उत्तराखंड

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -रिटायरमेंट*


*आज का पञ्चांग*

*दिनाँक:-11/06/2025,बुधवार*
*पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष,*
*ज्येष्ठ*
(समाप्ति काल)

तिथि———– पूर्णिमा 13:12:38 तक
पक्ष————————– शुक्ल
नक्षत्र————- ज्येष्ठा 20:09:40
योग————– साध्य 14:02:33
करण————— बव 13:12:38
करण———– बालव 25:52:48
वार————————- बुधवार
माह————————— ज्येष्ठ
चन्द्र राशि—– वृश्चिक 20:09:40
चन्द्र राशि——————– धनु
सूर्य राशि—————— वृषभ
रित————————– ग्रीष्म
आयन——————– उत्तरायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————— 5126
सूर्योदय—————- 05:24:33
सूर्यास्त—————– 19:13:24
दिन काल————– 13:48:50
रात्री काल————– 10:11:11
चंद्रास्त—————– 05:43:45
चंद्रोदय—————– 19:36:20
लग्न —- वृषभ 26°8′ , 56°8′
सूर्य नक्षत्र—————— मृगशिरा
चन्द्र नक्षत्र——————- ज्येष्ठा
नक्षत्र पाया——————– ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

या—- ज्येष्ठा 07:07:59

यी—- ज्येष्ठा 13:39:32

यू—- ज्येष्ठा 20:09:40

ये—- मूल 26:38:24

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= वृषभ 26°49, मृगशिरा 1 वे
चन्द्र= वृश्चिक 22°30 , ज्येष्ठा 2 या
बुध = मिथुन 09°52 ‘ आर्द्रा 1 कु
शु क्र= मेष 10°05, अश्विनी 4 ला
मंगल= सिंह 02°30 ‘ मघा 1 मा
गुरु=मिथुन 06°30 मृगशिरा, 4 की
शनि=मीन 06°48 ‘ उ o भा o , 2 थ
राहू=(व) कुम्भ 28°50 पू o भा o, 3 दा
केतु= (व) सिंह 28°50 उ oफा o 1 टे
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 12:19 – 14:03 अशुभ
यम घंटा 07:08 – 08:52 अशुभ
गुली काल 10:35 – 12:19 अशुभ
अभिजित 11:51 – 12:47 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:51 – 12:47 अशुभ
प्रदोष 19:13 – 21:17 शुभ

🚩गंड मूल अहोरात्र. अशुभ

💮चोघडिया, दिन
लाभ 05:25 – 07:08 शुभ
अमृत 07:08 – 08:52 शुभ
काल 08:52 – 10:35 अशुभ
शुभ 10:35 – 12:19 शुभ
रोग 12:19 – 14:03 अशुभ
उद्वेग 14:03 – 15:46 अशुभ
चर 15:46 – 17:30 शुभ
लाभ 17:30 – 19:13 शुभ

🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 19:13 – 20:30 अशुभ
शुभ 20:30 – 21:46 शुभ
अमृत 21:46 – 23:03 शुभ
चर 23:03 – 24:19* शुभ
रोग 24:19* – 25:35* अशुभ
काल 25:35* – 26:52* अशुभ
लाभ 26:52* – 28:08* शुभ
उद्वेग 28:08* – 29:25* अशुभ

💮होरा, दिन
बुध 05:25 – 06:34
चन्द्र 06:34 – 07:43
शनि 07:43 – 08:52
बृहस्पति 08:52 – 10:01
मंगल 10:01 – 11:10
सूर्य 11:10 – 12:19
शुक्र 12:19 – 13:28
बुध 13:28 – 14:37
चन्द्र 14:37 – 15:46
शनि 15:46 – 16:55
बृहस्पति 16:55 – 18:04
मंगल 18:04 – 19:13

🚩होरा, रात
सूर्य 19:13 – 20:04
शुक्र 20:04 – 20:55
बुध 20:55 – 21:46
चन्द्र 21:46 – 22:37
शनि 22:37 – 23:28
बृहस्पति 23:28 – 24:19
मंगल 24:19* – 25:10
सूर्य 25:10* – 26:01
शुक्र 26:01* – 26:52
बुध 26:52* – 27:43
चन्द्र 27:43* – 28:34
शनि 28:34* – 29:25

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

वृषभ > 03:52 से 05:12 तक
मिथुन > 05:12 से 08:04 तक
कर्क > 08:04 से 10:16 तक
सिंह > 10:16 से 12:32 तक
कन्या > 12:32 से 14:48 तक
तुला > 14:48 से 17:00 तक
वृश्चिक > 17:00 से 19:24 तक
धनु > 19:24 से 21:34 तक
मकर > 21:34 से 23:18 तक
कुम्भ > 23:18 से 00:36 तक
मीन > 00:36 से 01:58 तक
मेष > 01:58 से 03:50 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो इलायची अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 4 + 1 = 20 ÷ 4 = 0 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

