*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- कड़वा वचन*

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*⚜️ आज का राशिफल ⚜️*
*दिनांक : 03 फरवरी 2026*

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन घर एवं बाहर के वातावरण में बदलाव लाने वाला रहेगा। सेहत थोड़ी नरम रहने से आलस्य रहेगा फिर भी आज आप घरेलु समस्याओं के समाधान के प्रति अधिक सतर्क रहेंगे। आज वाणी एवं व्यवहार में भी कल की अपेक्षा नरमी रहेगी। सरकारी कार्यो में पहले उलझन पड़ेगी लेकिन किसी अनुभवी के सहयोग से समाधान मिल जाएगा।कार्य क्षेत्र पर आज कुछ महत्त्वपूर्ण बदलाव कर सकते है इस पर खर्च भी होगा। संध्या के समय मनोरंजन के अवसर तलाशेंगे स्त्री सुख आवश्यकता पूर्ति करने पर ही मिलेगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज का दिन विषम परिस्थितियों वाला रहेगा। आज मन में भावुकता एवं क्रोध की अधिकता रहने से छोटी बात गंभीर विवाद का रूप ले सकती है। मध्यान पश्चात संतान और जीवनसाथी के स्वास्थ्य ख़राब हो सकता है। वाणी एवं व्यवहार संयमित रखें अन्यथा सम्मान में कमी आ सकती है। सरकारी कार्यो को संभवतः टाले निर्णय आपके विपरीत रहेंगे। धन लाभ की संभावनाएं आज कम ही है परन्तु जब भी होगा आकस्मिक ही होगा। विपरीत लिंगीय आकर्षण अधिक रहने से कार्यो से ध्यान भटकेगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन बीते दिनों की अपेक्षा सुख-शांति से बितायेंगे। आज आपके स्वाभाव में नरमी रहने से परिजनों के साथ चल रहे मतभेद सामान्य होंगे। कला एवं संगीत में आज विशेष रूचि रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आज किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति का सहयोग मिलने से रुके कार्य पूर्ण होंगे। संतानों के ऊपर खर्च बढेगा महिलाये अस्त-व्यस्त गृहस्थी को संभालने में अधिक व्यस्त रहेंगी। नजदीकी रिश्तेदारो से शुभ समाचार मिलेगा। धन लाभ परिश्रम के बाद दोपहर बाद ही होगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपके लिए मिश्रित फलदायक रहेगा। दिन के पूर्वार्ध में कार्य क्षेत्र पर बेहतर वातावरण मिलने से धन लाभ होगा। इसके बाद का समय गलत निर्णय लेने से हानिकर रहेगा प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। खर्च पर नियंत्रण नहीं रहने से आर्थिक समस्या बन सकती है। परिजनों का सहयोग बराबर मिलते रहने से मानसिक रूप से शान्ति रहेगी। महिलाओ की सेहत आज नरम रहने से घरेलू कार्य बिखरे रहेंगे ठंडे पदार्थो का सेव ना करें। मित्रो का भी साथ मिलेगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन भी आपको शुभ फल देने वाला है। आज आप अपने व्यवहार कुशलता से किसी का भी दिल जीत सकते हैं। सरकारी अथवा अचल संपत्ति के दस्तावेज करने के लिए आज का दिन शुभ है। व्यवसाय में निवेश भविष्य के लिए लाभदायक रहेगा। मित्र-परिजनों के साथ मनोरंजन के अवसर मिलेंगे महिला वर्ग घरेलु झगड़े का कारण बनेगी निवारण भी स्वयं ही करेंगी। आज आपके हाथ से किये गए शुभकर्म अति लाभदायक सिद्ध होंगे। मध्यान के समय मन चंचल रहेगा आवश्यक निर्णय इस अवधि में ना लें।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज की दिनचर्या असंयमित रहेगी। आज के दिन का पूर्वार्ध परिवार में कलह रहने के कारण अशान्त रहेगा इसका कारण आप ही रहेंगे। सेहत भी असामान्य रहने से कार्य क्षेत्र पर बेहतर अनुभव नहीं करेंगे। धन लाभ के लिए आज चाटुकारिता का सहारा लेना पड़ सकता है। धार्मिक स्थानों पर दान पुण्य के अवसर मिलेंगे। स्त्री मित्रो से संबंदो में कड़वाहट आ सकती है बहसबाजी से बचें। व्यवहार में नरमी रखें भ्रामक बातो पर विश्वास ना करें लोग आपको उकसाने