*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -अंहकार और गुरुकृपा*
*आज का पञ्चांग*
*दिनांक:- 11/04/2025, शुक्रवार*
*चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष,*
*चैत्र*
(समाप्ति काल)
तिथि——— चतुर्दशी 27:21:00 तक
पक्ष———————— शुक्ल
नक्षत्र——— उoफाo 15:09:17
योग————- ध्रुव 19:44:06
करण————- गर 14:08:56
करण———- वणिज 27:21:00
वार———————- शुक्रवार
माह———————— चैत्र
चन्द्र राशि—————- कन्या
सूर्य राशि—————— मीन
रितु————————-वसंत
आयन——————उत्तरायण
संवत्सर—————– विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर) ————–सिद्धार्थी
विक्रम संवत————– 2082
गुजराती संवत———— 2081
शक संवत—————- 1947
कलि संवत—————- 5126
सूर्योदय————– 06:00:04
सूर्यास्त————— 18:40:39
दिन काल————-12:40:35
रात्री काल———— 11:18:22
चंद्रोदय————– 17:23:35
चंद्रास्त—————- 29:25:06
लग्न—- मीन 27°10′ , 357°10′
सूर्य नक्षत्र—————– रेवती
चन्द्र नक्षत्र——— उत्तर फाल्गुनी
नक्षत्र पाया—————— रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
पा—- उत्तर फाल्गुनी 08:26:29
पी—- उत्तर फाल्गुनी 15:09:17
पू—- हस्त 21:52:49
ष—- हस्त 28:36:59
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
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सूर्य= मीन 27°40, रेवती 4 ची
चन्द्र= कन्या 05°30 , उ o फाo 3 पा
बुध =मीन 03°52 ‘ पू o भा o 4 दी
शु क्र= मीन 00°05, पू o फाo’ 4 दी
मंगल=कर्क 02°30 ‘ पुनर्वसु ‘ 4 ही
गुरु=वृषभ 23°30 रोहिणी, 4 वु
शनि=मीन 01°28 ‘ पू o भा o , 4 दी
राहू=(व) मीन 02°00 पू o भा o, 4 दी
केतु= (व)कन्या 02°00 उ oफा o 2 टो
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*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*
राहू काल 10:45 – 12:20 अशुभ
यम घंटा 15:31 – 17:06 अशुभ
गुली काल 07:35 – 09: 10अशुभ
अभिजित 11:55 – 12:46 शुभ
दूर मुहूर्त 08:32 – 09:23 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:46 – 13:36 अशुभ
वर्ज्यम 24:34* – 26:22 अशुभ
प्रदोष 18:41 – 20:58 शुभ
💮चोघडिया, दिन
चर 06:00 – 07:35 शुभ
लाभ 07:35 – 09:10 शुभ
अमृत 09:10 – 10:45 शुभ
काल 10:45 – 12:20 अशुभ
शुभ 12:20 – 13:55 शुभ
रोग 13:55 – 15:31 अशुभ
उद्वेग 15:31 – 17:06 अशुभ
चर 17:06 – 18:41 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 18:41 – 20:05 अशुभ
काल 20:05 – 21:30 अशुभ
लाभ 21:30 – 22:55 शुभ
उद्वेग 22:55 – 24:20* अशुभ
शुभ 24:20* – 25:45* शुभ
अमृत 25:45* – 27:09* शुभ
चर 27:09* – 28:34* शुभ
रोग 28:34* – 29:59* अशुभ
💮होरा, दिन
शुक्र 06:00 – 07:03
बुध 07:03 – 08:07
चन्द्र 08:07 – 09:10
शनि 09:10 – 10:14
बृहस्पति 10:14 – 11:17
मंगल 11:17 – 12:20
सूर्य 12:20 – 13:24
शुक्र 13:24 – 14:27
बुध 14:27 – 15:31
चन्द्र 15:31 – 16:34
शनि 16:34 – 17:37
बृहस्पति 17:37 – 18:41
🚩होरा, रात
मंगल 18:41 – 19:37
सूर्य 19:37 – 20:34
शुक्र 20:34 – 21:30
बुध 21:30 – 22:27
चन्द्र 22:27 – 23:23
शनि 23:23 – 24:20
बृहस्पति 24:20* – 25:16
मंगल 25:16* – 26:13
सूर्य 26:13* – 27:09
शुक्र 27:09* – 28:06
बुध 28:06* – 29:03
चन्द्र 29:03* – 29:59
*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
मीन > 04:44 से 06:04 तक
मेष > 06:04 से 07:44 तक
वृषभ > 07:44 से 09:44 तक
मिथुन > 09:44 से 12:02 तक
कर्क > 12:02 से 14:18 तक
सिंह > 14:18 से 16:32 तक
कन्या > 16:32 से 18:48 तक
तुला > 18:48 से 21:00 तक
वृश्चिक > 21:00 से 23:28 तक
धनु > 23:28 से 01:40 तक
मकर > 01:40 से 03:14 तक
कुम्भ > 03:14 से 04:38 तक
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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान————-पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
14 + 6 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
