*आरोग्य भारती उत्तराखंड द्वारा स्वास्थ्य जीवन हेतु वैज्ञानिक संगोष्ठी का हुआ आयोजन*
देवभूमि जे के न्यूज़,
आरोग्य भारती उत्तराखंड द्वारा स्वास्थ्य जीवन हेतु एक वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के गुरुकुल सभागार में किया गया ,जिसका उद्घाटन आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ डॉ अरुण त्रिपाठी , परीक्षा नियंत्रक डॉ ओ पी सिंह एवं आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राकेश पंडित ने किया ! वैज्ञानिक सत्र में अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ डी के श्रीवास्तव ने स्वस्थ मन की उपयोगिता और स्वास्थमय जीवन का विस्तृत जानकारी दी अच्छा मानसिक स्वास्थ्य आपको जीवन के सुखों का आनंद लेने, संतोषजनक रिश्ते बनाने और दैनिक कार्यों को कुशलता से करने में मदद करता है.
यह जीवन की कठिन परिस्थितियों और तनाव से निपटने के लिए लचीलापन और बेहतर तरीके प्रदान करता है. स्वास्थ्य मन ही आपको परिवार, दोस्तों और समुदाय के साथ पूरी तरह से जुड़ने में सक्षम बनाता है, जिससे अकेलापन कम होता है. आपको अपने अर्ध जागृत यानी अवचेतन मन को अच्छी प्रॉग्रामिंग करके जीवन में सफल बनना ही आपका उद्देश्य होना चाहिए डॉ श्रीवास्तव ने उसके रहस्यों और तरीकों से सभी प्रतिभागियों को जानकारी दी उन्होंने कहा कि
मानसिक रूप से स्वस्थ होने पर व्यक्ति अपनी क्षमताओं को पहचानता है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने में मदद मिलती है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान ऋषिकेश के शरीर रचना विभाग के प्रोफेसर डॉ बृजेन्द्र सिंह ने बताया कि
अच्छा मानसिक स्वास्थ्य कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन में उत्पादकता बढ़ाता है.
आपकी सकारात्मक सोच ही
आपको खुश, आशावादी और जीवन के प्रति संतुष्ट महसूस कराता है.
मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आपको
नियमित व्यायाम करना चाहिए
रोज़ाना व्यायाम करने से तनाव कम होता है और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है.
स्वस्थ आहार जैसे
विटामिन, खनिज और ओमेगा-3 से भरपूर स्वस्थ और पौष्टिक आहार मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. डॉ शशि कंडवाल ने कुटुंब प्रबोधन की आवश्यकता पर कार्य करने की योजना को कार्य रूप देने के लिए सभी का आह्वान किया और समाज में गिरते मूल्यों को संभालने की आवश्यकता पर बल दिया । कार्यक्रम में प्रोफ डॉ उत्तम कुमार प्रो डॉ संजय त्रिपाठी प्रोफ डॉ देवेश शुक्ला प्रोफ डॉ एस पी सिंह प्रोफ डॉ बालकृष्ण पंवार और सचिव डॉ विकास सूर्यवंशी ने भी अपने विचार रखे ।
