उत्तराखंडधर्म-कर्मराशिफल

‌‌‌‌‌ *आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग-खिचड़ी का भोग*

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*आज का राशिफल*
*08 जनवरी 2026 , बृहस्पतिवार*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपकी सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आप कोई नया व्यापार शुरू करने का मन बना सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल होंगे। नौकरी पेशा वाले लोगों को पदोन्नति या सम्मान मिलने के योग हैं। आप का आज का दिन बेहद शुभ नजर आ रहा है। घर परिवार की परेशानियों का समाधान निकलेगा । आप कहीं पर पूंजी निवेश करने की योजना बना सकते हैं, जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा। कानूनी मामलों में लापरवाही मत कीजिए। स्वास्थ्य सुधार रहेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी ,वु , वे, वो)
आज आपको रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति मिलने के योग हैं। कानूनी मामलों में सफलता मिल सकती है। पति-पत्नी के बीच बेहतर तालमेल बने रहेंगे। मानसिक रूप से थोड़े परेशान नजर आ रहे हैं तो आप अपने ऊपर नकारात्मक विचारों को हावी मत होने दीजिए। पारिवारिक जिम्मेदारियों का पूर्ण ध्यान रखें। जीवनसाथी आपकी भावनाओं को समझेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपकी आज अचानक धन लाभ मिलने की संभावना नजर आ रही है। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। आपका दिन भागदौड़ भरा रहेगा। गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि यह आपके कामकाज बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। संतान की तरफ से हल्की चिंता रहेगी। नए-नए लोगों से दोस्ती हो सकती है लेकिन आप अनजान लोगों के ऊपर जरूरत से ज्यादा भरोसा मत कीजिए। स्वास्थ्य सही रहेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आप अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। जरूरतमंद लोगों की मदद करने का मौका मिल सकता है। नौकरी के क्षेत्र में बड़े अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बने रहेंगे । मेहनत का फल मिलेगा। आप अपनी अधूरी इच्छाओं को पूरा करने की हर संभव कोशिश करेंगे। पारिवारिक माहौल अच्छा रहेगा। परिवार के सभी सदस्य आपका पूरा सपोर्ट करेंगे। व्यापार के सिलसिले में आप यात्रा पर जा सकते हैं, आपके द्वारा की गई यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य लाभ होगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। शादीशुदा जिंदगी में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है फिर भी जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा । घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम के आयोजन की चर्चा हो सकती है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। विवाह योग्य लोगों को विवाह का रिश्ता मिल सकता है। आमदनी के अनुसार खर्चों पर कंट्रोल रखने की आवश्यकता है। आप अपने विरोधियों को परास्त करेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आप किसी लाभदायक यात्रा पर जा सकते हैं। नौकरी के क्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना है। निवेश में फायदा मिल सकता है। किस्मत आपका पूरा साथ देगी। घरेलू सुख साधनों में बढ़ोतरी होगी। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक समय व्यतीत करने का मौका मिल सकता है। गुप्त शत्रु आपको हानि पहुंचाने की कोशिश करेंगे परंतु यह सफल नहीं हो पाएंगे। धार्मिक कार्यों में आपका अधिक मन लगेगा। माता-पिता के साथ किसी मंदिर में दर्शन करने के लिए जा सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आपका आज का दिन मिलाजुला नजर आ रहा है। बड़े अधिकारियों को प्रसन्न करना काफी कठिन हो सकता है। दोस्तों के साथ मिलकर आप कोई नया व्यापार शुरू करने का मन बना सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। घर-परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। व्यापार की समस्याओं का हल निकल सकता है। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप मत कीजिए। नौकरी के क्षेत्र में कार्यभार अधिक रहेगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपको आज धन से जुड़े हुए मामलों में काफी सतर्क रहना होगा। आप किसी को भी पैसा उधार मत दीजिए। आप किसी यात्रा पर जा सकते हैं। पुराने मित्रों से मिलना-जुलना हो सकता है। व्यवहार कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। पारिवारिक वातावरण सामान्य रहेगा। अचानक आप किसी महत्वपूर्ण मामले में निर्णय ले सकते हैं। लाभ के मार्ग प्रशस्त होंगे। स्वास्थ्य सही रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आप अपने प्रयासों से सफलता हासिल करेंगे। प्रभावशाली लोगों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आपका मन प्रसन्न रहने वाला है। कार्यप्रणाली में सुधार आएगा। काफी लंबे समय से अधूरे पड़े कार्य पूरे हो सकते हैं, जिससे आपका मन हर्षित होगा। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगा। पिताजी से व्यापार के विषय में बातचीत कर सकते हैं । स्वास्थ्य सुधार होगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन पहले के दिनों की अपेक्षा अच्छा रहेगा। आपका मन धर्म-कर्म के कामों में अधिक लगेगा। सत्संग से लाभ मिल सकता है। व्यापार अच्छा चलेगा। आपका मन प्रसन्न रहने वाला है। दोस्तों की मदद से रुके हुए काम पूरे होंगे। आप किसी सुखद यात्रा पर जा सकते हैं। रचनात्मक कामों में सफलता हासिल होगी। आपका मन कार्यों में लगेगा। आपके अधूरे सपने पूरे हो सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन मिला जुला रहेगा । वाहन और मशीनरी के प्रयोग में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आप अपनी कीमती चीजों को संभाल कर रखें। कोई भी जोखिम लेने से बचना होगा। आमदनी के अनुसार खर्चा पर कंट्रोल रखने की आवश्यकता है। पारिवारिक जीवन सुखद रहने वाला है। परिवार में विवाद खत्म होगा और शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार में अच्छा मुनाफा मिलने के योग हैं। सवास्थ्य सही रहेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपको प्रेम संबंधित मामलों में सफलता हासिल होगी। कानूनी बाधा दूर हो सकती है। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद करेंगे। कामकाज के प्रति आप लापरवाही मत कीजिए। कुछ जरूरी कामों को लेकर आपको अधिक भागदौड़ और मेहनत करनी पड़ सकती है परंतु आखिर में आपको सफलता मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_*
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।

