देवभूमि जे के न्यूज़-(जय कुमार तिवारी) – ऋषिकेश, 7 फ़रवरी 2026:
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश में 7 फ़रवरी 2026 को आयोजित डिजिटल उद्यमिता कार्यशाला का आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में 1,000 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला का प्रायोजन उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा किया गया, जबकि इसका आयोजन गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरती डिजिटल तकनीकों, नवाचार एवं उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विनोद रावत (सह प्रदेश निरीक्षक, शिशु शिक्षा समिति), कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. शशि कंडवाल, मुख्य वक्ता प्रोफेसर मयंक अग्रवाल, डॉ. गौरव वार्ष्णेय, डॉ. सुयश भारद्वाज एवं प्रधानाचार्य उमाकांत पंत द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया गया।
राम गोपाल रतूड़ी के कुशल संचालन में चली इस कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने आधुनिक तकनीकी विषयों को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रोफेसर मयंक अग्रवाल ने “हमारे आसपास की तकनीक” विषय पर संबोधन देते हुए बताया कि किस प्रकार तकनीक हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है और भविष्य में इसके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना क्यों आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक को केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि नवाचारकर्ता के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. सुयश भारद्वाज ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एवं मशीन लर्निंग का परिचय देते हुए इनके मूल सिद्धांतों, अनुप्रयोगों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने डीप लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग सहित अन्य उन्नत तकनीकों के उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार ये तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं स्टार्टअप्स के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं।
इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग एवं साइबर खतरों पर केंद्रित सत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से आए श्री रजत एवं श्री अखिलेश ने विद्यार्थियों को इंटरनेट सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, डेटा सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग एवं डिजिटल जिम्मेदारी जैसे विषयों पर उपयोगी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक सत्र टेक्नोहब देहरादून से आए श्री सिद्धार्थ माधव द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने विभिन्न रोचक विज्ञान प्रयोगों का सजीव प्रदर्शन किया। एलीफेंट टूथपेस्ट एवं रिंग ऑफ फायर जैसे प्रयोगों ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच एवं जिज्ञासा को नई दिशा प्रदान की।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR), ड्रोन तकनीक सहित अनेक उभरती डिजिटल तकनीकों से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रबंधक गौरव वार्ष्णेय एवं प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने प्रोफेसर मयंक अग्रवाल एवं संपूर्ण टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं तथा इनका समय-समय पर आयोजन किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
