देवभूमि जे के न्यूज़-(जय कुमार तिवारी)-: 10 MAR 2026
डोईवाला – स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के तीन दिवसीय स्थापना दिवस समारोह ‘हिमोत्सव-2026’ का भव्य आगाज हो गया। समारोह के पहले दिन की शाम भारतीय लोक संस्कृति के रंगों में रंगी नजर आई। कार्यक्रमों में प्रतिभागियों के साथ मौजूद छात्र-छात्राएं भी उत्साहपूर्वक झूमते दिखाई दिए।
मंगलवार को आयोजित उद्घाटन समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना, कुलपति डॉ.राजेंद्र डोभाल, डॉ.विजेंद्र चौहान, डॉ.अशोक देवराड़ी ने संस्थापक स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
करीब एक घंटे तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में गढ़वाली, पंजाबी, गुजराती और हिमाचली संस्कृति की झलक देखने को मिली। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ फिजियोथेरेपी की छात्रा भूमिका द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना नृत्य से हुआ। इसके बाद स्कूल ऑफ योगा साइंसेज की आरती एंड ग्रुप ने नृत्य प्रस्तुति दी, जबकि हिमालयन हॉस्पिटल के कलाकारों ने सोलो डांस से दर्शकों का मनोरंजन किया।
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के दत्ता एंड ग्रुप ने ‘देखा तुमको’ गीत पर आकर्षक ग्रुप डांस प्रस्तुत किया। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज की डॉली एंड ग्रुप ने राजस्थानी लोकनृत्य ‘घूमर’ की दमदार प्रस्तुति दी। स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की मिष्ठी एंड ग्रुप ने साउथ इंडियन गीत पर ग्रुप डांस कर कार्यक्रम में विविधता के रंग भरे। एमबीबीएस की स्तुति एंड ग्रुप ने भी राजस्थानी लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों की सराहना प्राप्त की। सोलो सॉन्ग और डांस प्रस्तुत करने वालों में विजय, संचित, अन्वी, जय, आयुष और संदीप शामिल रहे। समारोह को सफल बनाने के लिए गठित आयोजन समिति में डॉ. मीना हर्ष, डॉ. ज्योति द्विवेदी, डॉ. अनुराधा कुसुम, डॉ. पियूष राय, डॉ. प्रिया जेपी, अनुपमा मिश्रा, डॉ. सरबजीत सैनी, एकता राव, डॉ. गीता भंडारी, अभिषेक चंदोला, सुनील खंडूड़ी, प्रीति प्रभा, डॉ. अनीता शर्मा, डॉ. आशुतोष और डॉ. अखिलेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि बीते वर्षों में एसआरएचयू ने शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने छात्रों से एक-दूसरे के साथ विचार साझा कर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देने का आह्वान किया।
*‘नवरस देवी’ नृत्य-नाटिका की मनमोहक प्रस्तुति*
हिमोत्सव के प्रथम दिवस पर बेंगलुरु स्थित ‘साधना संगम डांस केंद्र’द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध नृत्य-नाटिका ‘नवरस देवी’ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम को देखने के लिए विश्वविद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं, स्थानीय नागरिकों और कला प्रेमियों की बड़ी संख्या उपस्थित रही।
देवी भागवत पुराण पर आधारित इस नृत्य-नाटिका में भारतीय शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से देवी के नौ रूपों और नौ रसों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति की गई। कलाकारों ने अपने सशक्त नृत्याभिनय, भाव-भंगिमाओं और आकर्षक मंच संयोजन से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस प्रस्तुति का नेतृत्व प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. साधनाश्री ने किया।
कार्यक्रम की संकल्पना ज्योति पट्टाभिराम की थी, जबकि स्क्रिप्ट आर.गणेश द्वारा लिखी गई। संगीत संयोजन विद्वान डी.एस. श्रीवत्सा और जी. गुरुमूर्ति ने किया। प्रस्तुति में डॉ. साधनाश्री पी, विद. एम. स्वामी, विद. प्रद्युम्न आचार, मनीष, विद. काव्याश्री एस., सुमना एन., कीर्तन विजय, रागाप्रिया, गुणाश्री, सोना के. तथा शुभांगिनी ने प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने सभी कलाकारों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया और उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति की सराहना की।
*यह कर्मचारी हुए सम्मानित*
इससे पहले सुबह कर्मचारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. गुंजन छाबड़ा, डॉ.विशाल राजपूत, डॉ. सुधीर देवली, संदीप शर्मा, सुविधा भट्ट, डॉ. हिमाद्री ममगांई, आशीष गुरूंग, अमन शर्मा, सचिन, अनीता देवी, कैलाश नेगी, सतीश जुयाल, सूरज, रमेश और इंद्र पाल सिंह शामिल रहे।