🌷आपका दिन मंगलमय हो।🌷

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*⭕ खिचड़ी का भोग ⭕*

भगवान श्रीकृष्ण की परम उपासक कर्मा बाई जी भगवान को बचपन से ही पुत्र रुप में भजती थीं । ठाकुर जी के बाल रुप से वह रोज ऐसे बातें करतीं जैसे बिहारी जी उनके पुत्र हों और उनके घर में ही वास करते हों ।

एक दिन कर्मा बाई की इच्छा हुई कि बिहारी जी को फल-मेवे की जगह अपने हाथ से कुछ बनाकर खिलाऊँ । उन्होंने प्रभु को अपनी इच्छा बतलायी । भगवान तो भक्तों के लिए सर्वथा प्रस्तुत हैं । गोपाल बोले – “माँ ! जो भी बनाया हो वही खिला दो, बहुत भूख लगी है ।”

कर्मा बाई ने खिचड़ी बनाई थी । ठाकुर जी को खिचड़ी खाने को दे दी । प्रभु बड़े चाव से खिचड़ी खाने लगे और कर्मा बाई ये सोचकर भगवान को पंखा झलने लगीं कि कहीं गर्म खिचड़ी से मेरे ठाकुर जी का मुँह ना जल जाये । संसार को अपने मुख में समाने वाले भगवान को कर्मा बाई एक माता की तरह पंखा कर रही हैं और भगवान भक्त की भावना में भाव विभोर हो रहे हैं ।

भक्त वत्सल भगवान ने कहा – “माँ ! मुझे तो खिचड़ी बहुत अच्छी लगी । मेरे लिए आप रोज खिचड़ी ही पकाया करें । मैं तो यही खाऊँगा ।”

अब तो कर्मा बाई जी रोज सुबह उठतीं और सबसे पहले खिचड़ी बनातीं । बिहारी जी भी सुबह-सवेरे दौड़े आते । आते ही कहते – माँ ! जल्दी से मेरी प्रिय खिचड़ी लाओ ।” प्रतिदिन का यही क्रम बन गया । भगवान सुबह-सुबह आते, भोग लगाते और फिर चले जाते ।

एक बार एक महात्मा कर्मा बाई के पास आया । महात्मा ने उन्हें सुबह-सुबह खिचड़ी बनाते देखा तो नाराज होकर कहा – “माता जी, आप यह क्या कर रही हो ? सबसे पहले नहा धोकर पूजा-पाठ करनी चाहिए । लेकिन आपको तो पेट की चिन्ता सताने लगती है ।”

