उत्तराखंड

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- अहंकार का अंत*

🚩 *~सनातन पंचांग के साथ काम आने वाले उपाय ~* 🚩 🌤️ *दिनांक - 07 जुलाई 2026* 🌤️ *दिन - मंगलवार* 🌤️ *विक्रम संवत - 2083 (गुजरात अनुसार…

🚩 *~सनातन पंचांग के साथ काम आने वाले उपाय ~* 🚩
🌤️ *दिनांक – 07 जुलाई 2026*
🌤️ *दिन – मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत – 1948*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास – आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – सप्तमी दोपहर 01:24 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र – उत्तरभाद्रपद शाम 04:24 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग – शोभन दोपहर 02:31 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️*राहुकाल – शाम 04:04 से शाम 05:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:03*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:23*
👉 *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
🚩*व्रत पर्व विवरण -*
💥*विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩जुलाई 2026 पंचक सूची
🔸 प्रथम पंचक 🗓️ 4 जुलाई 2026 (शनिवार) 🕛 प्रातः 12:48 बजे से ➡️ 8 जुलाई 2026 (बुधवार) 🕓 शाम 4:00 बजे तक
🔸 द्वितीय पंचक 🗓️ 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार) 🕡 सुबह 6:38 बजे से ➡️ 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) 🕗 रात 8:09 बजे तक

👉🏻 *08 जुलाई अक्षय पुण्य प्राप्ति महायोग: करें यह उपाय, मिलेगा समृद्धि और आरोग्यता का आशीर्वाद*

🌷 *बुधवारी अष्टमी* 🌷
➡ *08 जुलाई 2028 बुधवार को (सूर्योदय से दोपहर 12:21 तक) बुधवारी अष्टमी है ।*
👉🏻 *मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।*
🙏🏻 *इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है। (शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *ज्योतिष शास्त्र* 🌷
🙏🏻 *अगर किसी व्यक्ति की कुंडली ग्रहों के दोष होते हैं तो उसे किसी भी काम में आसानी से सफलता नहीं मिल पाती है। घर-परिवार में दुखों का सामना करना पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति व्यापार करता है और उसे सफलता नहीं मिल पा रही है तो गणेशजी के उपायों से सभी दिक्कतें दूर हो सकती हैं। गणेशजी को प्रसन्न करने के लिए ज्योतिष में स्वस्तिक के उपाय बताए गए हैं।*
🙏🏻 *ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर और दुकान में बरकत बढ़ाने के लिए स्वस्तिक के कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं…*
1⃣ *पहला उपाय*
*अगर किसी व्यक्ति का व्यापार नहीं बढ़ रहा है तो लगातार 7 गुरुवार तक दुकान या घर के उत्तर-पूर्वी कोने में हल्दी से स्वस्तिक बनाएं। स्वस्तिक बनाने से पहले उस जगह को गंगाजल से धोकर साफ कर लेना चाहिए। स्वस्तिक बनाकर उसकी पूजा करें, गुड़ का भोग लगाएं। इस उपाय से धन लाभ के योग बन सकते हैं।*
2⃣ *दूसरा उपाय*
*घर के बाहर रोज छोटी सी रंगोली बनाएं। रंगोली के साथ ही कुम -कुम या सिंदूर से स्वस्तिक बनाएं। रंगोली के साथ बनाया गया स्वस्तिक मंगलकारी होता है।*
3⃣ *तीसरा उपाय*
*मान्यता है कि घर में पूजा करते समय स्वस्तिक बनाकर उसके ऊपर भगवान की मूर्ति रखने से पूजा जल्दी सफल होती है। स्वस्तिक पर विराजित भगवान भक्त की इच्छाएं जल्दी पूरी करते हैं।*
4⃣ *चौथा उपाय*
*घर के मंदिर में स्वस्तिक बनाकर उसके ऊपर दीपक जलाएं। इस दीपक से घर में सकारात्मकता बनी रहती है।*
5⃣ *पांचवां उपाय*
*पितर देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए घर में रोज गोबर से स्वस्तिक बनाना चाहिए। इससे पितर देवता प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷🌸🌼💐☘🌹🌻🌺🌷🙏🏻🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष🌹
आपका जन्मदिन: 7 जुलाई

दिनांक 7 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 7, 16, 25

शुभ अंक : 7, 16, 25, 34

शुभ वर्ष : 2028

ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु

शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल

करियर: नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा।

कारोबार: नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं। आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी।

🌹 आज का राशिफल 🌹
*दिनांक : 07 जुलाई 2026*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन लगभग सभी कारणों से विपरीत फलदायक रहने वाला है। हाथ में लिए कार्य समय से पूरा नहीं कर पाने से अधिकारियो अथवा सम्बंधित व्यक्ति की नाराजगी झेलनी पड़ेगी। भोजन भूख लगने पर ही खाये असंयमित भोजन के कारण सेहत खराब हो सकती है। नए अनुबंधों पर विचार फिलहाल टालें। परिजनों को थोड़ा समय दें। उपहार सम्मान के साथ खर्च भी होगा। सेहत नरम गरम रहेगी। यात्रा के योग भी बन रहे है।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन आपकी आशा से अधिक शुभ रहने से आश्चर्य चकित होंगे। घर एवं बाहर के वातावरण में शांति आएगी। आज आपके सभी कार्य स्वतः होते नजर आएंगे। स्त्री अथवा पति के सहयोग से भाग्योदय हो सकता है। व्यवहार में मृदुलता रखें तो आज आकस्मिक लाभ की संभावना बढ़ेगी। पैतृक संपत्ति का विवाद सुलझने से राहत मिलेगी। छोटी-बड़ी यात्रा के योग बन रहे है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपका आज का दिन आनंद दायक रहेगा। पूर्व में लिये निर्णय आज शुभ फल प्रदान करेंगे। परंतु धन लाभ के लिए आज थोड़ा परिश्रम करना पड़ेगा। नौकरी वाले जातक घरेलु कार्य के लिये समय निकालने में परेशानी आएगी। सामाजिक अथवा पारिवारिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम के कारण चहल-पहल रहेगी। विवाहोत्सुक को शीघ्र योग्य जीवनसाथी मिलेगा। आरोग्य आज ठीक रहेगा फिर भी खाने पीने में संयम बरतें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन बीते दिनों की अपेक्षा सुख-शांति से बितायेंगे। आज आपके स्वाभाव में नरमी रहने से परिजनों के साथ चल रहे मतभेद सामान्य होंगे। कला एवं संगीत में आज विशेष रूचि रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आज किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का सहयोग मिलने से रुके कार्य पूर्ण होंगे। धन की आमद कम लेकिन संतोषजनक हो जाएगी। रिश्तेदारों व संतानों के ऊपर खर्च बढेगा। नजदीकी रिश्तेदारो से शुभ समाचार मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। आज आपकी अथवा घर में किसी सदस्य की सेहत अकस्मात ख़राब होने या पुराने रोग के बढ़ने से भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। कार्य क्षेत्र पर भी आज आर्थिक कारणों से कार्य अटक सकते है। उधार की वसूली में परेशानी आएगी। किसी अरिष्ट की चिंता से मन व्याकुल रहेगा। सहकर्मियों का सहयोग मिलने से थोड़ी राहत मिलेगी। कर्ज लेना पड़ सकता है। मानसिक तनाव ना बढ़ने दें आध्यात्म का सहारा लें।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन रुके हुए कार्यो में गति आएगी। कार्य क्षेत्र पर आज होने वाली गतिविधियों की समीक्षा अवश्य करें गलतियों में सुधार होगा। धन लाभ आज निश्चित होगा भले ही थोड़ा विलम्ब से हो। धार्मिक कार्यो में आस्था रहेगी। दान पुण्य करेंगे। सामाजिक व्यवहार पर खर्च होगा। घर में शांति से रहे छोटी बातों पर विवाद होने की संभावना है। छोटी मोटी स्वास्थ्य संबंधित शिकायते लगी राह सकती है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन बीते कल की तुलना में थोड़ी राहत प्रदान करेगा। आज धन का खर्च आय की तुलना में अधिक रहेगा फिर भी मानसिक रूप से दिन भर प्रसन्न रहेंगे। घर में मेहमानों के आने से चहल-पहल रहेगी। कीमती वस्तुओ की खरीददारी पर खर्च होगा। उपहार वस्तुओ का आदान प्रदान होगा। कार्य क्षेत्र से आज सिमित धन लाभ होगा फिर भी संतोष कर लेंगे। प्रियजनों के साथ उत्तम भोजन पर्यटन सुख मिलेगा। सेहत का ध्यान रखें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपके अनुकूल रहने वाला है। आज दिन भर मानसिक रूप से शांति अनुभव करेंगे कुछ गलतियों के कारण आत्म ग्लानि भी होगी परंतु आज आपका ध्यान परिवार में सुख शान्ति कायम रखने पर रहेगा। घर में सुख के साधनों पर खर्च करेंगे। घूमने-फिरने के स्वादिष्ट भोजन के अवसर भी मिलेंगे। कार्य क्षेत्र पर आज का दिन भी सामान्य ही रहेगा। लेट लतीफी के कारण धन लाभ में कमी आएगी। सेहत संध्या के आसपास कुछ समय के लिये विपरीत हो सकती है।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आपका आज का दिन विषम परिस्थितियों वाला रहेगा। सेहत में गिरावट आने से कार्य के प्रति उत्साह कम रहेगा। कार्य क्षेत्र पर भी आज प्रतिस्पर्धा अधिक रहेगी जिससे मन मे विपरीत खयाल आएंगे। विरोधी आज आपको नीचा दिखाने का हर संभव प्रयास करेंगे व्यर्थ के विवाद से दूरी बना कर रहें। आज आपके पुण्य उदय होने से धर्म-कर्म के प्रति आस्था बढ़ेगी। परिजनों का सहयोग मिलता रहेगा। धन लाभ के लिये आज अनैतिक साधनों से दूरी बनाकर रहें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपको शुभ फलों अथवा समाचारों की प्राप्ति कराएगा। दिन आज दिनभर प्रसन्नचित रहेंगे। घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम की योजना बनाएंगे। अविवाहितो को दूर से रिश्ते आएंगे लेकिन इसमे सफलता मिलने में अभी कुछ समय लग सकता है। कार्य क्षेत्र पर भी आज का दिन बेहतर रहेगा। आर्थिक लाभ की संभावनाएं प्रबल रहेंगी। आज आप हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। सेहत उत्तम बनी रहेगी अग्नि अथवा लोहे से सावधानी रखें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन श्रम साध्य रहेगा। दिन के पूर्वार्ध में अनिर्णय की स्थिति रहेगी। स्वयं अथवा परिजन का ख़राब स्वास्थ्य भी चिंता का विषय बनेगा। धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आ जायेगी। कार्य क्षेत्र पर आज महत्त्वपूर्ण कार्य मध्यान के बाद करना लाभदायक रहेगा। घरेलु उत्पादों के क्रय-विक्रय सम्बंधित व्यापार से अच्छा मुनाफा कमाएंगे। धन की आमद के लिये कुछ इंतजार करना पड़ेगा। घरेलू पूजा पाठ में भाग लेंगे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन सामान्यतः शुभ फल देने वाला रहेगा। परंतु आज विलासी प्रवृति पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। सेहत में मामूली गिरावट अनुभव करेंगे। कार्य क्षेत्र पर थोडी माथापच्ची करनी पड़ सकती है परंतु धन लाभ के प्रयास अवश्य सफल होंगे। पैतृक संबंधो से आकस्मिक लाभ होगा। सरकारी कार्य कल के लिए छोड़ना बेहतर रहेगा। स्त्री सुख मिलेगा। पूर्व नियोजित यात्रा में कुछ कष्ट होने के बाद आनन्द मिलेगा।
*🛕जय सियाराम🚩*

*💐अहंकार का अंत – देववन की पौराणिक कथा💐*

सतयुग की बात है। हिमालय की तलहटी में एक दिव्य वन था, जिसे देववन कहा जाता था। उस वन में अनेक वृक्ष, पशु-पक्षी और ऋषि-मुनि निवास करते थे। उसी वन के मध्य एक विशाल देवदारु वृक्ष खड़ा था। वह अपनी ऊँचाई और घनेपन पर बहुत गर्व करता था। उसके पास ही एक कल्पतरु वृक्ष था, जो अत्यंत विनम्र और परोपकारी था।

एक दिन स्वर्गलोक से कुछ गंधर्व-मधुमक्खियाँ पृथ्वी पर आईं। वे भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित होने वाले दिव्य मधु का निर्माण करती थीं। उन्हें अपने छत्ते के लिए एक सुरक्षित स्थान चाहिए था।

उनकी रानी ने देवदारु वृक्ष से विनम्रतापूर्वक कहा—

“हे वनश्रेष्ठ! क्या हम आपकी किसी शाखा पर अपना छत्ता बना सकते हैं?”

देवदारु अपने अहंकार में बोला—

“नहीं! मुझे किसी का भार उठाना पसंद नहीं। कहीं और जाओ।”

यह सुनकर पास खड़े कल्पतरु ने कहा—

“हे देवदारु! इनकी सहायता कर दो। दूसरों के काम आना ही सच्ची महानता है।”

देवदारु हँस पड़ा—

“यदि तुम्हें इतनी ही दया आ रही है, तो अपने ऊपर ही इनका छत्ता बनवा लो।”

कल्पतरु मुस्कुराया और मधुमक्खियों से बोला—

“आप सब मेरी शाखाओं पर निवास कर सकती हैं।”

मधुमक्खियों ने आभार व्यक्त किया और वहीं अपना सुंदर छत्ता बना लिया।

समय बीतता गया।

एक दिन कुछ असुर उस वन में पहुँचे। वे यज्ञों को नष्ट करने और ऋषियों को कष्ट देने के लिए लकड़ियाँ एकत्र कर रहे थे। उनकी दृष्टि कल्पतरु पर पड़ी।

एक असुर बोला—

“यह वृक्ष बहुत विशाल है। इसे काटकर हम बहुत लकड़ी प्राप्त कर सकते हैं।”

वे कुल्हाड़ियाँ लेकर आगे बढ़े, लेकिन तभी एक असुर की नज़र मधुमक्खियों के विशाल छत्ते पर पड़ी।

वह घबराकर बोला—

“नहीं! इस वृक्ष को मत काटो। यदि ये दिव्य मधुमक्खियाँ क्रोधित हो गईं तो हमारा बचना कठिन होगा।”

तब दूसरे असुर ने कहा—

“तो उस देवदारु को काट लेते हैं। वहाँ कोई खतरा भी नहीं है।”

सभी असुर देवदारु को काटने लगे।

पहली बार देवदारु को अपने अहंकार का परिणाम समझ आया। वह पीड़ा से कराह उठा—

“बचाओ! कोई मेरी रक्षा करो!”

उसकी पुकार सुनकर कल्पतरु का हृदय द्रवित हो गया।

उसने मधुमक्खियों की रानी से कहा—

“हे देवी! यद्यपि इसने आपका अपमान किया था, फिर भी इसके प्राण संकट में हैं। कृपा करके इसकी रक्षा करें।”

रानी मधुमक्खी बोली—

“हे कल्पतरु! आपका हृदय वास्तव में देवताओं जैसा है।”

यह कहकर हजारों मधुमक्खियाँ असुरों पर टूट पड़ीं। उनके डंक से व्याकुल होकर असुर भाग खड़े हुए।

देवदारु के प्राण बच गए।

उसकी आँखों से पश्चाताप के आँसू बहने लगे। वह बोला—

“हे मधुमक्खियों! मुझे क्षमा कर दो। मेरे अहंकार ने मुझे अंधा बना दिया था।”

मधुमक्खियों ने उत्तर दिया—

“धन्यवाद हमें नहीं, कल्पतरु को दो। यदि यह चाहता, तो तुम्हें तुम्हारे कर्मों का फल मिलने देता।”

देवदारु ने विनम्र होकर कल्पतरु से कहा—

“आज मैंने समझ लिया कि ऊँचाई से कोई महान नहीं बनता, महान वह बनता है जो दूसरों के काम आता है।”

तभी आकाश से पुष्पवर्षा हुई और एक दिव्य वाणी गूँजी—

“जो अहंकार त्यागकर परोपकार का मार्ग अपनाता है, वही देवताओं का प्रिय बनता है।”

उस दिन से देवदारु का अहंकार समाप्त हो गया और वह भी वन के सभी जीवों की सहायता करने लगा।

*🌺 शिक्षा 🌺*

अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।
जो दूसरों की सहायता करता है, संकट के समय वही सहायता उसे लौटकर मिलती है।
परोपकार से प्रतिष्ठा मिलती है, जबकि अहंकार अंततः पतन का कारण बनता है। 🌿
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*

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