का काम करेंगे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन का पूर्वार्ध पहले की भांति ही आनंददायक रहेगा। मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। कार्यो में थोड़े प्रयत्न से लाभ होगा। प्रियजनों से उपहार-भेंट मिलेगी। नौकरी पेशा जातको को दिन के उत्तरार्ध में काम का बोझ बढेगा। दोपहर के बाद का समय परिश्रम साध्य रहेगा। लापरवाही करने पर बनते कार्यो में विघ्न आएंगे। लाभ के अनुबंध मिलने की संभावना है परन्तु किसी के टांग अड़ाने से दुविधा में पड़ेंगे। परिवार में आज समय से काम ना करने पर स्त्री-संतान से मतभेद हो सकता है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपके लिए उन्नति दायक रहेगा। कार्य क्षेत्र पर आज अधिकारियो का प्रोत्साहन मिलने से उन्नति के मार्ग खुलेंगे। व्यवसाय में लाभ पाने के लिए थोड़ा परिश्रम करना पड़ सकता है लेकिन इसका फल आश्चर्य में डालने वाला रहेगा। अनैतिक कार्यो में पड़ने से मान हानि के योग बनेंगे इससे दूर रहें। परिजनों से मधुर भावनात्मक सम्बन्ध रहेंगे घरेलू समस्याओ को महिलाये अपने बल पर सुलझा लेंगी। संध्या के समय शुभ समाचार मिलेंगे। उत्तम भोजन वाहन मनोरंजन पर्यटन से आनंद मिलेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन आध्यात्म एवं धार्मिक आस्था में वृद्धि करने वाला रहेगा। पुण्योदय होने से भाग्योन्नति के अवसर मिलेंगे। फिर भी आज आपके निर्णय सही दिशा ले रहे है या नहीं इसकी जांच अवश्य करलें। धार्मिक यात्रा देव दर्शन के योग है। घर में वैवाहिक कार्यो की रूप रेखा बनेगी। कार्य व्यवसाय पर भी दिन लाभ कराने वाला रहेगा। पुराने परिचितों से भेंट होगी। महिलाये आज कार्यो में विलंब करेंगी जिससे थोड़ी अव्यवस्था फैलेंगी। संतानो का स्वभाव चंचल रहेगा शान्ति के लिए
छोटी मोटी बातो की अनदेखी करें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन प्रतिकूल परिस्थिति वाला रहेगा। आज घर सदस्य की चिकित्सा पर अधिक खर्च होने से आर्थिक हालात असामान्य बनेंगे उधार भी लेना पड़ सकता है यथा संभव आज उधार ना लें। कार्य क्षेत्र पर आज दुसरो के ऊपर निर्भर रहना पड़ सकता है। अधिक भाग दौड़ रहने के कारण थकान एवं स्वाभाव में रूखापन आने से प्रेम संबंध बिगड़ने की संभावना है। यात्रा में वाहन से चोट लग सकती है। जोखिम वाले कार्यो से दूर रहें आज परिवार की महिलाओं की बात ना मानने से बाद में पछतावा होगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिये बीते कल की तुलना में थोड़ी राहत प्रदान करेगा। आज धन का खर्च आय की तुलना में अधिक रहेगा फिर भी मानसिक रूप से दिन भर प्रसन्न रहेंगे। घर में किसी अविवाहित के रिश्ते की बात आगे बढ़ेगी। कीमती वस्तुओ की खरीददारी पर खर्च होगा। कार्य क्षेत्र से आज सिमित धन लाभ होगा। अधिकांश कार्य आज सहयोगियों की सहायता लेकर ही करने पढ़ेंगे। शेयर एवं अन्य जोखिम वाले कार्य मे निवेश अवश्य लाभ देगा। महिलाये आज किसी का सहयोग करके आत्मसंतुष्टि अनुभव करेंगी।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन भी आपके पक्ष में रहेगा। परन्तु सेहत में थोड़ा उतार चढ़ाव बना रहेगा। पुराने लटके कार्यो में गति आएगी। नई योजनाएं अधिक फलीभूत होंगी। सामाजिक कारणों से भी आज अधिक व्यस्त रह सकते है। सरकारी कार्य आज करना ठीक रहेगा निश्चित सफलता मिलेगी। संध्या के समय धन की आमद होने से आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विरोधी आज शांत रहेंगे। महिलाये आज घरेलू कार्य मे ज्यादा व्यस्त रहेंगी। रिश्तेदारों के आने से चहल पहल बढ़ेगी।
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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*

