उत्तराखंड

*ऋषिकेश-जटिल ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भाशय से 18 किलो वजनी और 18 सेंटीमीटर लंबी मल्टीपल रसौली निकाल महिला को दिया नया जीवन*

देवभूमि जे के न्यूज़- ऋषिकेश, 5 फरवरी। पिछले चार वर्षों से लगातार पेट दर्द से जूझ रही एक महिला को ऋषिकेश स्थित पंडित शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय…

देवभूमि जे के न्यूज़- ऋषिकेश, 5 फरवरी। पिछले चार वर्षों से लगातार पेट दर्द से जूझ रही एक महिला को ऋषिकेश स्थित पंडित शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टरों ने नया जीवन दिया है। करीब 3 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के दौरान महिला के गर्भाशय से 18 किलो वजनी और 18 सेंटीमीटर लंबी मल्टीपल रसौली सफलतापूर्वक निकाली गई।ऑपरेशन के बाद महिला की हालत पूरी तरह स्थिर और स्वस्थ बताई जा रही है।

4 साल तक भटकती रही इलाज के लिए
सरकारी अस्पताल प्रशासन के अनुसार पौड़ी गढ़वाल जनपद के कल्जी खाल क्षेत्र की निवासी 45 वर्षीय गीता डबराल पत्नी संतोष डबराल, बीते चार साल से पेट दर्द की गंभीर समस्या से परेशान थीं। इस दौरान उन्होंने पौड़ी जिला अस्पताल, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और सतपुली स्थित हंस फाउंडेशन अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन कहीं भी राहत नहीं मिली।

हालत बिगड़ने पर पहुंचीं ऋषिकेश-
करीब 10 दिन पहले अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होने पर महिला के पति ने ऋषिकेश सरकारी अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. विकास धस्माना से संपर्क किया। उनकी सलाह पर महिला को तत्काल ऋषिकेश सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा ने जांच के बाद महिला को भर्ती किया।

जांच में हुआ गंभीर खुलासा-
सभी आवश्यक जांचों के बाद महिला के गर्भाशय में मल्टीपल रसौली की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया।

3 घंटे चला जटिल ऑपरेशन-

गुरुवार, 5 फरवरी को वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा के नेतृत्व में महिला का ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों ने गर्भाशय से करीब 18 किलो वजन की मल्टीपल रसौली निकाली। मरीज की जान बचाने के लिए गर्भाशय को भी निकालना पड़ा।

ऑपरेशन टीम में ये रहे शामिल-
इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने वाली मेडिकल टीम में शामिल रहे —वरिष्ठ सर्जन: डॉ. लोकेश सलूजा, सर्जन डॉ. राजीव गर्ग, एनेस्थेटिक डॉ. आनंद सिंह राणा, नर्सिंग स्टाफ नंदिनी, संगीता, सीमा, वार्ड बॉय: सोबन सिंह, पर्यावरण मित्र बबली

देर होती तो जान को खतरा-
वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा ने बताया कि महिला को रसौली के कारण लगातार रक्तस्राव हो रहा था, जिससे उनका हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर 7 तक पहुंच गया था, जबकि सामान्य स्तर 11 होना चाहिए। यदि परिजन महिला को समय रहते अस्पताल नहीं लाते तो जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।

अब पूरी तरह स्वस्थ-
डॉ. सलूजा के अनुसार जटिल ऑपरेशन के बाद महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है। ऑपरेशन की सफलता पर महिला के परिजनों ने डॉक्टरों और पूरी मेडिकल टीम का आभार जताया है।

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