उत्तराखंड

*एचएसवाईएस जौलीग्रांट के शिक्षकों का कमाल, दुर्गम घाटी के ‘उर्गम’ में लगाया योग शिविर*

देवभूमि जेके न्यूज 25/APR/2024,डोईवाला- समुद्र तल से करीब 7000 फीट की ऊंचाई पर हिमालयन स्कूल ऑफ योगा साइंसेज (एचएसवाईएस) जौलीग्रांट के योग शिक्षकों ने विशेष योग शिविर आयोजित…

देवभूमि जेके न्यूज 25/APR/2024,डोईवाला- समुद्र तल से करीब 7000 फीट की ऊंचाई पर हिमालयन स्कूल ऑफ योगा साइंसेज (एचएसवाईएस) जौलीग्रांट के योग शिक्षकों ने विशेष योग शिविर आयोजित किया। इस शिविर में चमोली के दुर्गम क्षेत्र की उर्गम घाटी में स्थित अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।

स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट में संस्थापित हिमालयन स्कूल ऑफ योगा साइंसेज (एचएसवाईएस) कॉलेज के योग शिक्षक राहुल बलूनी, डॉ.अंकित शर्मा व विजेंद्र द्विवेदी चमोली की उर्गम घाटी पुहंचे। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.दीपक रतूड़ी व छात्र-छात्राओं की मांग पर एचएसवाईएस की ओर से विशेष योग शिविर आयोजित किया गया। इसमें एसएसवाईएस के योग शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को संस्थापक डॉ.स्वामी राम की शिक्षाओं पर आधारित योग दर्शन की जानकारी दी। साथ ही छात्र-छात्राओं को विभिन्न योग आसनों का अभ्यास करवाया। इसके अतिरिक्त योग के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं की जानकार दी। छात्र-छात्राओं के सवालों के संतुष्टपूर्ण जवाब भी दिए।

हिमालयन स्कूल ऑफ योगा साइंसेज (एचएसवाईएस) के प्रधानाचार्य डॉ.अजय दुबे ने बताया कि कॉलेज की ओर से भविष्य में भी ऐसे योग शिविरों का आयोजन किया जाता रहेगा।

जब सब हुए पीछे, तो एचएसवाईएस आया आगे –
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ.दीपक रतूड़ी ने योग शिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि छात्र-छात्राओं के लिए योग शिविर की मांग कई शैक्षणिक संस्थानों से की थी। लेकिन, अति दुर्गम होने की वजह से सभी ने इंकार कर दिया। ऐसे में जब हिमालयन स्कूल ऑफ योगा साइंसेज (एचएसवाईएस) जौलीग्रांट से छात्र-छात्राओं के लिए योग शिविर आयोजित करने की मांग की तो, बिना देरी किए एचएसवाईएस हामी भर दी गई।

Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1 Static 1
Discussion

0 Comments

Join the conversation

Share your view on this story. Your email address will not be published.