*!! कड़वा वचन !!*
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सुंदर नगर में एक सेठ रहते थे। उनमें हर गुण था- नहीं था तो बस खुद को संयत में रख पाने का गुण। जरा-सी बात पर वे बिगड़ जाते थे। आसपास तक के लोग उनसे परेशान थे। खुद उनके घर वाले तक उनसे परेशान होकर बोलना छोड़ देते।

किंतु, यह सब कब तक चलता। वे पुन: उनसे बोलने लगते। इस प्रकार काफी समय बीत गया, लेकिन सेठ की आदत नहीं बदली। उनके स्वभाव में तनिक भी फर्क नहीं आया।

अंततः एक दिन उसके घरवाले एक साधु के पास गये और अपनी समस्या बताकर बोले- “महाराज ! हम उनसे अत्यधिक परेशान हो गये हैं, कृपया कोई उपाय बताइये।” तब, साधु ने कुछ सोचकर कहा- “सेठ जी ! को मेरे पास भेज देना।”

“ठीक है, महाराज” कहकर सेठ जी के घरवाले वापस लौट गये। घर जाकर उन्होंने सेठ जी को अलग-अलग उपायों के साथ उन्हें साधु महाराज के पास ले जाना चाहा। किंतु, सेठ जी साधु-महात्माओं पर विश्वास नहीं करते थे। अतः वे साधु के पास नहीं आये। तब एक दिन साधु महाराज स्वयं ही उनके घर पहुंच गये। वे अपने साथ एक गिलास में कोई द्रव्य लेकर गये थे।

साधु को देखकर सेठ जी की प्योरिया चढ़ गयी। परंतु घरवालों के कारण वे चुप रहे।

साधु महाराज सेठ जी से बोले- “सेठ जी ! मैं हिमालय पर्वत से आपके लिए यह पदार्थ लाया हूं, जरा पीकर देखिये।” पहले तो सेठ जी ने आनाकानी की, परंतु फिर घरवालों के आग्रह पर भी मान गये। उन्होंने द्रव्य का गिलास लेकर मुंह से लगाया और उसमें मौजूद द्रव्य को जीभ से चाटा।

ऐसा करते ही उन्होंने सड़ा-सा मुंह बनाकर गिलास होठों से दूर कर लिया और साधु से बोले- “यह तो अत्यधिक कड़वा है, क्या है यह ?”

“अरे आपकी जबान जानती है कि कड़वा क्या होता है” साधु महाराज ने कहा। “यह तो हर कोई जानता है” कहते समय सेठ ने रहस्यमई दृष्टि से साधु की ओर देखा।

“नहीं ऐसा नहीं है, अगर हर कोई जानता होता तो इस कड़वे पदार्थ से कहीं अधिक कड़वे शब्द अपने मुंह से नहीं निकालता। सेठ जी वह एक पल को रुके फिर बोले। सेठ जी याद रखिये जो आदमी कटु वचन बोलता है वह दूसरों को दुख पहुंचाने से पहले, अपनी जबान को गंदा करता है।”

सेठ समझ गये थे कि साधु ने जो कुछ कहा है उन्हें ही लक्षित करके कहा है। वह फौरन साधु के पैरों में गिर पड़े- “बोले साधु महाराज ! आपने मेरी आंखें खोल दी, अब मैं आगे से कभी कटु वचनों का प्रयोग नहीं करूंगा।”

सेठ के मुंह से ऐसे वाक्य सुनकर उनके घरवाले प्रसन्नता से भर उठे। तभी सेठ जी ने साधु से पूछा- “किंतु, महाराज! यह पदार्थ जो आप हिमालय से लाये हो वास्तव में यह क्या है?”

साधु मुस्कुराकर बोले- “नीम के पत्तों का अर्क।” “क्या” सेठ जी के मुंह से निकला और फिर वे धीरे-से मुस्कुरा दिये।

*शिक्षा:-*
मित्रों! कड़वा वचन बोलने से बढ़कर इस संसार में और कड़वा कुछ नहीं। किसी द्रव्य के कड़वे होने से जीभ का स्वाद कुछ ही देर के लिए कड़वा होता है। परंतु कड़वे वचन से तो मन और आत्मा को चोट लगती है।

*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है – उसके पास समस्त है।।*
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