उत्तराखंडधर्म-कर्मराशिफल

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग- सच्चा वैरागी ?*


*आज का पञ्चांग*

*दिनांक:- 02/05/2025, शुक्रवार*
*पंचमी, शुक्ल पक्ष,*
*वैशाख*
(समाप्ति काल)

तिथि————पंचमी 09:14:07 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— आर्द्रा 13:03:07
योग————- धृति 27:18:39
करण———- बालव 09:14:07
करण———– कौलव 20:26:37
वार———————- शुक्रवार
माह———————- वैशाख
चन्द्र राशि—————– मिथुन
सूर्य राशि—————— मेष
रितु———————— ग्रीष्म
आयन——————-उत्तरायण
संवत्सर—————– विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————- सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126
सूर्योदय————– 05:40:26
सूर्यास्त————— 18:52:15
दिन काल———— 13:11:49
रात्री काल————- 10:47:23
चंद्रोदय————– 09:28:43
चंद्रास्त—————- 24:07:59
लग्न—- मेष 17°39′ , 17°39′
सूर्य नक्षत्र—————– भरणी
चन्द्र नक्षत्र—————— आर्द्रा
नक्षत्र पाया—————— रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

ङ—- आर्द्रा 07:18:07

छ—- आर्द्रा 13:03:07

के—- पुनर्वसु 18:51:04

को—- पुनर्वसु 24:42:00

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= मेष 17°40, भरणी 2 लू
चन्द्र= मिथुन 15°30 , आर्द्रा 3 ड
बुध =मीन 22°52 ‘ रेवती 2 दा
शु क्र= मीन 06°05, उ o फाo’ 1 दू
मंगल=कर्क 11°30 ‘ पुष्य ‘ 3 हो
गुरु=वृषभ 27°30 मृगशिरा, 2 वो
शनि=मीन 03°88 ‘ पू o भा o , 4 दी
राहू=(व) मीन 00°55 पू o भा o, 4 दी
केतु= (व)कन्या 00°55 उ oफा o 2 टो
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 10:37 – 12:16 अशुभ
यम घंटा 15:34 – 17:13 अशुभ
गुली काल 07:19 – 08: 58अशुभ
अभिजित 11:50 – 12:43 शुभ
दूर मुहूर्त 08:19 – 09:12 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:43 – 13:36 अशुभ
वर्ज्यम 24:42* – 26:16* अशुभ
प्रदोष 18:52 – 21:03 शुभ

💮चोघडिया, दिन
चर 05:40 – 07:19 शुभ
लाभ 07:19 – 08:58 शुभ
अमृत 08:58 – 10:37 शुभ
काल 10:37 – 12:16 अशुभ
शुभ 12:16 – 13:55 शुभ
रोग 13:55 – 15:34 अशुभ
उद्वेग 15:34 – 17:13 अशुभ
चर 17:13 – 18:52 शुभ

🚩चोघडिया, रात
रोग 18:52 – 20:13 अशुभ
काल 20:13 – 21:34 अशुभ
लाभ 21:34 – 22:55 शुभ
उद्वेग 22:55 – 24:16* अशुभ
शुभ 24:16* – 25:37* शुभ
अमृत 25:37* – 26:58* शुभ
चर 26:58* – 28:19* शुभ
रोग 28:19* – 29:40* अशुभ

💮होरा, दिन
शुक्र 05:40 – 06:46
बुध 06:46 – 07:52
चन्द्र 07:52 – 08:58
शनि 08:58 – 10:04
बृहस्पति 10:04 – 11:10
मंगल 11:10 – 12:16
सूर्य 12:16 – 13:22
शुक्र 13:22 – 14:28
बुध 14:28 – 15:34
चन्द्र 15:34 – 16:40
शनि 16:40 – 17:46
बृहस्पति 17:46 – 18:52

🚩होरा, रात
मंगल 18:52 – 19:46
सूर्य 19:46 – 20:40
शुक्र 20:40 – 21:34
बुध 21:34 – 22:28
चन्द्र 22:28 – 23:22
शनि 23:22 – 24:16
बृहस्पति 24:16* – 25:10
मंगल 25:10* – 26:04
सूर्य 26:04* – 26:58
शुक्र 26:58* – 27:52
बुध 27:52* – 28:46
चन्द्र 28:46* – 29:40

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

मेष > 04:44 से 06:18 तक
वृषभ > 06:18 से 08:02 तक
मिथुन > 08:02 से 10:42 तक
कर्क > 10:42 से 12:56 तक
सिंह > 12:56 से 15:12 तक
कन्या > 15:12 से 17:28 तक
तुला > 17:28 से 19:40 तक
वृश्चिक > 19:40 से 22:08 तक
धनु > 22:08 से 00:20 तक
मकर > 00:20 से 01:58 तक
कुम्भ > 01:58 से 03:18 तक
मीन > 03:18 से 04:40 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

5 + 6 + 1 = 12 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

बुध ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

5 + 5 + 5 = 15 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*श्री आद्यशंकराचार्य जयंती*

*सूरदास जयंती*

*सर्वार्थ सिद्धि योग 13:03 से*

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

किं कुलेन विशालेन विद्याहीनेन देहिनाम् ।
दुष्कुलं चापि विदुषी देवैरपि हि पूज्यते ।।
।। चा o नीo।।

क्या करना उचे कुल का यदि बुद्धिमत्ता ना हो. एक नीच कुल में उत्पन्न होने वाले विद्वान् व्यक्ति का सम्मान देवता भी करते है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -:श्रद्धात्रयविभागयोग :- अo-17

