*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -राजा और मंत्री*


*आज का पञ्चांग*

*दिनाँक:-17/07/2025,गुरुवार*
*सप्तमी, कृष्ण पक्ष,*
*श्रावण*
(समाप्ति काल)

तिथि———- सप्तमी 19:08:28. तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र————- रेवती 27:38:02
योग———— अतिगंड 09:27:37
करण——– विष्टि भद्र 08:06:46
करण————— बव 19:08:28
वार———————— गुरूवार
माह————————- श्रावण
चन्द्र राशि——- मीन 27:38:02
चन्द्र राशि——————– मेष
सूर्य राशि——————— कर्क
रितु————————— वर्षा
आयन—————— दक्षिणायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) ————–सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126
सूर्योदय—————- 05:35:52
सूर्यास्त—————– 19:14:43
दिन काल————– 13:38:50
रात्री काल————– 10:21:39
चंद्रास्त—————– 11:46:03
चंद्रोदय–‐————–23:29:02
लग्न —- कर्क 0°29′ , 90°29′
सूर्य नक्षत्र——————- पुनर्वसु
चन्द्र नक्षत्र–‐—————– रेवती
नक्षत्र पाया——————– स्वर्ण

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

दे—- रेवती 10:32:56

दो—- रेवती 16:15:32

च—- रेवती 21:57:14

ची—- रेवती 27:38:02

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 00°49, पुनर्वसु 4 ही
चन्द्र= मीन 17 °30 , रेवती 1 दे
बुध = कर्क 21°52 ‘ आश्लेषा 2 डू
शु क्र= वृषभ 19°05, रोहिणी , 3 वी
मंगल= सिंह 22°30 ‘ पू o फ़ा o 3 टी
गुरु=मिथुन 14°30 आर्द्रा , 3 ड
शनि=मीन 07°48 ‘ उ o भा o , 2 थ
राहू=(व) कुम्भ 26°55 पू o भा o, 3 दा
केतु= (व) सिंह 26°55 उ oफा o 1 टे
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

मुहूर्त

राहू काल 14:08- 15:50 अशुभ
यम घंटा 05:36 -07:18 अशुभ
गुली काल 09:01- 10:43 अशुभ
अभिजित 11:58- 12:53 शुभ
दूर मुहूर्त 10:09 – 11:03अशुभ
दूर मुहूर्त 15:36 – 16:31 अशुभ
वर्ज्यम 16:16 -17:47 अशुभ
प्रदोष 19:15-21:20 शुभ

💮गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 05:36 27:38 अशुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 05:36 -07:18 शुभ
रोग 07:18- 09:01 अशुभ
उद्वेग 09:01- 10:43 अशुभ
चर 10:43 – 12:25 शुभ
लाभ 12:25- 14:08 शुभ
अमृत 14:08 -15:50 शुभ
काल 15:50-17:32 अशुभ
शुभ 17:32 19:15 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 19:15-20:32 शुभ
चर 20:32 – 21:50 शुभ
रोग 21:50 -23:08 अशुभ
काल 23:08-24:26*अशुभ
लाभ 24:26* – 25:43* शुभ
उद्वेग 25:43* – 27:01* अशुभ
शुभ 27:01*-28:19* शुभ
अमृत 28:19-29:36* शुभ

🚩होरा, दिन

बृहस्पति 05:36 -06:44
मंगल 06:44-07:52
सूर्य 07:52- 09:01
शुक्र 09:01 -10:09
बुध 10:09-11:17
चन्द्र 11:17-12:25
शनि 12:25 -13:34
बृहस्पति 13:34 -14:42
मंगल 14:42 -15:50
सूर्य 15:50-16:58
शुक्र 16:58- 18:06
बुध 18:06-19:15

🚩होरा, रात

चन्द्र 19:15 -20:07
शनि 20:07- 20:58
बृहस्पति 20:58- 21:50
मंगल 21:50- 22:42
सूर्य 22:42- 23:34
शुक्र 23:34 -24:26
बुध 24:26-25:17
चन्द्र 25:17-26:09
शनि 26:09- 27:01
बृहस्पति 27:01-27:53
मंगल 27:53*-28:45
सूर्य 28:45* – 29:36

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 05:32 से 07:52 तक
सिंह > 07:52 से 10:12 तक
कन्या > 10:12 से 12:26 तक
तुला > 12:26 से 14:46 तक
वृश्चिक > 14:46 से 17:06 तक
धनु > 17:06 से 19:20 तक
मकर > 19:20 से 20:58 तक
कुम्भ > 20:58 से 22:18 तक
मीन > 22:18 से 23:38 तक
मेष > 23:38 से 01:34 तक
वृषभ > 01:34 से 03:24 तक
मिथुन > 03:22 से 05:32 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————- दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 7 + 5 + 1 = 28 ÷ 4 = 0 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रात: 08:05 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*शीतला सप्तमी (उड़ीसा)*

*पंचक समाप्त 27:39 तक*

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

उद्योगे नास्ति दारिद्र्य जपतो नास्ति पातकम् ।
मौनेनकलहोनास्ति नास्ति जागरितो भयम् ।।
।।चाo नीo।।

जो उद्यमशील हैं, वे गरीब नहीं हो सकते,
जो हरदम भगवान को याद करते है उनहे पाप नहीं छू सकता.
जो मौन रहते है वो झगड़ों मे नहीं पड़ते.
जो जागृत रहते है वो िनभरय होते है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18

य इमं परमं गुह्यं मद्भक्तेष्वभिधास्यति।
भक्तिं मयि परां कृत्वा मामेवैष्यत्यसंशयः॥

