देवभूमि जे के ऋषिकेश,05/06/2026- हरिचंद गुप्ता इंटर कॉलेज में दो दिवसीय ‘सोचें, संगठित करें, प्रेरित करें, सफल हों – प्रतिरूप संयुक्त राष्ट्र’ (टी.ओ.पी.एस. एम.यू.एन. 3.0) सम्मेलन का शानदार समापन हो गया है। इस शैक्षिक महाकुंभ में विभिन्न विद्यालयों के 115 से अधिक छात्र-प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। युवाओं ने इस मंच पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अत्यंत गंभीर मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श और चर्चा की।यह आयोजन क्षेत्र के इतिहास में पहला ऐसा स्वतंत्र मंच है, जिसे पूरी तरह से छात्रों द्वारा ही प्रबंधित किया गया है। इसकी स्थापना मई 2024 में दो ऊर्जावान युवा छात्र आयोजकों, नमन जैन और श्रेयांश बडोला द्वारा की गई थी। इस प्रत्यक्ष (ऑफलाइन) कार्यक्रम से पहले, इस संस्था द्वारा दो सफल आभासी (ऑनलाइन) सम्मेलनों का भी आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों ने क्षेत्र के विद्यार्थियों के भीतर कूटनीति, कुशल नेतृत्व और वैश्विक समस्याओं के प्रति समझ व जागरूकता बढ़ाने में एक मील का पत्थर स्थापित किया है।इस भव्य सत्र के दौरान छात्र-प्रतिनिधियों ने विभिन्न विशिष्ट समितियों में अपनी भूमिका निभाई। इनमें मुख्य रूप से शामिल थीं:अखिल भारतीय राजनीतिक दल बैठक (ए.आई.पी.पी.एम.)संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यू.एन.एच.आर.सी.)भारतीय खेल संघ समिति (आई.पी.एल.)अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता (आई.पी.)भारतीय सिनेमा का बहुविशाल जगत (मल्टीवर्स ऑफ बॉलीवुड)इन समितियों में प्रतिनिधियों ने समकालीन और ज्वलंत विषयों पर पूरी प्रखरता के साथ अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता, गहन शोध कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व कला (पब्लिक स्पीकिंग) तथा एक व्यापक वैश्विक दृष्टिकोण का सर्वांगीण विकास करना रहा।इस दो दिवसीय सत्र का आरंभ भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुआ था। इसके बाद, अंतिम दिन आयोजित समापन समारोह में दोनों दिनों के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बाल कूटनीतिज्ञों और प्रतिनिधियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार व सम्मान पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को संयुक्त राष्ट्र और देश की संसदीय प्रक्रियाओं की कार्यप्रणाली को बहुत ही व्यावहारिक और सजीव रूप से समझने का एक बेहतरीन अवसर प्राप्त हुआ।संस्था के दूरदर्शी संस्थापक नमन जैन और श्रेयांश बडोला ने साझा किया कि इस मंच को बनाने का एकमात्र ध्येय युवाओं को विचारशील नेतृत्व, रचनात्मक संवाद और किसी भी संकट के प्रभावी समाधान के लिए एक सशक्त और स्वतंत्र मंच प्रदान करना है। उन्होंने इस यात्रा में शामिल सभी छात्र-प्रतिभागियों, मार्गदर्शक शिक्षकों, अभिभावकों और सम्मानीय अतिथियों का हृदय से आभार प्रकट किया। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य में इस कार्यक्रम को और भी बड़े और व्यापक स्तर पर आयोजित करने का दृढ़ संकल्प जताया।इस आयोजन ने एक बार फिर यह पूरी तरह से प्रमाणित कर दिया है कि स्थानीय युवा न केवल देश के आंतरिक मुद्दों, बल्कि वैश्विक स्तर की बड़ी चुनौतियों पर भी एक सार्थक संवाद स्थापित करने और कुशल नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।







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