*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक – ब्राह्मण और जनेऊ*
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*आज का राशिफल*
*25 अगस्त 2025 , सोमवार*
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका दिन अच्छा रहेगा। आप लम्बे समय से रुके कार्यों को समाप्त करने में सफल रहेंगे। किसी खास व्यक्ति से आपको सहयोग मिल सकता है। सम्बधियों से मुलाकात कर मधुरता बढ़ेगी। यात्रा की योजना बन सकती है। आपको करियर से संबंधित नए अवसर या सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है। कुछ योजनाओं में आप बदलाव करेंगे। आप कुछ नया करके दिखा सकते हैं । आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा। आराम करें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आपका दिन बेहतरीन रहेगा। आपका मन सामाजिक कार्यों की तरफ रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े छात्रों को बेहतर परिणाम हासिल होंगे। साथ ही जो विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, उनके लिए दिन फेवरेबल है। आपको शिक्षकों से पढ़ाई में पूरी तरह मदद भी मिलेगी। आप पूरे दिन खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। आपको किसी धार्मिक आयोजन में जाने का अवसर मिलेगा। पैसों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करेंगे, जिसमें आप सफल भी होंगे।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपका दिन बढ़िया रहेगा। आपको किसी खास काम में सफलता हासिल होगी। आप अपनी ताकत और प्रतिष्ठा से पहचाने जायेंगे। आप किसी समारोह में जाने की योजना बना सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपकी ईमानदारी से प्रभावित होंगे। छात्रों के लिए दिन अन्य दिनों की अपेक्षा बेहतर रहेगा। साथ ही वह अपनी दिशा को निर्धारित करने में कामयाब हो सकते हैं। कारोबारियों को लाभ मिल सकता है। कार्यों में दोस्तों का सहयोग मिलेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपका दिन सामान्य रहेगा । आपके सभी काम मन-मुताबिक पूरे होंगे। आप बच्चों के साथ कहीं पिकनिक मनाने जा सकते हैं। साथ ही आप अपने किसी रिश्तेदार को भी साथ ले जा सकते हैं। इसके अलावा आपको किसी पर अपनी बात मनवाने का दवाब नहीं डालना चाहिए। कुछ साथियों से आपका मनमुटाव हो सकता है। बिजनेस संबंधी यात्रा करना पड़ सकता है। आज आपका खर्च थौड़ा बढ़ सकता है, इसलिए आपको अपने खर्चों पर लगाम लगाना चाहिए।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आपका दिन ठीक-ठाक रहेगा। आप दोस्तों के साथ कहीं घूमने की योजना बना सकते हैं। हालांकि आपकी आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहेगा। आपको किसी काम से अलग से भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है। किसी अजनबी व्यक्ति से सावधानी से बात करें । जीवनसाथी के साथ बेहतर तालमेल बनाने में आप सफल होने। धन लाभ के लिए कुछ नए सोर्स आपको प्राप्त हो सकते हैं, लेकिन पैसों के लेन-देन से आपको बचना चाहिए तभी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज आपका दिन मनोनुकूल रहेगा। रूके हुए कामों में आपको किसी मित्र की मदद मिलेगी। आपके पास कुछ नयी जिम्मेदारियां आयेगी, जिन्हें पूरा करने में आप सफल होंगे। पहले किये गये अच्छे कामों का आपको फायदा मिलेगा । आप करियर में आगे बढ़ेंगे। काम को लेकर कुछ नए विचार आपके दिमाग में आयेंगे। आप कोई नई योजना बना सकते हैं। जीवन में दूसरे लोगों का सहयोग मिलता रहेगा।