जो पुरुष मुझमें परम प्रेम करके इस परम रहस्ययुक्त गीताशास्त्र को मेरे भक्तों में कहेगा, वह मुझको ही प्राप्त होगा- इसमें कोई संदेह नहीं है
॥68॥

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। कोई बड़ा काम होने से प्रसन्नता रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। समय अनुकूल है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। जल्दबाजी न करें।

🐂वृष
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। किसी बड़े काम को करने की योजना बनेगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा।

👫मिथुन
मित्रों का सहयोग करने का मौका प्राप्त होगा। मेहनत का फल मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचितों पर अंधविश्वास न करें। कारोबार ठीक चलेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य अनुकूल है। समय का लाभ लें।

🦀कर्क
विवाद को बढ़ावा न दें। कानूनी अड़चन से सामना हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बुरी खबर मिल सकती है, धैर्य रखें। दौड़धूप से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। आय बनी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। जोखिम न लें।

🐅सिंह
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। पार्टी व पिकनिक का आयोजन हो सकता है। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें।

🙍‍♀️कन्या
स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही प्राप्त होगा। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का सहयोग मिलेगा। भाग्य अनुकूल है। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रुओं का पराभव होगा। किसी व्यक्ति की बातों में न आएं। प्रसन्नता रहेगी।

⚖️तुला
किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🦂वृश्चिक
चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अतिविश्वास न करें। किसी भी प्रकार के विवाद में न पड़ें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा।

🏹धनु
तीर्थदर्शन की योजना फलीभूत होगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आत्मशांति रहेगी। यात्रा संभव है। व्यापार ठीक चलेगा। संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। नौकरी में चैन रहेगा। दूसरों की जवाबदारी न लें। थकान रह सकती है।

🐊मकर
कार्यस्थल पर परिवर्तन की योजना बनेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। ऐश्वर्य व आरामदायक साधनों पर व्यय होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाजी से बचें। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।

🍯कुंभ
डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। शेयर मार्केट में जल्दबाजी न करें। व्यापार लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में सावधानी रखें। चोट व रोग से कष्ट संभव है। प्रमाद न करें।

🐟मीन
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। फालतू खर्च होगा। किसी के व्यवहार से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी। नौकरी में कार्यभार बढ़ेगा। सहकर्मी साथ नहीं देंगे। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*

*🛕जय सियाराम*

*🍁राजा और मंत्री🍁*

एक राजा था जिसका बहुत बडा राज्य था। कोई कमी नहीं थी जो भी हुक्म करते वही हो जाता। किन्तु राजा का एक प्रवृति (स्वभाव) था कि जो भी व्यक्ति कोई थोड़ी सी भी गलती करता तो उसे तुरंत दस बडे खुंखार कुत्तों के सामने डालकर उसे कुत्तों से नुचवाता। राजा बड़ा क्रोधी था।

राजा के इस स्वभाव से सभी परेशान थे। राजा का मंत्री भी राजा की इस प्रवृति की आलोचना करता था।

एक दिन उसी मंत्री से कोई गलती हो गयी। राजा को गलती का पता चला तो राजा ने तुरंत आदेश दिया कि जाओ मंत्री को कुत्तों के सामने ले जाओ।

मंत्री ने राजा से गलती मानी, क्षमा मांगी किन्तु राजा ने कुछ नहीं सुना और कहा कि जो कह दिया सो कह दिया और सिपाहियों से कहा ले जाओ कुत्तों के बाडे में।

मंत्री ने कहा ठीक है राजा जी किन्तु मेरी अंतिम इच्छा तो मान लो। राजा ने कहा ठीक है बताओ अपनी अंतिम इच्छा।

मंत्री ने कहा मुझे दस दिन की महौलत दे दीजिए बस। राजा ने कहा ठीक है दस दिन की महौलत दे देते हैं।

लेकिन ग्यारहवें दिन सजा अवश्य मिलेगी। मंत्री दस दिन तक राजा के पास नहीं आया। और ग्यारहवें दिन राजा के सामने पेश हो गया।

राजा ने मंत्री को देखा और सिपाहियों से कहा जो सजा रखी थी मंत्री के लिए उसे पूरी की जाए। सिपाही मंत्री को कुत्तों के बाडे में लेकर गये, कुत्तों को भी खोल दिया गया। किन्तु कुत्ते मंत्री पर प्रहार करने के बजाय मंत्री से प्यार से पेश आ रहे थे।

यह देखकर राजा चौंक गया कि जिन कुत्तों को प्रहार करने के लिए ट्रेंड किया गया है वे इतने प्यार से पेश आ रहे हैं। राजा ने मंत्री से कहा कि ये चमत्कार कैसे हो गया! इन कुत्तों को क्या हो गया है।

मंत्री ने उत्तर दिया कि इन दस दिनों में मैंने इन कुत्तों की बहुत सेवा की है। इन्हें भोजन कराया, नहलाया अब ये कुत्ते जान चुके हैं कि मैं इनके लिए कुछ अच्छा करता हूँ ना कि बुरा। ये मुझ पर प्रहार नहीं करेंगे। मैंने आपकी इतने वर्षो से सेवा की है, फिर भी आप मेरी एक गलती को क्षमा नहीं कर सके। आपसे ज्यादा अच्छे (विवेकी) तो ये कुत्ते हैं जो अच्छा और बुरे को पहचानते हैं। राजा यह सब देखकर बड़ा लज्जित हुआ।

*शिक्षा:-* हमें सदैव सोच समझ कर फैसले लेने चाहिए। किसी की एक गलती को लेकर ही उसे जिन्दगी भर के लिए सजा नहीं देनी चाहिये बल्कि उसे क्षमा करने की हिम्मत रखनी चाहिए..!!
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*

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