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⚜️ आज का राशिफल ⚜️
दिनांक : 25 मई 2026
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मेष 🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपके लिए प्रतिकूल रहेगा। आज आपका रूखा व्यवहार दिन भर किसी ना किसी के साथ व्यर्थ के विवाद खड़े करेगा स्वभाव में क्रोध भी रहेगा। महिलाओ में भी धैर्य की कमी रहेगी अपनी व्यर्थ की बयानबाजी से माहौल ज्यादा अशांत बनाएंगी परिवार में सम्पति को लेकर भी विवाद के प्रसंग बनेंगे। कार्य क्षेत्र पर भी छोटी मोटी बातो पर उलझ बैठेंगे जिसका प्रभाव दैनिक आय पर भी पड़ेगा। धन लाभ आज आशा से भी बहुत कम ही रहेगा। गृहस्थ में अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी होगी उधार लेने की नौबत आ सकती है यथा संभव आज ना लें। स्वास्थ्य को भी संभालें जोखिम वाले कार्य आज ना करें।
वृष 🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपका व्यवहार अनाड़ियों जैसा रहेगा अतिआत्मविश्वास के कारण स्वयं ही अपने कार्य बिगाड़ लेंगे किसी पुराने गलत निर्णय के कारण पश्चाताप भी होगा। कार्य व्यवसाय में परिजनों का मार्गदर्शन मिलने पर भी आय के स्त्रोत विकसित नही कर सकेंगे सीमित मात्रा में धन की आमद रहेगी लेकिन वह भी परिवार में किसी ना किसी की फरमाइश पूरी करने में लग जायेगी। सन्तानो को पढ़ाई के ऊपर अतिरिक्त खर्च होगा। महिलाये आज प्रयास करने के बाद भी खर्च नही रोक पाएंगी आर्थिक कारणों से चिंतित भी रहेंगी इस विषय मे बुजुर्गो का सहयोग मिलने पर थोड़ी राहत मिलेगी। अपच की समस्या होगी।
मिथुन 👨👩👧👦 (का, की, कू, घ, ड, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप शांत रहने का प्रयास करेंगे परन्तु फिर भी आस-पास का वातावरण ही कुछ ऐसा बनेगा जिससे आपको क्रोध आएगा। घर में परिजन एवं कार्य क्षेत्र पर सहकर्मीयो को समझाने पर भी मनमानी कार्य करेंगे जिसका परिणाम बाद में स्वयं के साथ ही आपके लिए भी अहितकर रहेगा। मन में धार्मिक भाव आज अधिक रहने से कार्य क्षेत्र पर भी कुछ ना कुछ मानसिक जपादि करते रहेंगे। आर्थिक रूप से दिन मध्यम फलदायी रहेगा अधिक परिश्रम के बाद ही धन लाभ होगा। उधारी आज किसी को भूल कर भी ना दें। महिलाये छोटी बातों को प्रतिष्ठा से जोड़ेंगी जिससे वातावरण कुछ समय के लिये अशांत बनेगा।
कर्क 🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपके लिए साधारण ही रहेगा। आर्थिक रूप से कमजोर रहने के कारण अधिकांश योजनाओ को सिरे नही चढ़ा पाएंगे व्यापार में भी आज व्यवसाय सीमित ही रहेगा दौड़-धूप करने के बाद भी कामचलाने लायक धन की प्राप्ति होगी। आज आप घरेलू एवं अन्य बाहरी विवादों से दूरी बना कर रहेंगे फिर भी महिलाओ के विपरीत व्यवहार के कारण मन आहत होगा। सरकारी संबंधित कार्यों में भी किसी प्रक्रिया के अधूरे रहने से विलम्ब होगा। घर मे भाई बंधु आपसे काम निकालने के लिए मीठा व्यवहार करेंगे। व्यर्थ के खर्च ना चाहने पर भी करने पड़ेंगे। संध्या बाद अधिक थकान अनुभव होगी।
