उत्तराखंड

*नेत्रदान : एक सामाजिक दायित्व- चार लोगों के परिजनों ने कराया नेत्रदान*

देवभूमि जे के न्यूज़-(जय कुमार तिवारी) - परिजनों का नेत्रदान कराने वाले जितेंद्र आनंद, धर्मेश मनचंदा, राकेश रावल और अनिल कक्कड़ अब दृष्टिदूत भी बन चुके हैं। ये…

देवभूमि जे के न्यूज़-(जय कुमार तिवारी) –

परिजनों का नेत्रदान कराने वाले जितेंद्र आनंद, धर्मेश मनचंदा, राकेश रावल और अनिल कक्कड़ अब दृष्टिदूत भी बन चुके हैं। ये सभी किसी भी परिजन या मित्र के परिवार में मृत्यु होने पर शोक व्यक्त करने के साथ-साथ नेत्रदान के लिए प्रेरित कर अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।

नेत्रदान कार्यकर्ता एवं लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि 85 वर्षीय रोम हर्ष आनंद के निधन पर उनके भतीजे जितेंद्र आनंद ने उनके पुत्र अभिषेक आनंद की सहमति लेकर श्री नारंग को सूचित किया। प्रेम नगर निवासी महेंद्र खन्ना के निधन पर परिवार के निकटतम प्रिंस मनचंदा ने उनके पुत्र मानिक खन्ना एवं मोहित खन्ना की सहमति लेकर श्री नारंग से नेत्रदान का आग्रह किया। इसी क्रम में, वर्तमान में मनीराम मार्ग पर निवास कर रही मुरादाबाद निवासी 76 वर्षीय आशा गुलाटी के निधन पर राकेश रावल ने उनकी पुत्री शालिनी सडाना को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया। वहीं, जीवनी माई मार्ग निवासी 82 वर्षीय श्रीमती सुदर्शन अरोड़ा के निधन पर परिवार के निकटतम अनिल कक्कड़ ने उनके पुत्र जय भारत एवं अरविंद अरोड़ा की सहमति लेकर एम्स अस्पताल को सूचित किया।

एम्स अस्पताल की नेत्रदान रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुँचकर पार्थिव शरीर से कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए, जिन्हें आवश्यक जाँच के बाद नेत्रहीनों की आँखों में प्रत्यारोपित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरेंद्र कथुरिया, विवेक तिवारी,सतीश सडाना, हरीश आनंद,संचित अरोड़ा, अमित भाटिया, इरहीर, एवं मनमोहन भोला ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना के साथ परिवार कोसाधुवाददिया।

लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के जनसंपर्क अधिकारी मनमोहन भोला के अनुसार, नेत्रदान महादान हरिद्वार–ऋषिकेश टीम द्वारा अब तक 434 व्यक्तियों का नेत्रदान कराया जा चुका है। यह पुनीत कार्य भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

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