उत्तराखंड

*स्वर्गीय सरदार बलबीर सिंह के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी*

देवभूमि जे के न्यूज़- 01.06.2026 दिनांक 30.06.2026 को स्वर्गीय बलबीर सिंह सेवादार निर्मल आश्रम ऋषिकेश (80 वर्ष) का निधन निर्मल आश्रम अस्पताल में हुआ दिवंगत की भतीजी सुश्री…

देवभूमि जे के न्यूज़- 01.06.2026

दिनांक 30.06.2026 को स्वर्गीय बलबीर सिंह सेवादार निर्मल आश्रम ऋषिकेश (80 वर्ष) का निधन निर्मल आश्रम अस्पताल में हुआ दिवंगत की भतीजी सुश्री पम्मी (प्रबंधक निर्मल आश्रम सिलाई केंद्र) एवं भतीजा जसविंदर सिंह जी ने H. H. महंत बाबा राम सिंह जी महाराज एवं संत बाबा जोध सिंह जी महाराज से अपने चाचा जी आखें दान करने की विनती की, और निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान को सुचना दी | संस्थान की टीम डॉ. राना और मक्रेंदु ने अस्पताल पहुँचकर सफलतापूर्वक कार्निया प्राप्त किए | उस वक्त अनिल किंगर , चावला बिस्किट वाले एवं निर्मल आश्रम के सेवादार एवं निर्मल आश्रम अस्पताल का स्टाफ भी मौजूद था| परिवार ने मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेत्रदान कराया | इस नेत्रदान के माध्यम से अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आएगी और वे इस सुन्दर संसार को देख सकेंगे और निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान प्रशासन ने परिवार की सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता की सराहना करते हुए कहा की नेत्रदान महादान है, जो किसी व्यक्ति को नया जीवन देने के सामान है | संस्थान ने लोगों से अपील की कि मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आयें, ताकि हजारों नेत्रहीनो लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सके |

नेत्रदान के लिए आवश्यक बातें |
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मृत्यु के छह घंटें के भीतर आँखें दान की जा सकती हैं |
इस दौरान मृतक की आँखें बंद रखनी चाहिए, उन पर गीली रुई रखनी चाहिये तथा कमरे में पंखा बंद और यदि संभव हो तो एसी चालू रखना चाहिए | सिर के नीचे तकिया रखने से भी प्रक्रिया में सहायता मिलती |

नेत्रदान करने के लिए संपर्क कर सकतें हैं | +91-9837607526

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