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपका दिन मिला-जुला रहेगा। आपको किसी मामले में बड़ा निर्णय लेना पड़ सकता है। कारोबारियों को बड़ा फायदा हो सकता है। आपकी समझदारी आपको हर प्रकार की मुसीबतों से दूर रखने में सहायता करेगी। पारिवारिक काम की वजह से भाग-दौड़ करनी पड़ सकती है, इससे आपको थकान महसूस होगी। परिवार में नन्हें मेहमान के आने की सम्भावना है। कामकाज में नए बदलाव करने से आपको बचना चाहिए। आपकी सभी परेशानियों का हल निकलेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपका दिन शानदार रहेगा। शाम तक आपके घर में खुशी का माहौल बनेगा। साथ ही रिश्तेदारों का घर पर आना-जाना उत्तम रहेगा। प्रेमी के लिए दिन अच्छा रहेगा। इस राशि के विद्यार्थियों को करियर में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। दूसरे लोगों की मदद करने का आपको मौका मिल सकता है। परिवार के साथ बातचीत करके आप अपनी परेशानियों को सुलझाने की कोशिश कर सकते हैं। आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपका दिन उत्तम रहेगा। बाहर जाते समय रास्ते में किसी करीबी दोस्त से आपकी मुलाकात हो सकती है, जिससे मिलकर आपका मन प्रसन्न हो जायेगा। ऑफिस में आपका कॉन्फिडेन्स देखकर बॉस आपसे खुश हो जाएंगे। अगर नये काम की शुरूआत करने की सोच रहे हैं, तो आगे चलकर आपको काफी फायदा होगा। आपको अचानक धन लाभ भी हो सकता है। प्रेमी किसी स्थान पर घूमने की योजना बनायेंगे। व्यापार के मामले में कुछ अनुभवी लोगों से जुड़ने का मौका मिलेगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आपका दिन ठीक-ठाक रहेगा। परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा। साथ ही आप उनके साथ किसी धार्मिक स्थल पर जाने का प्लान बना सकते हैं। किसी अनजान व्यक्ति पर आपको भरोसा करने से बचना चाहिए। प्रेमी के लिए दिन सामान्य रहेगा। आपको फालतू की बातें करने से बचना चाहिए। आपकी सारी मुश्किलें दूर होंगी। स्वास्थ्य बेहतर होगा।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन अनुकूल रहेगा। आप अपनी काबिलियत से काम को सरलता पूर्वक पूरा कर लेंगे। धन लाभ में इजाफा होगा। दाम्पत्य जीवन में आपसी सामंजस्य उत्तम रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। करियर में आगे बढ़ने का कोई अच्छा मौका मिलेगा। नए लोगों से मुलाकात आपके भविष्य के लिए लाभदायक होगी। आपके अंदर आत्मविश्वास की अधिकता रहेगी। परिवार के साथ बेहतर समय बितायेंगे। उच्चाधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आप अपनी ऊर्जा का अच्छे कामों सदुपयोग करेंगे। सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। शैक्षणिक कार्यों में आपकी रूचि बढ़ेगी। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। घर में जश्न का माहौल बन सकता है। साथ ही कोई मांगलिक कार्य होने की संभावना है। सही योजना के तहत आप अपने करियर में बदलाव ला सकते हैं। आप दूसरों की बात को गंभीरता से सुनने की कोशिश करेंगे। किसी परिजन के चिंतन से कुछ मुक्ति मिलेगी। आपके साथ सब कुछ अच्छा होगा।
🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_*
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।
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प्रेरक प्रसंग- ब्राह्मण और जनेऊ –
