*ऋषिकेश- शिवाजी नगर, मीरा नगर ,गुमानी वाला ,गुर्जर प्लांट ,नंदू फॉर्म, अमित ग्राम सहित तमाम जगहों पर वन विभाग की कार्यवाही पर आज उच्चतम न्यायालय में आज क्या हुआ? – पढ़े पूरी खबर*
डेस्क- ऋषिकेश 5 जनवरी 2026 बापू ग्राम, शिवाजी नगर, मीरा नगर ,गुमानी वाला ,गुर्जर प्लांट ,नंदू फॉर्म, अमित ग्राम सहित तमाम जगहों पर वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई पर नगर निगम ऋषिकेश ने एक जांच कमेटी गठित कर उच्चतम न्यायालय में अपना पक्ष रखा । आज 5 जनवरी को माननीय उच्चतम न्यायालय ने विस्तार से नगर निगम ऋषिकेश को उनके वकील के द्वारा दी गई दलीलों को सुना, आईए जानते हैं आज कोर्ट में क्या हुआ?
1. जज साहब का अधिकारियों पर गुस्सा-
माननीय मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सुनवाई शुरू होते ही सरकारी वकील और वन विभाग से बहुत तीखे सवाल पूछे। उन्होंने साफ कहा:
“हम हैरान हैं! राज्य सरकार की मशीनरी पूरी तरह फेल हो चुकी है। यह अधिकारियों की लापरवाही नहीं, बल्कि उनकी ‘मिलीभगत’ लगती है।”
2. सबसे बड़ा सवाल: “23 साल तक कहाँ थे?”
जज साहब ने सरकारी वकील को फटकारते हुए कहा:
“2000 से लेकर 2023 तक (23 साल) आप कहाँ सो रहे थे? आपने लोगों को वहां घर बनाने दिया, उनकी पीढ़ियों को वहां बसने दिया… और अब अचानक आप कोर्ट के आदेश की आड़ लेकर उन्हें बेघर करना चाहते हैं?”
3. सरकार की दलील और कोर्ट का जवाब:
सरकारी वकील ने कहा: “हुजूर, हमने अतिक्रमण हटाने की कोशिश की थी, लेकिन वहां हिंसा हो गई थी, हम बाकी पॉकेट्स (हिस्सों) में भी कार्रवाई जारी रखना चाहते हैं।”
इस पर जज साहब ने उन्हें चुप करा दिया और कहा:
“आज हम आपको कोई ‘पवित्र गाय’ नहीं मानेंगे। हम पहले आपका पुराना आचरण देखेंगे। आप अपनी मनमानी नहीं कर सकते।”
4. आदेश
कोर्ट ने साफ़ शब्दों में कहा:
स्टे बरकरार है:
यथास्थिति जैसा है, वैसा ही रहेगा।
5. 2 हफ्ते का समय
कोर्ट ने राज्य सरकार को 2 हफ्ते का समय दिया है और एक विस्तृत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने पूछा है:
कुल कितनी जमीन है?
कितने लोग वहां रह रहे हैं?
किस तरह के निर्माण हुए हैं (कच्चे/पक्के)?
साइट प्लान क्या है?
इस प्रकार 2 हफ्ते में पूरी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखी जाएगी।
फिलहाल इन तमाम जगहों पर रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है।
