उत्तराखंड

*सुप्रीम कोर्ट के निर्देशो के विरूद्ध दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में की आम सभा आहूत*

देवभूमि जे के न्यूज़- दिनांक 11/01/2026 को बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति बापूग्राम के नेतृत्व मे भूमियाल देवता मंदिर के सामने वन विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशो के…

देवभूमि जे के न्यूज़- दिनांक 11/01/2026 को बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति बापूग्राम के नेतृत्व मे भूमियाल देवता मंदिर के सामने वन विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशो के विरूद्ध दमनात्मक कार्रवाई के विरोध मे आम सभा आहूत करी गई । जिसमे वन विभाग द्वारा पूर्व मे सर्वे की गई भूमि पर तार बाढ़ करने का अहिंसात्मक विरोध का निर्णय लिया गया । वकताओ ने वन विभाग द्वारा बापूग्राम क्षेत्र को अतिक्रमणकारी परिभाषित करने का भी विरोध किया । क्योंकि 1950 भारत सरकार द्वारा उक्त 2866 एकड मूमि मीरा बेन की समिति पशुलोक मंडल को 99 वर्ष की लीज पर आबंटित की गई थी । जिसमे आज एम्स आईडीपीएल व पशुलोक व विस्थापित क्षेत्र सम्मलित है । शेष 594 एकड भूमि कास्त व गांव के लिए आबंटित करी गई था। इस भूमि पर आज के नगर निगम के ग्रामीण वार्ड विद्यमान हैं । उत्तराखंड के अनेको इसी प्रकार की वर्ग चार की भूमि पूर्व मे भी राजस्व ग्राम की श्रेणी मे लाया गया है । तो हमारे साथ ये सौतेला व्यवहार क्यो किया जा रहा है । जबकि 2004 मे तात्कालिक मुख्यमंत्री स्वर्गीय पं नारायण दत्त तिवारी , भुवन चंद खण्डूरी, रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा ने इसे राजस्व ग्राम बनाने की समय-समय पर घोषणा करी है । प्रस्ताव पंचायत से लेकर जिला पंचायत से पारित हुआ व 2007 मे विधान सभा के फ्लोर पर प्रश्न लगाया गया। लगभग सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी हो चुकी है । फिर भी हमे अतिक्रमणकारी कहना न्यायसंगत नही है ।

समिति के संयोजक रमेश जुगलान की अध्यक्षता मे चले इस सभा को पार्षद हर्षवर्धन सिह रावत अनिल रावत दिनेश रावत सुरेंद्र सिह नेगी सचवीर भंडारी अभिनव मलिक मुस्कान चौधरी राम कुमार कश्यप और अविनाश सेमेल्टी ने सम्बोधित किया । संचालन रविंद्र सिह राणा द्वारा किया गया।

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