पिछले दिनों मैं हनुमान जी के मंदिर में गया था जहाँ पर मैंने एक ब्राह्मण को देखा, जो एक जनेऊ हनुमान जी के लिए ले आये थे। संयोग से मैं उनके ठीक पीछे लाइन में खड़ा था, मैंने सुना वो पुजारी से कह रहे थे कि वह स्वयं का काता (बनाया) हुआ जनेऊ हनुमान जी को पहनाना चाहते हैं, पुजारी ने जनेऊ तो ले लिया पर पहनाया नहीं। जब ब्राह्मण ने पुन: आग्रह किया तो पुजारी बोले, यह तो हनुमान जी का श्रृंगार है इसके लिए बड़े पुजारी (महन्थ) जी से अनुमति लेनी होगी, आप थोड़ी देर प्रतीक्षा करें, वो आते ही होंगे। मैं उन लोगों की बातें गौर से सुन रहा था, जिज्ञासावश मैं भी महन्थ जी के आगमन की प्रतीक्षा करने लगा।
थोड़ी देर बाद जब महन्थ जी आए तो पुजारी ने उस ब्राह्मण के आग्रह के बारे में बताया। महन्थ जी ने ब्राह्मण की ओर देख कर कहा कि देखिए हनुमान जी ने जनेऊ तो पहले से ही पहना हुआ है और यह फूलमाला तो है नहीं कि एक साथ कई पहना दी जाए। आप चाहें तो यह जनेऊ हनुमान जी को चढ़ाकर प्रसाद रूप में ले लीजिए।
इस पर उस ब्राह्मण ने बड़ी ही विनम्रता से कहा कि मैं देख रहा हूँ कि भगवान ने पहले से ही जनेऊ धारण कर रखा है परन्तु कल रात्रि में चन्द्रग्रहण लगा था और वैदिक नियमानुसार प्रत्येक जनेऊ धारण करने वाले को ग्रहणकाल के उपरांत पुराना बदलकर नया जनेऊ धारण कर लेना चाहिए, बस यही सोच कर सुबह सुबह मैं हनुमान जी की सेवा में यह ले आया था, प्रभु को यह प्रिय भी बहुत है। हनुमान चालीसा में भी लिखा है कि, “हाथ बज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूज जनेऊ साजे”।
अब महन्थ जी थोड़ी सोचनीय मुद्रा में बोले कि हम लोग बाजार का जनेऊ नहीं लेते, हनुमान जी के लिए शुद्ध जनेऊ बनवाते हैं, आपके जनेऊ की क्या शुद्धता है। इस पर वह ब्राह्मण बोले कि प्रथम तो यह कि ये कच्चे सूत से बना है, इसकी लम्बाई 96 चउवा (अंगुल) है, पहले तीन धागे को तकली पर चढ़ाने के बाद तकली की सहायता से नौ धागे तेहरे गये हैं, इस प्रकार 27 धागे का एक त्रिसुत है जो कि पूरा एक ही धागा है कहीं से भी खंडित नहीं है, इसमें प्रवर तथा गोत्रानुसार प्रवर बन्धन है तथा अन्त में ब्रह्मगांठ लगा कर इसे पूर्ण रूप से शुद्ध बनाकर हल्दी से रंगा गया है और यह सब मैंने स्वयं अपने हाथ से गायत्री मंत्र जपते हुए किया है।
ब्राह्मण देव की जनेऊ निर्माण की इस व्याख्या से मैं तो स्तब्ध रह गया। मन ही मन उन्हें प्रणाम किया, मेंने देखा कि अब महन्त जी ने उनसे संस्कृत भाषा में कुछ पूछने लगे, उन लोगों का सवाल जबाब तो मेरी समझ में नहीं आया पर महन्त जी को देख कर लग रहा था कि वे ब्राह्मण के जवाब से पूर्णतया सन्तुष्ट हैं। अब वे उन्हें अपने साथ लेकर हनुमान जी के पास पहुँचे जहाँ मन्त्रोच्चारण कर महन्त व अन्य 3 पुजारियों के सहयोग से हनुमान जी को ब्राह्मण देव ने जनेऊ पहनाया तत्पश्चात पुराना जनेऊ उतार कर उन्होंने बहते जल में विसर्जन करने के लिए अपने पास रख लिया।
मंदिर तो मैं अक्सर आता हूँ पर आज की इस घटना ने मन पर गहरी छाप छोड़ दी, मैंने सोचा कि मैं भी तो ब्राह्मण हूं और नियमानुसार मुझे भी जनेऊ बदलना चाहिए, उस ब्राह्मण के पीछे पीछे मैं भी मंदिर से बाहर आया उन्हें रोककर प्रणाम करने के बाद अपना परिचय दिया और कहा कि मुझे भी एक जोड़ी शुद्ध जनेऊ की आवश्यकता है, तो उन्होंने असमर्थता व्यक्त करते हुए कहा कि इसे तो वह बस हनुमान जी के लिए ही ले आये थे। हां यदि आप चाहें तो मेरे घर कभी भी आ जाइएगा घर पर जनेऊ बनाकर मैं रखता हूँ जो लोग जानते हैं वो आकर ले जाते हैं। मैंने उनसे उनके घर का पता लिया और प्रणाम कर वहां से चला आया।