सिंह 🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहेगा। किसी के गलत आचरण से मन मे क्रोध आएगा फिर भी परिणाम जानकर माफ कर देंगे लेकिन व्यवहार विपरीत ही करेंगे। कार्य क्षेत्र पर मेहनत के अनुसार ही सफलता मिलेगी। अन्य लोगो के ऊपर निर्भर रहने से सीमित लाभ से ही संतोष करना पड़ेगा। उधारी वाले व्यवहार परेशानी में डालेंगे जल्द चुकता करने का प्रयास करें वरना सम्मान हानि हो सकती है। महिलाये आज सुनेंगी सबकी लेकिन करेंगी अपने ही मन की जिससे स्वयं तो संतोषी रहेंगी लेकिन अन्य लोगो को दुविधा में डालेंगी। परिवार के बुजुर्गो के साथ तीखी बहस हो सकती है शांत रहने का प्रयास करें अन्यथा परिणाम बुरे होंगे।
कन्या 👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपके लिए शुभफलदायी रहेगा। सोचे हुए कार्य आज आरम्भ से ही सही दिशा में आगे बढ़ेंगे व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा कम रहने से बिक्री बढ़ेगी धन लाभ भी बीच मे होता रहेगा। नौकरी वाले लोगो को आज अतिरिक्त आय बनाने का मौका भी मिलेगा इसके लिए परिश्रम भी ज्यादा करना पड़ेगा। सहकर्मी आपके व्यवहार से नाराज होंगे फिर भी कार्यों पर इसका प्रभाव नही पड़ेगा। धन को लेकर किसी से कहा-सुनी हो सकती है यहां धैर्य का परिचय दें अन्यथा धन के साथ ही संबंध भी डूबेंगे। महिलाये आज मनोकामना पूर्ति हेतु स्वार्थी व्यवहार करेंगी। स्वास्थ्य थोड़ा गड़बड़ होगा।
तुला ⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आपको घरेलू एवं व्यवसाय सम्बन्धित विविध समस्याओ का सामना करना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर किसी गलत निर्णय से नुकसान होगा आज आपको गलत मार्गदर्शन करने वाले ही अधिक मिलेंगे जिससे सही दिशा में जा रहा काम भी गलत हों जायेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन उलझनों भरा रहेगा आय लेदेकर बना लेंगे लेकिन आकस्मिक खर्च साथ आने से बजट गड़बड़ायेगा। महिलाये भी आर्थिक कारणों से अभिलाषा पूर्ण नही कर पाएंगी लेकिन पारिवारिक सुख को व्यक्तिगत सुख से ज्यादा महत्व देंगी बुजुर्गो का स्नेह मिलेगा। सेहत में धीरे धीरे गिरावट दर्ज होगी दवाओं पर खर्च करना पड़ेगा।
वृश्चिक 🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप किसी बहुप्रतीक्षित आवश्यक कार्य के पूर्ण होने से उत्साहित रहेंगे लेकिन सरकारी कार्य आज बिना जोड़तोड़ किये पूर्ण नही हो सकेंगे। व्यवसाय में आज ज्यादा भागदौड़ करने के पक्ष में नही रहेंगे मध्यान तक धन को लेकर थोड़ी परेशानी रहेगी लेकिन इसके बाद धन की आमद होने पर आर्थिक रूप से निश्चिन्त रहेंगे। महिलाये चतुराई से अपने कार्य बना लेंगी अपनी बुद्धि पर घमंड भी करेंगी। पारिवारिक सदस्य अथवा रिश्तेदारो से प्रसन्नता दायक समाचार मिलेंगे घर मे आपसी संबंध भी सामान्य ही बने रहेंगे। सार्वजनिक व्यवहारों में बढ़ोतरी होगी। निवेश से आज बचें।
धनु 🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आपके लिये उन्नति कारक रहेगा। सोची हुई योजनाये थोड़े से प्रयास के बाद स्वतः ही गति पकड़ लेंगी। स्वभाव में व्यवहारिकता एवं मिलनसार प्रवृत्ति रहने से आज किसी से सहायता मांगना भी आसान रहेगा लोग आपके किसी काम के लिए मना नही कर सकेंगे। आर्थिक रूप से दिन आशा से अधिक बेहतर रहेगा। व्यवसायी एवं नौकरी पेशा लोग भी निश्चित धन लाभ के साथ अतिरिक्त आय भी बना सकेंगे प्रलोभन के अवसर भी मिलेंगे इनमें भी आज लाभ की संभावना ही रहेगी। महिलाये आज किसी से बहस होने पर मन ही मन जली भुनी रहेंगी। सेहत उत्तम रहेगी।
