उत्तराखंड

*जनक राज लूथरा की नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी*

देवभूमि जे के न्यूज,जोहनपुर, कोटद्वार, निवासी स्वर्गीय जनक राज लूथरा (71 वर्ष) के निधन के बाद उनके परिवार ने मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए…

देवभूमि जे के न्यूज,जोहनपुर, कोटद्वार, निवासी स्वर्गीय जनक राज लूथरा (71 वर्ष) के निधन के बाद उनके परिवार ने मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेत्रदान कराया | दिवंगत के बेटे मोनिक लूथरा ने अपने पिता जी की आखें दान करने की इच्छा जताई, और सरदार गुरबिंदर सिंह (मुरादाबाद वाले) एवं गोपाल नारंग ने निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान को सुचना दी | संस्थान की टीम डॉ. तुषार और मक्रेंदु ने दिवंगत के निवास पर पहुँचकर सफलतापूर्वक कार्निया प्राप्त किए | इस नेत्रदान के माध्यम से अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आएगी और वे इस सुन्दर संसार को देख सकेंगे और निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान प्रशासन ने परिवार की सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता की सराहना करते हुए कहा की नेत्रदान महादान है, जो किसी व्यक्ति को नया जीवन देने के सामान है | संस्थान ने लोगों से अपील की कि मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आयें, ताकि हजारों नेत्रहीनो लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सके |

नेत्रदान के लिए आवश्यक बातें |

मृत्यु के छह घंटें के भीतर आँखें दान की जा सकती हैं |
इस दौरान मृतक की आँखें बंद रखनी चाहिए, उन पर गीली रुई रखनी चाहिये तथा कमरे में पंखा बंद और यदि संभव हो तो एसी चालू रखना चाहिए | सिर के नीचे तकिया रखने से भी प्रक्रिया में सहायता मिलती |

नेत्रदान करने के लिए संपर्क कर सकतें हैं | +91-9837607526

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