चंद्र ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष

श्मशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*पूर्णमासी*

*जगन्नाथ स्नान यात्रा प्रारंभ*

*गुरु गोरखनाथ जयंती*

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रुसंकटे ।
राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः ।।
।।चाo नीo।।

अच्छा मित्र वही है जो हमे निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं त्यागे:
आवश्यकता पड़ने पर,
किसी दुर्घटना पड़ने पर,
जब अकाल पड़ा हो,
जब युद्ध चल रहा हो,
जब हमे राजा के दरबार मे जाना पड़े,
और जब हमे समशान घाट जाना पड़े।

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18

बुद्धेर्भेदं धृतेश्चैव गुणतस्त्रिविधं श्रृणु।
प्रोच्यमानमशेषेण पृथक्त्वेन धनंजय॥

हे धनंजय ! अब तू बुद्धि का और धृति का भी गुणों के अनुसार तीन प्रकार का भेद मेरे द्वारा सम्पूर्णता से विभागपूर्वक कहा जाने वाला सुन
॥29॥

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

🐂वृष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा।

👫मिथुन
धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। थकान रहेगी।

🦀कर्क
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा। विवाद न करें। यात्रा में अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। अधीनस्थों की ओर ध्यान दें। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

🐅सिंह
दूसरों से अपेक्षा न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम न लें। विवाद से बचें। राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। वाणी पर संयम रखें।

🙍‍♀️कन्या
किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें।

⚖️तुला
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम न लें। व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। योजनाएं फलीभूत होंगी।

🦂वृश्चिक
संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा न करें।

🏹धनु
समय ठीक नहीं है। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। लेन-देन में सावधानी रखें। विवाद न करें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें।

🐊मकर
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम न उठाएं। संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।