मकर 🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आप पिछले कुछ दिनों की अपेक्षा शांति से व्यतीत करेंगे। आर्थिक आयोजन करने से घबराएंगे लेकिन आज व्यवसाय अथवा अन्य जोखिम वाले कार्यों में निवेश निसंकोच होकर करें विलम्ब से ही सही नतीजे आपके पक्ष में ही रहेंगे। व्यवसाय में दुविधा की स्थिति से बाहर निकलने के लिए किसी अनुभवी का मार्गदर्शन लें धन लाभ आज निश्चित होकर रहेगा। महिलाये आज मानसिक रूप से प्रसन्न रहेगी पारिवारिक वातावरण को भी महकाएंगी। दाम्पत्य जीवन मे भी आत्मीयता रहेगी। बेरोजगार नए कार्य से जुड़ेंगे व्यर्थ बहस वाले प्रसंगों से दूर रहें।
कुंभ 🏺 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन शारीरिक एवं मानसिक रूप से उतार चढ़ाव वाला रहेगा। सेहत आज प्रातः काल से ही नरम रहेगी बाहर का खान-पान एवं शीतल प्रदार्थ ज्यादा गड़बड़ करेगा इनसे दूर रहेंगे। नौकरी पेशा जातको को लापरवाही के कारण अधिकारियों की डांट सुन्री पड़ेगी। व्यवसायी वर्ग भी समय से वादा पूर्ण ना करने पर अपमानित हो सकते है। व्यवसाय में आज लगभग सभी कार्य आपकी सोच के विपरीत ही होंगे नए कार्यों में पैसा ना फ़सायें पहले अधूरे कार्य पूर्ण करें धन लाभ आज अल्प मात्रा में ही होगा। महिलाये भी आज शारीरिक क्षमता कम रहने से मामूली बातो से चिढ़ जाएंगी।
मीन 🐋 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपके लिये सामान्य से बेहतर रहेगा। आज अचानक किसी की सहायता अथवा स्वभाव परिवर्तन देख कर आश्चर्य चकित रह जायेंगे। काम-धंधा भी आशाजनक रहेगा परन्तु उधारी वाले व्यवहारों से निजात पाना असंभव होगा इसी वजह से धन संचय करने में भी परेशानी आएगी। खर्च आज आसानी से निकाल लेंगे। सरकारी कार्य अधिकारियों को मेहरबानी से आगे बढ़ेंगे। महिलायें आज किसी कारण से पुरुषों के ऊपर आश्रित रहेंगी समय से कामना पूर्ति ना होने एवं परिजनों के उद्दंड व्यवहार से क्रोधित भी रहेंगी। सेहत लगभग सामान्य ही रहेगी।
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♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️
*!! तीन प्रश्न !!*
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विख्यात रूसी साहित्यकार “टालस्टाय” अपनी कहानी “तीन प्रश्न” में लिखते हैं कि किसी राजा के मन में तीन प्रश्न अक्सर उठा करते थे जिनके उत्तर पाने के लिए वह अत्यंत अधीर था इसलिए उसने अपने राज्यमंत्री से परामर्श किया और अपने सभासदों की एक बैठक बुलाई। राजा ने उस सभा में जो अपने तीनों प्रश्न सबके सम्मुख रखे; वे थे —
- सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य क्या होता है?
- परामर्श के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति कौन होता है?
- किसी भी निश्चित कार्य को करने का महत्त्वपूर्ण समय कौन सा होता है?
