पहुंचकर घर के बाहर से अखिलेश उर्फ अक्की को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को उसके विरुद्ध दर्ज अपराध से अवगत कराते हुए नियमानुसार शाम 6:15 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी गई। आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी:
अखिलेश उर्फ अक्की पुत्र स्व. जितेन्द्र नौटियाल, निवासी लेन नंबर-05, इन्द्रानगर, नेहरूग्राम, थाना ऋषिकेश, जनपद देहरादून, उम्र 20 वर्ष।
पुलिस टीम:
निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, महिला उपनिरीक्षक सीमा राघव, कांस्टेबल 787 दिनेश महर और कांस्टेबल 886 संदीप छावड़ी।







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