चन्द्र ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष
ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
रात्रि 27:21 से प्रारम्भ
पाताल लोक = धनलाभ कारक
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*श्री नृसिंह दलोत्सव*
*शिव दमनोत्सव चतुर्दशी*
*शिव पूजन विशेष*
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
श्वानपुच्छमिच व्यर्थ जीवितं विद्यया विना ।
न गुह्यगोपने शक्तं न च दंशनिवारणे ।।
।। चा o नी o।।
एक अनपढ़ आदमी की जिंदगी किसी कुत्ते की पूछ की तरह बेकार है. उससे ना उसकी इज्जत ही ढकती है और ना ही कीड़े मक्खियों को भागने के काम आती है.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -:दैवासुरसम्पद्विभागयोग :- अo-16
तानहं द्विषतः क्रूरान्संसारेषु नराधमान्।,
क्षिपाम्यजस्रमशुभानासुरीष्वेव योनिषु॥,
उन द्वेष करने वाले पापाचारी और क्रूरकर्मी नराधमों को मैं संसार में बार-बार आसुरी योनियों में ही डालता हूँ॥,19॥,
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा।
🐂वृष
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा।
👫मिथुन
घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी।
🦀कर्क
लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी।
🐅सिंह
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।
🙍♀️कन्या
बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा।
⚖️तुला
सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे।
🦂वृश्चिक
उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।
🏹धनु
यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा।
🐊मकर
अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्राथमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा।
🍯कुंभ
मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें।
🐟मीन
घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
*🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩*
*🛕जय सियाराम🙏*
*🌻अंहकार और गुरुकृपा🌻*
*_संत कबीर गांव के बाहर झोपड़ी बनाकर अपने पुत्र कमाल के साथ रहते थे।_*
*_संत कबीर जी का रोज का नियम था- नदी में स्नान करके गांव के सभी मंदिरों में जल चढ़ाकर दोपहर बाद भजन में बैठते, शाम को देर से घर लौटते।_*
*_वह अपने नित्य नियम से गांव में निकले थे. इधर पास के गांव के जमींदार का एक ही जवान लड़का था- जो रात को अचानक मर गया. रात भर रोना-धोना चला।_*
*_आखिर में किसी ने सुझाया- कि गांव के बाहर जो बाबा रहते हैं उनके पास ले चलो! शायद वह कुछ कर दें।_*
*_सब तैयार हो गए. लाश को लेकर पहुंचे कुटिया पर. देखा बाबा तो हैं नहीं, अब क्या करें……?_*
*_तभी कमाल आ गए. उनसे पूछा कि बाबा कब तक आएंगे ? कमाल ने बताया- कि अब उनकी उम्र हो गई है! सब मंदिरों के दर्शन करके लौटते- लौटते रात हो जाती है. आप काम बोलो क्या है….?_*
*_लोगों ने लड़के के मरने की बात बता दी. कमाल ने सोचा कोई बीमारी होती तो ठीक था पर ये तो मर गया है….अब क्या करें !ष फिर भी सोचा लाओ कुछ करके देखते हैं. शायद बात बन जाए।_*
*_कमाल ने कमंडल उठाया, लाश की तीन परिक्रमा की. फिर तीन बार गंगा जल का कमंडल से छींटी मारा और तीन बार राम नाम का उच्चारण किया. लडका देखते ही देखते उठकर खड़ा हो गया. लोगों की खुशी की सीमा न रही।_*
*_इधर कबीर जी को किसी ने बताया- कि आपकी कुटिया की ओर गांव के जमींदार और सभी लोग गए हैं! कबीर जी झटकते कदमों से बढ़ने लगे.उन्हें रास्ते में ही लोग नाचते कूदते मिले. कबीर जी कुछ समझ नही पाए।_*
*_आकर कमाल से पूछा: कया बात हुई…? तो कमाल तो कुछ ओर ही बताने लगा- बोला: गुरु जी बहुत दिन से आप बोल रहे थे ना- की तीर्थ यात्रा पर जाना है! तो अब आप जाओ यहां तो मैं सब संभाल लूंगा।_*
*_कबीर जी ने पूछा क्या संभाल लेगा….? कमाल बोला: बस यही मरे को जिंदा करना, बीमार को ठीक करना आदि ! ये तो सब अब मैं ही कर लूंगा. अब आप तो यात्रा पर जाओ- जब तक आप की इच्छा हो!_*
