उत्तराखंड

*छात्रा की संदिग्ध स्तिथि में मौत के कारणों की हर पहलुओं से हो गंभीर जांच : कुसुम कण्डवाल*

देव भूमि जे के न्यूज, 2 अगस्त 2025 *यूनिवर्सिटी में छात्रा की मौत पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने लिया स्वतः संज्ञान, एसएसपी को दिए गंभीर जांच…

देव भूमि जे के न्यूज, 2 अगस्त 2025

*यूनिवर्सिटी में छात्रा की मौत पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने लिया स्वतः संज्ञान, एसएसपी को दिए गंभीर जांच के निर्देश*

उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में 18 वर्षीय एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले सोशियल मीडिया में प्रसारित ख़बर के माध्यम से जानकारी मिलने पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है उन्होंने कहा छात्रा की संदिग्ध स्थिति में मौत पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि ऐसा होना बहुत चिंता का विषय है।

जानकारी मिली है कि बीसीए द्वितीय वर्ष की एक छात्रा का शव बीते 30 जुलाई बुधवार को यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की छत से लटका मिला था। जिसे कॉलेज प्रशासन ने आत्महत्या बताया है। लेकिन मृतक छात्रा के पिता ने इस प्रकरण में वजह रैगिंग को बताया है।

पीड़िता के पिता ने बयान में कहा की उनकी बेटी ने उन्हें कॉलेज में हो रही रैगिंग की जानकारी दी थी और वीडियो भी भेजा था। जिस को लेकर उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही और सहयोग न करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी हंसमुख और मजबूत थी, वो खुदकुशी नहीं कर सकती।

मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल से फोन पर वार्ता के क्रम में गंभीर जांच के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि यदि उसके साथ गलत हुआ या रैगिंग की गई है तो यह बहुत निंदनीय है इस घटना के सभी साक्ष्यों व तथ्यों के आधार पर उसकी गहन जांच की जाए और गलत करने वाले आरोपी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, वहीं उन्होंने कहा कि यदि छात्रा ने किसी अन्य कारणवश आत्महत्या की है तो उस पहलुओं के आधार पर भी जांच व कार्रवाई की जाए जिससे यह पता चल सके कि छात्रा की मौत के पीछे क्या कारण है।

वहीं आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि माता पिता की विशेष जिम्मेदारी है कि वो अपने बच्चों से दिन भर की जानकारी अवश्य लें उनके साथ क्या सही व क्या गलत हो रहा है यह जानकारी होना बहुत जरूरी है। कुछ मामलों में देखा गया है आजकल बच्चों में धैर्य क्षमता न के बराबर है। इसी लिए उनके दैनिक जीवन की जानकारी माता पिता को होना बहुत आवश्यक है।

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