*मणिकूट पर्वत पर 15 फरवरी को होगी त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा – हरिओम जी महाराज*
देवभूमि जे के न्यूज़ (जय कुमार तिवारी) ऋषिकेश, 31 जनवरी।
शिव-शक्ति के सबसे शुद्ध एवं सिद्ध स्थल मणिकूट पर्वत, ऋषिकेश (उत्तराखंड) पर आगामी 15 फरवरी 2026 को त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस दिव्य एवं भव्य प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का आयोजन 13 से 15 फरवरी तक किया जाएगा। यह जानकारी जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 श्री हरिओम जी महाराज (माँ त्रिपुर सुंदरी धाम, मणिकूट पर्वत, ऋषिकेश) ने शिव-शक्ति कैलाश आश्रम, खैरी खुर्द नेपाली फार्म में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हरिओम जी महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी को राजाजी नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत स्थित मणिकूट पर्वत पर त्रयोदश ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा होगी, जिसमें तेरहवां ज्योतिर्लिंग गुजरेश्वर महादेव के रूप में प्रतिष्ठित किया जाएगा। तीन दिवसीय इस दिव्य अनुष्ठान का शुभारंभ 13 फरवरी से होगा।
हरिओम जी महाराज ने कहा कि मणिकूट पर्वत का उल्लेख शिव पुराण सहित अनेक वेद-पुराणों में मिलता है। यह स्थल आध्यात्मिक दृष्टि से विश्व में शिव और शक्ति के संगम की अलौकिक ऊर्जा का प्रतीक है। साधु-संत एवं साधक यहां साधना कर विशेष सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करते हैं। यह शिव-शक्ति का एकमात्र पर्वत है जिसकी परिक्रमा की जाती है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मणिकूट पर्वत पर 11 कुंड निरंतर प्रज्ज्वलित रहते हैं। यहां 500 से अधिक बिल्व वृक्षों का विशाल बाग है। धाम में स्थापित 11 रुद्राक्ष वृक्ष 11 रुद्रों के प्रतीक हैं। महादेव कुंड में महादेव स्रोत का जल निरंतर प्रवाहित होता है, जिससे द्वादश ज्योतिर्लिंग का अभिषेक किया जाता है। यहां बेसहारा गौवंश के लिए गौशाला, मणिधारी नागों की उपस्थिति तथा माँ त्रिपुर सुंदरी का शक्तिपीठ भी स्थित है, जो मणिकूट धाम को शिव-शक्ति का अत्यंत सिद्ध स्थल बनाते हैं।
1,08,000 रुपये पुरस्कार की घोषणा
यज्ञ सम्राट श्री हरिओम जी महाराज ने घोषणा की कि यदि कोई संत, साधु, महात्मा अथवा विद्वान शिव-शक्ति से संबंधित किसी अन्य स्थान को मणिकूट धाम से अधिक शुद्ध एवं सिद्ध प्रमाणित करता है, तो उसे मणिकूट धाम की ओर से 1,08,000 रुपये की राशि देकर ससम्मान विदाई दी जाएगी।