मनः प्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः।,
भावसंशुद्धिरित्येतत्तपो मानसमुच्यते॥,

मन की प्रसन्नता, शान्तभाव, भगवच्चिन्तन करने का स्वभाव, मन का निग्रह और अन्तःकरण के भावों की भलीभाँति पवित्रता, इस प्रकार यह मन सम्बन्धी तप कहा जाता है॥,16॥,

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
मानसिक शांति के लिए किए गए प्रयास सफल रहेंगे। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। प्रसन्नता रहेगी। किसी धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा।

🐂वृष
वाहन व मशीनरी इत्यादि के प्रयोग में लापरवाही न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।

👫मिथुन
कार्यक्षेत्र के लिए नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। बिगड़े काम बन सकते हैं। समाजसेवा करने का मन बनेगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। व्यस्तता रहेगी। आराम का समय नहीं मिलेगा। थकान रहेगी।

🦀कर्क
व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। किसी प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे।

🐅सिंह
समाजसेवा करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। मान-सम्मान मिलेगा। खोई हुई वस्तु मिलने के योग हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जोखिम व जमानत के कार्य बिलकुल न करें।

🙍‍♀️कन्या
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कारोबार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग ले सकते हैं। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी।

⚖️तुला
किसी तरह से बड़ा लाभ होने की संभावना है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी तरह के विवाद में विजय प्राप्त होगी। स्वास्थ्य अच्‍छा रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में नया कार्य मिल सकता है।

🦂वृश्चिक
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। थकान व कमजोरी रह सकती है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दूसरों से अधिक अपेक्षा न करें। बेवजह चिड़चिड़ापन रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कार्य में मन नहीं लगेगा।

🏹धनु
भावना में बहकर महत्वपूर्ण निर्णय न लें। नौकरी में कार्यभार रहेगा। लाभ होगा। स्वास्थ्य के संबंध में लापरवाही न करें। स्वास्थ्‍य पर व्यय होगा। दु:खद समाचार मिल सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कुसंगति से हानि होगी।

🐊मकर
मनपसंद व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य उत्साह व लगन से कर पाएगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। प्रमाद न करें।

🍯कुंभ
घर, दुकान, फैक्टरी व शोरूम इत्यादि के खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। कारोबार में बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। रुके काम बनेंगे। घर-बाहर उत्साह व प्रसन्नता से काम कर पाएंगे।

🐟मीन
प्रसन्नता का वातावरण निर्मित होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में मातहत साथ देंगे।

*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*

*🛕जय श्री कृष्ण🙏*

*🌳 सच्चा वैरागी ? 🌳*

*एक साधु को एक नाविक रोज इस पार से उस पार ले जाता था, बदले मैं कुछ नहीं लेता था, वैसे भी साधु के पास पहले पैसा कहां होता था,*

*नाविक सरल था, पढा-लिखा तो नहीं, पर समझ की कमी नहीं थी। साधु रास्ते में ज्ञान की बात कहते, कभी भगवान की सर्वव्यापकता बताते , और कभी अर्थसहित श्रीमदभगवद्गीता के श्लोक सुनाते।*

*नाविक मछुआरा बङे ध्यान से सुनता, और बाबा की बात ह्रदय में बैठा लेता,*

*एक दिन उस पार उतरने पर साधु नाविक को कुटिया में ले गये, और बोले, वत्स, मैं पहले व्यापारी था, धन तो कमाया था, पर अपने परिवार को आपदा से नहीं बचा पाया था, अब ये धन मेरे किसी का काम का नहीं, तुम ले लो, तुम्हारा जीवन संवर जायेगा, तेरे परिवार का भी भला हो जाएगा।*

*नाविक बोला नहीं बाबाजी, मैं ये धन नही ले सकता, मुफ्त का धन घर में जाते ही आचरण बिगाड़ देगा , कोई मेहनत नहीं करेगा, आलसी जीवन लोभ लालच ,और पाप बढायेगा ।*

*आप ही ने मुझे ईश्वर के बारे में बताया , मुझे तो आजकल लहरों में भी कई बार वो नजर आता है।*

*जब मै उसकी नजर में ही हूँ, तो फिर अविश्वास क्यों करूं, मैं अपना काम करूं, और शेष उसी पर छोङ दूं।*

*प्रसंग तो समाप्त हो गया, पर एक सवाल छोड़ गया, इन दोनों पात्रों में साधु कौन था?*

*एक वो था, जिसने दुःख आया, तो भगवा पहना, संन्यास लिया, धर्म ग्रंथों का अध्ययन किया, याद किया, और समझाने लायक स्थिति में भी आ गया, फिर भी धन की ममता नहीं छोङ पाया, सुपात्र की तलाश करता रहा ।*

*और दूसरी तरफ वो निर्धन नाविक , सुबह खा लिया, तो शाम का पता नहीं, फिर भी पराये धन के प्रति कोई ललक नहीं,संसार में लिप्त रहकर भी निर्लिप्त रहना आ गया, भगवा नहीं पहना, सन्यास नहीं लिया, पर उस का ईश्वरीय सत्ता में विश्वास जम गया ।*

*श्रीमदभगवद्गीता के श्लोक को ना केवल समझा बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन में कैसे उतारना है ये सीख गया, और पल भर में धन के मोह को ठुकरा गया।*

*वास्तव में वैरागी कौन ? विचार कीजिए।*
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।

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देवभूमि jknews

जीवन में हमेशा सच बोलिए, ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है!

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