शाम को उनके घर पहुंचा तो देखा कि वह अपने दरवाजे पर तखत पर बैठे एक व्यक्ति से बात कर रहे हैं। गाड़ी से उतरकर मैं उनके पास पहुंचा मुझे देखते ही वो खड़े हो गए, और मुझसे बैठने का आग्रह किया अभिवादन के बाद मैं बैठ गया। बातों बातों में पता चला कि वह अन्य व्यक्ति भी पास का रहने वाला ब्राह्मण है तथा उनसे जनेऊ लेने ही आया है। ब्राह्मण अपने घर के अन्दर गए। इसी बीच, उनकी दो बेटियाँ जो क्रमश: 12 वर्ष व 8 वर्ष की रही होंगी। एक के हाथ में एक लोटा पानी तथा दूसरी के हाथ में एक कटोरी में गुड़ तथा दो गिलास था, हम लोगों के सामने गुड़ व पानी रखा गया। मेरे पास बैठे व्यक्ति ने दोनों गिलास में पानी डाला फिर गुड़ का एक टुकड़ा उठा कर खाया और पानी पी लिया तथा गुड़ की कटोरी मेरी ओर खिसका दी, पर मैंने पानी नहीं पिया।
इतनी देर में ब्राह्मण अपने घर से बाहर आए और एक जोड़ी जनेऊ उस व्यक्ति को दिए, जो पहले से बैठा था। उसने जनेऊ लिया और 21 रुपए ब्राह्मण को देकर चला गया। मैं अभी वहीं रुका रहा इस ब्राह्मण के बारे में और अधिक जानने का कौतुहल मेरे मन में था। उनसे बात-चीत में पता चला कि वह संस्कृत से स्नातक हैं। नौकरी मिली नहीं और पूँजी ना होने के कारण कोई व्यवसाय भी नहीं कर पा। घर में बृद्ध मां, पत्नी दो बेटियाँ तथा एक छोटा बेटा है, एक गाय भी है। वे बृद्ध मां और गौ सेवा करते हैं। दूध से थोड़ी सी आय हो जाती है और जनेऊ बनाना उन्होंने अपने पिता व दादा जी से सीखा है। यह भी उनके गुजर बसर में सहायक है।
इसी बीच उनकी बड़ी बेटी पानी का लोटा वापस ले जाने के लिए आई किन्तु अभी भी मेरी गिलास में पानी भरा था। उसने मेरी ओर देखा, लगा कि उसकी आँखें मुझसे पूछ रही हों कि मैंने पानी क्यों नहीं पिया? मैंने अपनी नजरें उधर से हटा लीं, वह पानी का लोटा गिलास वहीं छोड़ कर चली गयी। शायद उसे उम्मीद थी कि मैं बाद में पानी पी लूंगा।
अब तक मैं इस परिवार के बारे में काफी हद तक जान चुका था। मेरे मन में दया के भाव भी आ रहे थे। खैर ब्राह्मण ने मुझे एक जोड़ी जनेऊ दिया तथा कागज पर एक मंत्र लिख कर दिया और कहा कि जनेऊ पहनते समय इस मंत्र का उच्चारण अवश्य करूं।
मैंने सोच समझ कर 500 रुपए का नोट ब्राह्मण की ओर बढ़ाया तथा जेब और पर्स में एक का सिक्का तलाशने लगा, मैं जानता था कि 500 रुपए एक जोड़ी जनेऊ के लिए बहुत अधिक है पर मैंने सोचा कि इसी बहाने इनकी थोड़ी मदद हो जाएगी। ब्राह्मण हाथ जोड़ कर मुझसे बोले कि सर 500 सौ का फुटकर तो मेरे पास नहीं है, मैंने कहा अरे फुटकर की आवश्यकता नहीं है आप पूरा ही रख लीजिए। तो उन्होंने कहा नहीं बस मुझे मेरी मेहनत भर का 21 रुपए दे दीजिए। मुझे उनकी यह बात अच्छी लगी कि गरीब होने के बावजूद वो लालची नहीं हैं। पर मैंने भी पांच सौ ही देने के लिए सोच लिया था इसलिए मैंने कहा कि फुटकर तो मेरे पास भी नहीं हैं, आप संकोच मत करिए पूरा रख लीजिए आपके काम आएगा। उन्होंने कहा अरे नहीं मैं संकोच नहीं कर रहा, आप इसे वापस रखिए जब कभी आपसे दुबारा मुलाकात होगी तब 21रु. दे दीजिएगा।
