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*आज का राशिफल*
*27 नवम्बर 2025 , बृहस्पतिवार*
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज प्रभावशाली लोगों के साथ संबंधों को सही करने का अवसर मिलेगा। सामाजिक दायरा बढेगा। इस समय कार्यप्रणाली में कुछ बदलाव भी लाने की आवश्यकता है। ऑफिस या घर में कार्यभार की अधिकता की वजह से ओवरटाइम भी करना पड़ेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा । थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है स्वास्थ्य सुधार होगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज स्थान परिवर्तन संबंधी कोई योजना कार्य रूप में परिणित होने की संभावना है। आपका संतुलित व्यवहार आपको शुभ और अशुभ प्रत्येक परिस्थितियों में सामंजस्य बनाकर रखने में मदद करेगा। किसी नजदीकी मित्र की सलाह आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का समय अनुकूल है ।व्यवसायिक स्थितियां और भी बेहतर हो रही हैं। लेकिन अभी कहीं भी पैसा निवेश ना करें, क्योंकि धोखाधड़ी में फंसने की आशंका है। परंतु कार्यस्थल में उत्पादन क्षमता में कोई कमीं नहीं आएगी। ऑफिस के स्टाफ में किसी तरह की राजनीति चल सकती है, सावधान रहें।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज भावनाओं की बजाय चतुराई और विवेक से काम लेना परिस्थितियों को आपके पक्ष में करेगा। तथा घर के बड़े बुजुर्गों का भी आशीर्वाद व सहयोग मिलेगा। बच्चे की किलकारी से संबंधित शुभ सूचना भी मिल सकती है। साथ ही किसी अटके हुए कार्य को पूरा करने के लिए भी समय उचित है।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से आपकी व्यवसायिक परेशानी हल होगी। परंतु अपने ऑफिस या दुकान के स्टाफ पर कड़ी नजर रखें, उनकी मिलीभगत से कुछ नुकसान हो सकता है। आज कार्यक्षेत्र से जुड़े सभी फैसले स्वयं ही लें।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपके लिए बेहतरीन धनदायक परिस्थितियां बनी हुई हैं। पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी आर्थिक नीतियों पर काम करें। आज आप अपनी किसी नकारात्मक बात को छोड़ने का भी संकल्प करें। विद्यार्थियों के कैरियर संबंधी किसी समस्या का समाधान होने से घर में खुशी भरा वातावरण रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज भविष्य संबंधी किसी महत्वपूर्ण कार्य की रूपरेखा भी बनेगी। आय के मार्ग अभी मंद ही रहेंगे। परंतु वर्तमान गतिविधियों का शुभ परिणाम निकट भविष्य में जल्दी ही प्राप्त होगा। कार्य संबंधी कोई लाभदायक यात्रा होगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आर्थिक योजनाओं को फलीभूत करने का उचित समय है। आज कोई भूमि खरीद-फरोख्त संबंधी काफी काम संपन्न हो सकते हैं। सामाजिक गतिविधियों के प्रति आपका योगदान आपको मानसिक सुकून प्रदान करेगा और मान-सम्मान भी बढ़ाएगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
इस समय पार्टनरशिप संबंधी कार्यों में लाभदायक परिस्थितियां बन रही हैं। व्यापार को विस्तृत करने संबंधी योजनाएं भी बनेगी। सरकारी सेवारत लोगों के ऊपर अतिरिक्त कार्यभार रहेगा। परंतु धैर्य पूर्वक कार्य संपन्न करने से आपको कोई महत्वपूर्ण अथॉरिटी भी मिल सकती है।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज पिछली कुछ कमियों से सीखकर अपनी दिनचर्या में और बेहतर सुधार लाने की कोशिश करेंगे। जिसमें आप कामयाब भी रहेंगे। प्रतिष्ठित लोगों के साथ समय व्यतीत करना आप में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। इस समय रुके हुए काम पूरा करने का उचित समय है।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज व्यवसायिक गतिविधियां सामान्य रहेगी। परंतु इस समय अचानक ही कुछ खर्चों की स्थितियां सामने आएंगी। आर्थिक मामलों में पूरी सावधानी और सतर्कता बरतें। सहकर्मियों के सहयोग से आप किसी महत्वपूर्ण आर्डर को पूरा करने में सक्षम रहेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज धर्म और अध्यात्म के प्रति आस्था रहेगी। आपका प्रभावशाली तथा सकारात्मक व्यक्तित्व दूसरों के लिए उदाहरण बनेगा। यही स्वभाव आपके कार्य को योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण करने में भी मदद करेगा। युवा वर्ग भी गंभीरता से अपने जीवन के मूल्यों को समझेंगे।
🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_*
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।
🌷आपका दिन मंगलमय हो।🌷
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2️⃣7️⃣❗1️⃣1️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣5️⃣
*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*
*!! कड़वा वचन !!*
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सुंदर नगर में एक सेठ रहते थे। उनमें हर गुण था- नहीं था तो बस खुद को संयत में रख पाने का गुण। जरा-सी बात पर वे बिगड़ जाते थे। आसपास तक के लोग उनसे परेशान थे। खुद उनके घर वाले तक उनसे परेशान होकर बोलना छोड़ देते।
किंतु, यह सब कब तक चलता। वे पुन: उनसे बोलने लगते। इस प्रकार काफी समय बीत गया, लेकिन सेठ की आदत नहीं बदली। उनके स्वभाव में तनिक भी फर्क नहीं आया।
अंततः एक दिन उसके घरवाले एक साधु के पास गये और अपनी समस्या बताकर बोले- “महाराज ! हम उनसे अत्यधिक परेशान हो गये हैं, कृपया कोई उपाय बताइये।” तब, साधु ने कुछ सोचकर कहा- “सेठ जी ! को मेरे पास भेज देना।”
“ठीक है, महाराज” कहकर सेठ जी के घरवाले वापस लौट गये। घर जाकर उन्होंने सेठ जी को अलग-अलग उपायों के साथ उन्हें साधु महाराज के पास ले जाना चाहा। किंतु, सेठ जी साधु-महात्माओं पर विश्वास नहीं करते थे। अतः वे साधु के पास नहीं आये। तब एक दिन साधु महाराज स्वयं ही उनके घर पहुंच गये। वे अपने साथ एक गिलास में कोई द्रव्य लेकर गये थे।
साधु को देखकर सेठ जी की प्योरिया चढ़ गयी। परंतु घरवालों के कारण वे चुप रहे।
साधु महाराज सेठ जी से बोले- “सेठ जी ! मैं हिमालय पर्वत से आपके लिए यह पदार्थ लाया हूं, जरा पीकर देखिये।” पहले तो सेठ जी ने आनाकानी की, परंतु फिर घरवालों के आग्रह पर भी मान गये। उन्होंने द्रव्य का गिलास लेकर मुंह से लगाया और उसमें मौजूद द्रव्य को जीभ से चाटा।
ऐसा करते ही उन्होंने सड़ा-सा मुंह बनाकर गिलास होठों से दूर कर लिया और साधु से बोले- “यह तो अत्यधिक कड़वा है, क्या है यह ?”
“अरे आपकी जबान जानती है कि कड़वा क्या होता है” साधु महाराज ने कहा। “यह तो हर कोई जानता है” कहते समय सेठ ने रहस्यमई दृष्टि से साधु की ओर देखा।
“नहीं ऐसा नहीं है, अगर हर कोई जानता होता तो इस कड़वे पदार्थ से कहीं अधिक कड़वे शब्द अपने मुंह से नहीं निकालता। सेठ जी वह एक पल को रुके फिर बोले। सेठ जी याद रखिये जो आदमी कटु वचन बोलता है वह दूसरों को दुख पहुंचाने से पहले, अपनी जबान को गंदा करता है।”
सेठ समझ गये थे कि साधु ने जो कुछ कहा है उन्हें ही लक्षित करके कहा है। वह फौरन साधु के पैरों में गिर पड़े- “बोले साधु महाराज ! आपने मेरी आंखें खोल दी, अब मैं आगे से कभी कटु वचनों का प्रयोग नहीं करूंगा।”
सेठ के मुंह से ऐसे वाक्य सुनकर उनके घरवाले प्रसन्नता से भर उठे। तभी सेठ जी ने साधु से पूछा- “किंतु, महाराज! यह पदार्थ जो आप हिमालय से लाये हो वास्तव में यह क्या है?”
साधु मुस्कुराकर बोले- “नीम के पत्तों का अर्क।” “क्या” सेठ जी के मुंह से निकला और फिर वे धीरे-से मुस्कुरा दिये।
*शिक्षा:-*
मित्रों! कड़वा वचन बोलने से बढ़कर इस संसार में और कड़वा कुछ नहीं। किसी द्रव्य के कड़वे होने से जीभ का स्वाद कुछ ही देर के लिए कड़वा होता है। परंतु कड़वे वचन से तो मन और आत्मा को चोट लगती है।
*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*
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