🍯कुंभ
नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें।

🐟मीन
धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*

1️⃣1️⃣💎0️⃣6️⃣💎2️⃣0️⃣2️⃣5️⃣

*🔥 आज की प्रेरणा प्रसंग 🔥*

*🌹 रिटायरमेंट 🌹*

तक़रीबन 26 साल नौकरी करने के बाद सुरेश बाबू इसी महीने रिटायर होने वाले थे। वे एक प्राइवेट कंपनी में आदेशपाल (चपरासी ) के पद पर कार्यरत थे।एक तरफ़ जहाँ सुरेश जी को इस बात का सुकून था कि चलो अब तो एक खड़ूस, बत्तमीज औऱ क्रूर बॉस से छुटकारा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उन्हें इस बात की भी चिंता सता रही थी कि रिटायरमेंट के बाद अब उनका समय कैसे बीतेगा औऱ उनपर जो जबरदस्त आर्थिक जिम्मेदारी है, उसका निर्वहन वे कैसे करेंगे…….??
दरअसल सुरेश बाबू को एक मात्र लड़की थी जिसकी पढ़ाई औऱ फ़िर ब्याह की चिंता उन्हें खाए जा रही थी। रिटायमेंट के बाद इस महंगाई में घर के ख़र्च के साथ साथ बेटी की शादी उनके लिए एक बड़ी चुनौती से कम न थी।ऊपर से उनकी बीमार पत्नी के इलाज़ का ख़र्च अलग से मुँह बाए खड़ा था। हालांकि लगभग 60 कर्मचारियों वाले उस दफ़्तर में अपने सुप्रीम बॉस सहित कुछ लोगों के बुरे बर्ताव के कारण वे मन ही मन बड़े दुखी रहते थे। फ़िर भी जब महीने की एक तारीख़ को उनके हाथों पर उनकी तनख्वाह आ जाती थी तब उनका सारा दुख दर्द फ़ुर्र हो जाता था। सुरेश बाबू ख़ुद भी शारीरिक रूप से दुरुस्त न थे। उनकी याददाश्त तो कुछ कमजोर हो ही चली थी, उनका अब हांथ भी कांपने लगा था। न चाहते हुए भी कुछ न कुछ गलती अक़्सर उनसे भी हो ही जाती थी। वे क़भी दफ़्तर की सफ़ाई करना भूल जाते तो क़भी चाय में चीनी डालना। कभी कभार तो गंदे ग्लास से ही किसी कर्मचारी को पानी पिला देते थे जिसके लिए उन्हें कुछ न कुछ भला बुरा सुनना पड़ता था। फ़िर भी सब कुछ चलते जा रहा था।
आख़िरकार वो दिन भी आ ही गया- जिस दिन सुरेश बाबू का दफ़्तर में आख़री दिन था। सुरेश जी वक़्त से कुछ पहले ही दफ़्तर पहुँच कर अपने नियमित कार्य में जुट गए। सबकुछ रोज़ की ही तरह था, बस आज दफ़्तर में ख़ामोशी कुछ ज़्यादा थी।
शाम में जब आख़री बार दफ़्तर से घर जाने का वक़्त हुआ तो सुरेश बाबू ने टूटे मन से सोचा कि अंतिम बार खड़ूस बॉस के केबिन में जाकर उससे मिल लिया जाए- लेकिन उन्हें बताया गया- कि अन्य कर्मचारियों के साथ बॉस एक जरुरी मीटिंग कर रहे हैं, फ़िलहाल उन्हें कुछ देर इंतज़ार करना होगा। दो घंटे इंतज़ार के बाद भी जब मीटिंग ख़त्म नहीं हुई तो सुरेश बाबू मन ही मन चिढ़ गए औऱ बॉस को कोसने लगे… साला क्या अहंकारी आदमी है, सिर्फ़ एक मिनट के लिए मुझें बुलाकर मिल लेता … अकड़ू साला।
अंत में मायूस होकर सुरेश बाबू ने बिना बॉस से मिले ही अपने घर लौटने का मन बना लिया,ठीक तभी किसी ने आवाज़ दी,साहब तुम्हें बुला रहे हैं ।
सुरेश बाबू झटपट अंदर दाख़िल हुए- लेकिन बॉस के केबिन का नज़ारा कुछ बदला- बदला सा था। सुरेश जी को देखते ही सभी कर्मचारियों ने ज़ोर से ताली बजाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया । फ़िर बॉस ने मेज़ पर रखे एक केक को काटने के लिए सुरेश जी को धीरे से इशारा किया।
पार्टी समाप्ति के बाद अब बॉस ने बोलना शुरु किया। सुरेश, हम सब ने आज मिलकर सामुहिक रूप से ये फैसला लिया है कि तुम्हें फ़िलहाल नौकरी से कार्यमुक्त न किया जाए औऱ तुम्हारी सेवाएं पहले की तरह ही बहाल रखी जाए- क्योंकि हमें एक ईमानदार, जिम्मेदार औऱ वफ़ादार व्यक्ति की सख़्त आवश्यकता है। कुछ मामूली लापरवाहियों को अगर नज़रंदाज़ कर दिया जाए तो तुम एक बेहद ही कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति हो। तुम्हें तुम्हारी सेवाओं के बदले प्रत्येक कर्मचारी की तरफ़ से महीने के अंत में पाँच सौ रुपये दिए जाएंगे। हालांकि ये हमारे ऑफिस के नियम के खिलाफ है, फ़िर भी तुम्हारी आर्थिक जरुरतों के देखते हुए तुम्हारे लिए ऐसा करना पड़ रहा है लेकिन ध्यान रहे तुम्हारी गलतियों के लिए तुम्हें मिलने वाली डांट में कोई रियासत नहीं मिलेगी। बॉस ने अपनी बातों को बीच में रोकते हुए रूपयों का एक बंडल सुरेश बाबू के हाथों में थमाया औऱ फ़िर बोलना शुरू किया,आज ही ये पाँच लाख रुपए हम सब ने मिलकर तुम्हारे लिए जमा किए हैं- ताकि तुम अपनी बेटी की शादी धूमधाम से कर सको।
बॉस ने जैसे ही अपनी वाणी को विराम दीया- तालियां फ़िर से गड़गड़ा उठी।
सुरेश बाबू रोते हुए बॉस के चरणों में झुक गए- लेकिन बॉस ने उन्हें पकड़कर अपने गले से लगा लिया।
ऑफिस से निकलने के बाद डबडबाई आँखों को लेकर सुरेश बाबू अपने घर की ओर जाते हुए बस यही सोच रहे थे कि आज तक जिन लोगों को वे खड़ूस औऱ बेरहम समझ रहे थे,वे हक़ीक़त में कुछ औऱ ही निकल गए।

*👉शिक्षा*

अक़्सर हमारे नकारात्मक विचारों के कारण किसी भी व्यक्ति के प्रति हमारे मन में जो धारणा बन जाती है वो हमेशा सही नहीं होती। क़भी क़भी लोग इतने भी बुरे नहीं होते जितने हम उन्हें मान बैठते हैं।

*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*

Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 2 Static 3 Static 4 Static 4 Static 4 Static 4 Static 4

देवभूमि jknews

जीवन में हमेशा सच बोलिए, ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *