उत्तराखंड

*आजीविका की नई तस्वीर: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते स्वरोजगार मॉडल का स्थलीय मूल्यांकन*

देवभूमि जे के न्यूज -(जय कुमार तिवारी)टिहरी गढ़वाल, 05 जून 2026 (सू.वि.) मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन आनन्द बर्द्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चम्बा अंतर्गत विभिन्न आजीविका…


देवभूमि जे के न्यूज -(जय कुमार तिवारी)टिहरी गढ़वाल, 05 जून 2026 (सू.वि.)

मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन आनन्द बर्द्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड चम्बा अंतर्गत विभिन्न आजीविका एवं स्वरोजगार संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। यह भ्रमण केवल परियोजनाओं की समीक्षा तक सीमित न रहकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उभरते आत्मनिर्भरता के मॉडल को समझने और उसे और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा गया।

मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिए गए कि रीप एवं अन्य आजीविका संवर्धन योजनाओं के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाते हुए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को प्राथमिकता दी जाए, मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट सहित सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं में गुणवत्ता मानकों का पालन करें एवं स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं बाजार विस्तार को सुदृढ़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।

ग्राम दिखोलगांव में रीप (ग्रामोत्थान) परियोजना एवं आईएफएडी (IFAD) के सहयोग से संचालित “हिमालयन भोजनालय” फूड कार्ट के निरीक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद स्थापित किया गया। महिलाओं द्वारा स्थानीय व्यंजनों के निर्माण, विपणन व्यवस्था एवं दैनिक आय से जुड़े अनुभव साझा किए गए। मुख्य सचिव ने इस पहल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बताते हुए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार पहुंच को और अधिक व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके पश्चात नागणी में निर्माणाधीन मिनी फिश प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया गया। आरआईडीएफ (RIDF) नाबार्ड पोषित इस परियोजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन को मूल्य संवर्धन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। उप निदेशक मत्स्य प्रमोद कुमार शुक्ला ने परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि संपर्क मार्ग एवं पुस्तों के निर्माण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आवश्यक मशीनरी की आपूर्ति की जा चुकी है तथा पीयूएफ पैनलिंग का कार्य प्रगति पर है। मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समयबद्ध रूप से परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भिन्नू ग्राम में मूर्ति राम पोल्ट्री फार्म के निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पशुपालन एवं पोल्ट्री आधारित गतिविधियाँ ग्रामीण स्वरोजगार का प्रभावी आधार बन रही हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ डी के शर्मा ने अवगत कराया कि लाभार्थी द्वारा संचालित यह इकाई ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

इसी क्रम में दुवाधार स्थित 3K जैविक आउटलेट का अवलोकन किया गया, जहां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थानीय जैविक उत्पादों जैसे मांडुआ, चौलाई एवं दालों का विपणन किया जा रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्य सचिव ने उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग एवं बाजार विस्तार को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

समग्र रूप से यह निरीक्षण जनपद में आजीविका आधारित गतिविधियों की उस उभरती संरचना को दर्शाता है, जहां सरकारी योजनाएं, स्वयं सहायता समूह और स्थानीय संसाधन मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
————–

देवभूमि जे के न्यूज,टिहरी गढ़वाल, 5 जून 2026

*विकास संवाद में उभरे जनसरोकार—मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक मंथन*

जिला कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच विकास कार्यों एवं जनसमस्याओं को लेकर विस्तृत एवं संवादात्मक मंथन हुआ। बैठक ने जन अपेक्षाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के बीच समन्वय का महत्वपूर्ण मंच प्रस्तुत किया।

मुख्य सचिव ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य प्रकरणों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जिला स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।

बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने क्षेत्रीय असमानताओं एवं आरक्षित क्षेत्र विस्तार से जुड़े विषय उठाए, वहीं विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार एवं विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने हेतु संसाधनों एवं उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी ने पेयजल आपूर्ति एवं पर्यटन विकास से जुड़े रोपवे परियोजनाओं को गति देने का विषय रखा, जबकि दर्जाधारी मंत्री जोत सिंह बिष्ट ने नदी तटीय आवागमन के वैकल्पिक साधनों की आवश्यकता को रेखांकित किया। दर्जाधारी मंत्री विनोद सुयाल ने यात्रा सीजन के दौरान देवप्रयाग–ऋषिकेश मार्ग पर बढ़ते दबाव एवं प्रबंधन चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

बैठक में नगर पालिका परिषद नई टिहरी अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विस्थापित नई टिहरी शहर की विभिन्न समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) सदस्य दिनेश डोभाल ने नगर पंचायत घनसाली की भूमि के नियमितीकरण तथा चारधाम यात्रियों को नई टिहरी से जोड़ने हेतु प्रभावी प्रयास किए जाने की मांग रखी।
जनपद के विभिन्न नगर निकायों के अध्यक्षों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। नगर पालिका चम्बा एवं देवप्रयाग द्वारा पार्किंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया गया, जबकि नगर पंचायत घनसाली एवं चमियाला के प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से जनजीवन एवं कृषि को हो रहे नुकसान की समस्या उठाई।

विकासखण्ड प्रमुखों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से रखा गया। इन सभी विषयों पर मुख्य सचिव ने संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस बैठक ने यह संकेत दिया कि जनपद स्तर पर विकास केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का विषय नहीं, बल्कि निरंतर संवाद, समन्वय और जवाबदेही का साझा दायित्व है।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष चम्बा शोभनी धनोला, मुनिकीरेती नीलम विजल्वाण, देवप्रयाग ममता देवी, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, घनसाली आनन्द बिष्ट, चमियाला गोविन्द सिंह राणा, लम्बगांव रोशन रांगड़।
ब्लॉक प्रमुख गणों में घनसाली राजीव कंडारी, चंबा सुमन सजवाण, नरेन्द्रनगर दीक्षा राणा, कीर्तिनगर अंचला खंडेवाल, देवप्रयाग विनोद बिष्ट, प्रतापनगर मनीषा पंवार, जौनपुर सीता पंवार व थौलधार सुरेन्द्र भण्डारी सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि व अधिकारी गण उपस्थित रहे ।

——-

टिहरी गढ़वाल, 05 जून 2026 (सू.वि.)

*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनपदीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक*

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में जनपद टिहरी गढ़वाल के समस्त जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ जनपदीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनपद में चल रही सभी लोक निर्माण एवं अवसंरचना परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ प्राथमिकता पर पूर्ण किया जाए तथा आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य सुविधाओं की मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए। पेयजल, सीवर एवं जल निकासी जैसी मूलभूत सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हुए पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती मांग के अनुरूप स्थायी समाधान विकसित किए जाएं। इसके साथ ही जल जीवन मिशन एवं अन्य पेयजल योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा कर लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल द्वारा जनपद की प्रशासनिक व्यवस्था एवं जनसंख्या सहित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। बैठक में सड़क नेटवर्क, मोटरेबल ब्रिज तथा लोक निर्माण विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। ₹10 करोड़ से अधिक लागत की कुम्भ मेला से संबंधित सेक्शन रोड (नरेंद्रनगर– किनवानी– नीरगढ़) के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य, जिसकी निविदा जारी हो चुकी है, के संबंध में जानकारी दी गई। मुख्य सचिव द्वारा कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई।

पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों एवं आपदा/बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की स्थिति पर चर्चा हुई। सिंचाई विभाग द्वारा खंडवार नहरों, नलकूपों एवं लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी गई तथा क्षतिग्रस्त नहरों के संबंध में विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव द्वारा प्राप्त की गई।

मुनि की रेती क्षेत्र में ₹40 करोड़ की वर्षा जल निकासी प्रणाली निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा की गई। चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा हेतु चैनलाइजेशन कार्य अस्थायी रूप से किए जाने के बावजूद नदी तल का स्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त उपचारात्मक कार्यों की आवश्यकता बताई गई।

राजकीय पॉलिटेक्निक, नई टिहरी के निर्माण कार्य (टेंडर प्रक्रिया पूर्ण) को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिए गए। नई टिहरी मालरोड के सौंदर्यीकरण एवं फसाड कार्यों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं की प्रगति (हिंडोलखाल, मणि, चौरास, भरपूर, गजा, तपोवन नगर, कांडी ग्राम समूह, जलकुर एवं मुनि की रेती पंपिंग योजना) पर चर्चा की गई। साथ ही ₹10 करोड़ से अधिक की पेयजल योजनाओं की स्थिति से अवगत कराया गया।

जिलाधिकारी द्वारा देवप्रयाग एवं कीर्तिनगर क्षेत्र में पेयजल पंपिंग योजना की आवश्यकता तथा मुख्य पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को भी रखा गया।
नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति की जानकारी दी गई। पर्यटन क्षेत्रों में जल आपूर्ति की बढ़ती मांग एवं रखरखाव हेतु बजट की कमी को प्रमुख चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया। जनपद में एसटीपी एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति के साथ-साथ होटलों हेतु पर्यावरण अनुकूल ग्रीन रेटिंग प्रणाली की जानकारी दी गई।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा फार्म बेस्ड एवं नॉन-फार्म एक्टिविटीज (ऋषिकेश, चम्बा आदि) के अंतर्गत फूड कार्ट एवं सड़क किनारे ईटरीज़ की योजनाओं से अवगत कराया गया। नॉन-फार्म सेक्टर में भिलंगना में प्रिंटिंग एवं लेबलिंग यूनिट, चम्बा में एग्री इनपुट एवं डेयरी फार्म, थौलधार में हर्बल ऑयल, देवप्रयाग में मशरूम यूनिट, कीर्तिनगर में मत्स्य उत्पादन, जौनपुर में प्लम एवं बकरी पालन, प्रतापनगर में पोल्ट्री एवं हर्बल गार्डन तथा नरेंद्रनगर में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई।

प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर द्वारा ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत पिरूल कलेक्शन (131 क्विंटल) की जानकारी दी गई। सीडीओ द्वारा प्रत्येक ब्लॉक में “माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी” कार्यक्रम की प्रगति से अवगत कराया गया। बैठक में कृषि, मत्स्य, उद्यान, खेल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के साथ-साथ संबंधित चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

इससे बैठक से पूर्व टीएचडीसी गेस्ट हाउस, भागीरथीपुरम के सभागार में एडीबी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक मुख्य सचिव द्वारा की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत, समावेशी एवं जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास हेतु छह क्लस्टर – डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी एवं लेक क्लस्टर — के संबंध में अवगत कराया गया।

इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, एसएसपी श्वेता चौबे, एडीएम शैलेंद्र नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1
Discussion

0 Comments

Join the conversation

Share your view on this story. Your email address will not be published.