*_कबीर ने मन ही मन सोचा- चेले को सिद्धि तो प्राप्त हो गई है- पर सिद्धि के साथ ही साथ इसे घमंड भी आ गया है. पहले तो इसका ही इलाज करना पड़ेगा- बाद मे तीर्थ यात्रा होगी क्योंकि साधक में घमंड आया तो- साधना समाप्त हो जाती है।_*
*_कबीर जी ने कहा: ठीक है. आने वाली पूर्णमासी को एक भजन का आयोजन करके फिर निकल जाउंगा यात्रा पर. तब तक तुम आस-पास के दो चार संतो को मेरी चिट्ठी जाकर दे आओ भजन में आने का निमंत्रण भी देना।_*
*_कबीर जी ने चिट्ठी मे लिखा था:_*
*_कमाल भयो कपूत,_*
*_कबीर को कुल गयो डूब।_*
*_कमाल चिट्ठी लेकर गया, एक संत के पास! उनको चिट्ठी दी, चिट्ठी पढ़ कर वे समझ गए, उन्होंने कमाल का मन टटोला- और पूछा: कि अचानक ये भजन के आयोजन का विचार कैसे हुआ।_*
*_कमाल ने अहं के साथ बताया: कुछ नहीं, गुरू जी की लंबे समय से तीर्थ पर जाने की इच्छा थी! अब मैं सब कर ही लेता हूँ-तो मैने उन्हें कहा: कि अब आप जाओ- यात्रा कर आओ! तो वह जा रहे है- ओर जाने से पहले भजन का आयोजन है।_*
*_संत दोहे का अर्थ समझ गए.- उन्होंने कमाल से पूछा: तुम क्या क्या कर लेते हो…? तो बोला: वही मरे को जिंदा करना, बीमार को ठीक करना, जैसे काम।_*
*_संत जी ने कहा: आज रूको,और शाम को यहां भी थोड़ा चमत्कार दिखा दो। उन्होंने गांव में खबर करा दी- कि थोड़ी देर में दो तीन सौ लोगों की लाईन लग गई- सब नाना प्रकार की बीमारी वाले थे। संत जी ने कमाल से कहा: चलो इन सबकी बीमारी को ठीक कर दो।_*
*_कमाल तो देख के चौंक गया- अरे! इतने सारे लोग हैं! इतने लोगों को कैसे ठीक करूं.? यह मेरे बस का नहीं है। संत जी ने कहा: कोई बात नहीं. अब ये आए हैं- तो निराश लौटाना ठीक नहीं! तुम बैठो!_*
*_संत जी ने लोटे में जल लिया- और राम नाम का एक बार उच्चारण करके छींट दिया! एक लाईन में खड़े सारे लोग ठीक हो गए।_*
*_फिर दूसरी लाइन पर छींटा मारा वे भी ठीक. बस दो बार जल के छींटे मार कर दो बार राम बोला तो सभी ठीक हो के चले गए।_*
*_संत जी ने कहा: अच्छी बात है कमाल! हम भजन में आएंगे, पास के गांव में एक सूरदास जी रहते हैं- उनको भी जाकर बुला लाओ- फिर सभी इक्ठ्ठे होकर चलते हैं भजन में!_*
*_कमाल चल दिया सूरदास जी को बुलाने. सारे रास्ते सोचता रहा कि ये कैसे हुआ कि एक बार राम कहते ही इतने सारे बीमार लोग ठीक हो गए, मैंने तीन बार प्रदक्षिणा की, तीन बार गंगा जल छिड़क कर तीन बार राम नाम लिया तब बात बनी।_*
*_यही सोचते-सोचते सूरदास जी की कुटिया पर पहुंच गया. जाके सब बात बताई कि क्यों आना हुआ. कमाल सुना ही रहा था कि इतने में सूरदास बोले- बेटा जल्दी से दौड के जा. टेकरी के पीछे नदी में कोई बहा जा रहा है. जल्दी से उसे बचा ले।_*
*_कमाल दौड़कर के गया, टेकरी पर से देखा- नदी में एक लड़का बहा आ रहा था। कमाल नदी में कूद गया- और लड़के को बाहर निकाल कर अपनी पीठ जी लादके कुटिया की तरफ चलने लगा।_*
*_चलते- चलते उसे विचार आया- कि अरे! सूरदास जी तो अंधे हैं! फिर उन्हें नदी और उसमें बहता लड़का कैसे दिख गया।_*
*_उसका दिमाग सुन्न हो गया था- लड़के को भूमि पर रखा- तो देखा कि लड़का मर चुका था।_*
*_सूरदास ने जल का छींटा मारा- और बोला: “रा” तब तक लड़का उठ के चल दिया। अब तो कमाल अचंभित….कि अरे! इन्होंने तो पूरा राम भी नहीं बोला! खाली रा बोलते ही लड़का जिंदा हो गया।_*
*_तब कमाल ने वह चिट्ठी खोल कर खुद पढ़ी की- इसमें क्या लिखा है जब उसने पढ़ा तो सब समझ मे आ गया।_*
*_वापस आ कर कबीर जी से बोला: गुरु जी संसार मे एक से एक सिद्ध हैं- उनके आगे मैं कुछ नहीं हूँ, गुरु जी आप तो यहीं रहिए- अभी मुझे जाकर भ्रमण करके बहुत कुछ सीखने समझने की जरूरत है।*
*कथा का तात्पर्य यह है- कि गुरू की कृपा से सिद्धियां मिलती हैं, उनका आशीर्वाद होता है तो साक्षात ईश्वर आपके साथ खड़े होते हैं- गुरू, गुरू ही रहेंगे- वह शिष्य के मन के सारे भाव पढ़ लेते हैं- और मार्गदर्शक बनकर उन्हें पतन से बचाते हैं।*
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*