इस ब्राह्मण ने तो मेरी आँखें नम कर दीं। उन्होंने कहा कि शुद्ध जनेऊ की एक जोड़ी पर 13-14 रुपए की लागत आती है। 7-8 रुपए अपनी मेहनत का जोड़कर वह 21 रु. लेते हैं। कोई-कोई एक का सिक्का न होने की बात कह कर बीस रुपए ही देता है। मेरे साथ भी यही समस्या थी। मेरे पास 21रु. फुटकर नहीं थे, मैंने पांच सौ का नोट वापस रखा और सौ रुपए का एक नोट उन्हें पकड़ाते हुए बड़ी ही विनम्रता से उनसे रख लेने को कहा। इस बार वह मेरा आग्रह नहीं टाल पाए और 100 रुपए रख लिए और मुझसे एक मिनट रुकने को कहकर घर के अन्दर गए, बाहर आकर और चार जोड़ी जनेऊ मुझे देते हुए बोले… मैंने आपकी बात मानकर सौ रु. रख लिए। अब मेरी बात मान कर यह चार जोड़ी जनेऊ और रख लीजिए ताकी मेरे मन पर भी कोई भार ना रहे।
मैंने मन ही मन उनके स्वाभिमान को प्रणाम किया साथ ही उनसे पूछा कि इतना जनेऊ लेकर मैं क्या करूंगा तो वो बोले कि मकर संक्रांति, पितृ विसर्जन, चन्द्र और सूर्य ग्रहण, घर पर किसी हवन पूजन संकल्प, परिवार में शिशु जन्म के सूतक आदि अवसरों पर जनेऊ बदलने का विधान है, इसके अलावा आप अपने सगे सम्बन्धियों रिश्तेदारों व अपने ब्राह्मण मित्रों को उपहार भी दे सकते हैं जिससे हमारी ब्राह्मण संस्कृति व परम्परा मजबूत हो, साथ ही साथ जब आप मंदिर जाएं तो विशेष रूप से गणेश जी, शंकर जी व हनुमान जी को जनेऊ जरूर चढ़ाएं…
उनकी बातें सुनकर वह पांच जोड़ी जनेऊ मैंने अपने पास रख लिया और खड़ा हुआ, वापसी के लिए बिदा मांगी, तो उन्होंने कहा कि आप हमारे अतिथि हैं पहली बार घर आए हैं हम आपको खाली हाथ कैसे जाने दो सकते हैं। इतना कह कर उनहोंने अपनी बिटिया को आवाज लगाई, वह बाहर निकाली तो ब्राह्मण देव ने उससे इशारे में कुछ कहा तो वह उनका इशारा समझकर जल्दी से अन्दर गयी और एक बड़ा सा डंडा लेकर बाहर निकली, डंडा देखकर मेरी समझ में नहीं आया कि मेरी कैसी बिदायी होने वाली है।
अब डंडा उसके हाथ से ब्राह्मण देव ने अपने हाथों में ले लिया और मेरी ओर देख कर मुस्कराए… जबाब में मैंने भी मुस्कराने का प्रयास किया। वह डंडा लेकर आगे बढ़े तो मैं थोड़ा पीछे हट गया। उनकी बिटिया उनके पीछे पीछे चल रह थी। मैंने देखा कि दरवाजे की दूसरी तरफ दो पपीते के पेड़ लगे थे। डंडे की सहायता से उन्होंने एक पका हुआ पपीता तोड़ा। उनकी बिटिया वह पपीता उठा कर अन्दर ले गयी और पानी से धोकर एक कागज में लपेट कर मेरे पास ले आयी। अपने नन्हें नन्हे हाथों से मेरी ओर बढ़ा दिया। उसका निश्छल अपनापन देख मेरी आँखें भर आईं।
मैं अपनी भीग चुकी आंखों को उससे छिपाता हुआ दूसरी ओर देखने लगा। तभी मेरी नजर पानी के उस लोटे और गिलास पर पड़ी जो अब भी वहीं रखा था। इस छोटी सी बच्ची का अपनापन देख मुझे अपने पानी न पीने पर ग्लानि होने लगी। मैंने झट से एक टुकड़ा गुड़ उठाकर मुँह में रखा और पूरी गिलास का पानी एक ही साँस में पी गया। बिटिया से पूछा कि क्या एक गिलास पानी और मिलेगा…
वह नन्ही परी फुदकती हुई लोटा उठाकर ले गयी और पानी भर लाई, फिर उस पानी को मेरी गिलास में डालने लगी। उसके होंठों पर तैर रही मुस्कराहट जैसे मेरा धन्यवाद कर रही हो। मैं अपनी नजरें उससे छुपा रहा था। पानी का गिलास उठाया और गर्दन ऊंची कर के वह अमृत पीने लगा… पर अपराधबोध से दबा जा रहा था।
अब बिना किसी से कुछ बोले पपीता गाड़ी की दूसरी सीट पर रखा, और घर के लिए चल पड़ा, घर पहुंचने पर हाथ में पपीता देख कर मेरी पत्नी ने पूछा कि यह कहां से ले आए… तो बस मैं उससे इतना ही कह पाया कि एक ब्राह्मण के घर गया था तो उन्होंने खाली हाथ आने ही नहीं दिया।
“राष्ट्रहित सर्वोपरि” 💪💪
जय श्री राम
हर हर महादेव 🔱🙏🚩