कर्मा बाई बोलीं – “क्या करुँ ? महाराज जी ! संसार जिस भगवान की पूजा-अर्चना कर रहा होता है, वही सुबह-सुबह भूखे आ जाते हैं । उनके लिए ही तो खिचड़ी बनाती हूँ ।”

महात्मा ने सोचा कि शायद कर्मा बाई की बुद्धि फिर गई है । यह तो ऐसे बोल रही है जैसे भगवान इसकी बनाई खिचड़ी के ही भूखे बैठे हुए हों । महात्मा कर्मा बाई को समझाने लगे – “माता जी, तुम भगवान को अशुद्ध कर रही हो । सुबह स्नान के बाद पहले रसोई की सफाई करो । फिर भगवान के लिए भोग बनाओ ।”

अगले दिन कर्मा बाई ने ऐसा ही किया । जैसे ही सुबह हुई भगवान आये और बोले – “माँ ! मैं आ गया हूँ, खिचड़ी लाओ ।”

कर्मा बाई ने कहा – “प्रभु ! अभी में स्नान कर रही हूँ, थोड़ा रुको । थोड़ी देर बाद भगवान ने फिर आवाज लगाई । जल्दी करो, माँ ! मेरे मन्दिर के पट खुल जायेंगे, मुझे जाना है ।”

वह फिर बोलीं – “अभी मैं सफाई कर रही हूँ, प्रभु !” भगवान सोचने लगे कि आज माँ को क्या हो गया है ? ऐसा तो पहले कभी नहीं हुआ । भगवान ने झटपट करके जल्दी-जल्दी खिचड़ी खायी । आज खिचड़ी में भी रोज वाले भाव का स्वाद नहीं था । जल्दी-जल्दी में भगवान बिना पानी पिये ही भागे । बाहर महात्मा को देखा तो समझ गये – “अच्छा, तो यह बात है । मेरी माँ को यह पट्टी इसी ने पढ़ायी है ।”

ठाकुर जी के मन्दिर के पुजारी ने जैसे ही पट खोले तो देखा भगवान के मुख पर खिचड़ी लगी हुई है । पुजारी बोले – “प्रभु जी ! ये खिचड़ी आप के मुख पर कैसे लग गयी है ?”

भगवान ने कहा – “पुजारी जी, आप माँ कर्मा बाई जी के घर जाओ और जो महात्मा उनके यहाँ ठहरे हुए हैं, उनको समझाओ । उसने देखो मेरी माँ को कैसी पट्टी पढाई है ?”

पुजारी ने महात्मा जी से जाकर सारी बात कही । यह सुनकर महात्मा जी घबराए और तुरन्त कर्मा बाई के पास जाकर कहा – “माता जी ! माफ़ करो, ये नियम धर्म तो हम सन्तों के लिये हैं । आप तो जैसे पहले खिचड़ी बनाती हो, वैसे ही बनायें । ठाकुर जी खिचड़ी खाते रहेंगे ।”

एक दिन आया जब कर्मा बाई के प्राण छूट गए । उस दिन पुजारी ने पट खोले तो देखा – भगवान की आँखों में आँसूं हैं । प्रभु रो रहे हैं । पुजारी ने रोने का कारण पूछा तो भगवान बोले – “पुजारी जी, आज मेरी माँ कर्मा बाई इस लोक को छोड़कर मेरे निज लोक को विदा हो गई है । अब मुझे कौन खिचड़ी बनाकर खिलाएगा ?”

पुजारी ने कहा – “प्रभु जी ! आपको माँ की कमी महसूस नहीं होने देंगे । आज के बाद आपको सबसे पहले खिचड़ी का भोग ही लगेगा ।” इस तरह आज भी जगन्नाथ भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है ।

भगवान और उनके भक्तों की ये अमर कथायें अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक हैं । ये कथायें प्रभु प्रेम के स्नेह को दरसाने के लिए अस्तित्व में आयीं हैं । इन कथाओं के माध्यम से भक्ति के रस को चखते हुए आनन्द के सरोवर में डुबकी लगाएं । ईश्वर की शक्ति के आगे तर्कशीलता भी नतमस्तक हो जाती है । तभी तो चिकित्सा विज्ञान के लोग भी कहते हैं – “दवा से ज्यादा, दुआ काम आएगी ।

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देवभूमि jknews

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