कोई भी राजा के प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर न दे पाया लेकिन उस सभा में राजा को एक ऐसे संन्यासी के बारे में पता चला जो सुदूर जंगल में एक कुटिया में रहते थे और सबकी जिज्ञासा का समाधान करने में समर्थ थे। राजा भी साधारण वेष में अपने कुछ सैनिकों एवं गुप्तचरों को साथ लेकर चल दिया उस संन्यासी के दर्शनों के लिए। दिल में एक ही आस थी कि अब उसे अपने प्रश्नों के उत्तर अवश्य ही मिल जायेंगे। जब वे सब सन्यासी की कुटिया के समीप पहुंचे तो राजा ने अपने सभी सैनकों एवं गुप्तचरों को कुटिया से दूर रहने का आदेश दिया और स्वयं अकेले ही आगे बढ़ने लगा।
राजा ने देखा कि अपनी कुटिया के समीप ही सन्यासी खेत में कुदाल चला रहे हैं। कुछ ही क्षणों में उनकी दृष्टि राजा पर पड़ी। कुदाल चलाते-चलाते ही उन्होंने राजा से उसके आने का कारण पूछा और राजा ने भी बड़े आदर से अपने वही तीनों प्रश्न संन्यासी को निवेदित कर दिए। राजा अपने प्रश्नों के उत्तर की प्रतीक्षा करने लगा लेकिन यह क्या? साधु ने तो उत्तर देने की बजाय राजा को उसकी कुदाल लेने का संकेत कर डाला और राजा भी कुदाल लेकर खेत जोतने लगा। आख़िरकार राजा को अपने प्रश्नों के उत्तर भी तो चाहिए थे।
राजा के खेत जोतते-जोतते संध्या हो गयी। इतने में ही एक घायल व्यक्ति जो खून से लथपथ था और जिसके पेट से खून की धार बह रही थी, उस संन्यासी की शरण लेने आया। अब संन्यासी एवं राजा दोनों ने मिलकर उस घायल की मरहम पट्टी की। दर्द से कुछ राहत मिली तो घायल सो गया। प्रातः जब वह घायल आगंतुक राजा से क्षमायाचना करने लगा तो राजा के आश्चर्य का ठिकाना न रहा। आगन्तुक राजा की स्थिति देख तत्काल अपना परिचय देते हुए बोला – “कल तक आपको मैं अपना घोर शत्रु मानता था क्योंकि आपने मेरे भाई को फाँसी की सज़ा दी थी। बदले का अवसर ढूढ़ता रहता था। कल मुझे पता लग गया था कि आप साधारण वेषभूषा में इस साधु के पास आये हैं। आपको मारने के उद्देश्य से मैं यहाँ आया था और एक झाड़ी के पीछे छिपकर बैठा था लेकिन आपके गुप्तचर मुझे पहचान गये और घातक हथियारों से मुझे चोट पहुँचाई लेकिन आपने अपना शत्रु होने के बावजूद भी मेरे प्राणों की रक्षा की। परिणामतः मेरे मन का द्वेष समाप्त हो गया है। अब मैं आपके चरणों का सेवक बन गया हूँ। आप चाहे दण्ड दें अथवा मुझे क्षमादान दें, यह आपकी इच्छा।”
घायल की बात सुनकर राजा स्तब्ध रह गया और मन ही मन इस अप्रत्याशित ईश्वरीय सहयोग के लिए के लये प्रभु का धन्यवाद करने लगा। संन्यासी मुस्कुराया और राजा से कहने लगा – “राजन्, क्या अभी भी आपको अपने प्रश्नों के उत्तर नहीं मिले ?”
राजा कुछ दुविधा में दिखाई दे रहा था इसलिए संन्यासी ने ही बात आगे बढ़ाई – आपके पहले प्रश्न का उत्तर है — सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य वही होता है जो हमारे सामने होता है; जैसे आपने मुझे खेत जोतने में सहयोग दिया। यदि आप मुझे सहानुभूति न दिखाते तो आपके जीवन की रक्षा न हो पाती।
आपका दूसरा प्रश्न था कि परामर्श के लिए कौन महत्त्वपूर्ण होता है जिसका उत्तर आपको स्वयं ही मिल चुका है कि जो व्यक्ति हमारे पास उपस्थित होता है, उसी से परामर्श मायने रखता है। जैसे उस घायल व्यक्ति को सहायता की आवश्यकता थी जिसके प्राण आपने बचाये। इस तरह आपका शत्रु भी आपका मित्र बन गया।
तीसरे प्रश्न का उत्तर यही है कि किसी भी निश्चित कार्य को करने का महत्त्वपूर्ण समय होता है “अभी”।
शिक्षा:-
मित्रों, महान् रूसी साहित्यकार टालस्टाय की यह कहानी हमें सावधान करती है कि वर्तमान के महत्त्व को कभी भी नहीं भूलना चाहिए। भविष्य की चिंता में वर्तमान यदि बिगड़ गया तो हम हाथ ही मलते रह जायेंगे। प्रस्तुत कार्य को मनोयोग से करना अथवा समय का सदुपयोग ही न केवल उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं की नींव होता है अपितु यही सर्वांगीण प्रगति का मूलमंत्र भी है।
सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।
जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।
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