उत्तराखंडधर्म-कर्मराशिफल

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग-अष्टावक्र का ज्ञान*

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*आज का राशिफल*
*23 अगस्त 2025 , शनिवार*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका का दिन सामान्य रहेगा। संतान की ओर से कोई शुभ समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा तथा मनोरंजन संबंधी कार्यक्रम भी बनेंगे। पारिवारिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने में आपका विशेष योगदान रहेगा और आप उसमें कामयाब भी रहेंगे। जीवनसाथी की भावनाओं को समझ मधुरता स्थापित करेंगे। किसी कार्यवश बाहर गमन हो सकता है। आराम के लिए समय मिलेगा। स्वास्थ्य सुधार होगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आपका दिन बेहतर रहेगा । कार्यक्षेत्र में आज कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। परंतु कार्य संपन्न होने में कुछ व्यस्त रह सकते हैं। इस समय तनाव लेने की अपेक्षा धैर्य बनाकर रखना ज्यादा उचित रहेगा। युवा वर्ग तथा विद्यार्थियों को इस प्रतियोगी माहौल में अत्यधिक मेहनत की जरूरत है।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
अगर आप राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो यह संपर्क आपके लिए कुछ अच्छे अवसर प्रदान करने वाले हैं। इसलिए अपने संपर्क सूत्रों को और अधिक मजबूत बनाकर रखें। प्रॉपर्टी संबंधी कोई रुका हुआ काम भी आज हल हो सकता है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कार्य क्षेत्र में इस समय सूझबूझ व समझदारी से आप किसी भी परेशानी को आसानी से हल कर पाएंगे। कर्मचारियों के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखें, इससे उनका मनोबल बढ़ेगा तथा वे लोग कार्यों को मन लगाकर करेंगे। आय के स्रोतों में भी इजाफा होगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
रिस्क प्रवृत्ति के कार्यों से दूर रहें। वर्तमान समय में जैसा चल रहा है उसी पर अपना ध्यान केंद्रित रखें। अनजान लोगों के साथ किसी भी तरह का बिजनेस करते समय पूरी तरह चौकन्ना रहें। क्योंकि इस तरह की लापरवाही आपको नुकसान दे सकती है। किसी चाहते से बात करके मन प्रसन्न होगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपका दिन मनोनुकूल रहेगा। धन प्राप्ति के योग हैं। सामाजिक सम्मान मिलैगा। घर के नवीनीकरण या सुधार जैसी योजनाओं पर कार्य करते समय वास्तुविद की सलाह अवश्य लें। इससे आपके घर में सकारात्मकता आएगी। साथ ही प्रत्येक कार्य को करने से पहले बजट का भी ध्यान रखना अति आवश्यक है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आपका दिन सामान्य रहेगा। कार्य क्षेत्र में अत्यधिक व्यस्तता बनी रहेगी। ऑर्डर को समय पर पूरा करने से मार्केट में आपकी साख बनेगी। इस समय प्रतिद्वंद्वियों की गतिविधियों को नजरअंदाज ना करें। नौकरीपेशा लोगों को मेहनत से काम लेना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
इस समय व्यवसाय में आपके पक्ष में कुछ महत्वपूर्ण स्थितियां बन रही हैं, इसलिए पूरी गंभीरता के साथ अपने कार्यों को अंजाम दे। धीमी गति से चल रहे काम में अब सुधार आएगा। ऑफिस मे सहकर्मी ईर्ष्या तथा जलन की भावना से आपके कार्यों में कुछ नुकसान पहुंचा सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
पिछले कुछ समय से चल रही विपरीत परिस्थितियों में आज अचानक ही किसी अनुभवी व्यक्ति की मदद मिलेगी, जिससे आप अपनी समस्याओं से मुक्ति पा लेंगे। इस समय किसी भी अनुभवी व्यक्ति की सलाह की अवहेलना ना करके उस पर गंभीरता से विचार करें। स्वास्थ्य सही रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
व्यवसाय में उत्पादन क्षमता में सुधार आना शुरू होगा। आर्थिक स्थितियां भी बेहतर होंगी। इस समय मार्केट से संबंधित कार्यों को निपटाने की कोशिश करें। तथा अपनी पुरानी पार्टियों के साथ भी पुनः संपर्क स्थापित करने से फायदा हो सकता है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन बेहतर रहेगा । धार्मिक कार्यक्रम बनेंगे । धन धान्य से सम्पन्न होंगे। जिस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आप काफी समय से प्रयासरत थे, आज उसके उचित परिणाम हासिल करने का समय आ गया है। इसलिए प्रयासरत रहें और आशावादी बने रहें। परंतु अपनी दिनचर्या में अत्यधिक अनुशासन और मेहनत की आवश्यकता है।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपका दिन मिलाजुला रहेगा। कार्य क्षेत्र में अत्यधिक व्यस्तता बनी रहेगी। धर्म में रुचि बढेगी। इस समय प्रतिद्वंद्वियों की गतिविधियों को नजरअंदाज न करें। नौकरीपेशा लोगों को मेहनत व सावधानी से काम लेना है। धार्मिक आयोजन होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

🔅 *_कृपया ध्यान दें👉_*
यद्यपि शुद्ध राशिफल की पूरी कोशिश रही है फिर भी इन राशिफलों में और आपकी कुंडली व राशि के ग्रहों के आधार पर आपके जीवन में घटित हो रही घटनाओं में कुछ अन्तर हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप किसी ज्योतिषी से अवश्य सम्पर्क करें। किसी भी भिन्नता के लिए हम उत्तरदायी नहीं हैं।

🌷आपका दिन मंगलमय हो।🌷

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2️⃣3️⃣❗0️⃣8️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣5️⃣

*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*

*!! अष्टावक्र का ज्ञान !!*
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ऋषि को अपने शिष्य कहोड़ की प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी पुत्री सुजाता का विवाह कहोड़ से कर दिया। सुजाता के गर्भ ठहरने के बाद ऋषि कहोड़ सुजाता को वेदपाठ सुनाते थे। तभी सुजाता के गर्भ से बालक बोला – ‘पिताजी! आप गलत पाठ कर रहे हैं। इस पर कहोड़ को क्रोध आ गया और शाप दिया तू आठ स्थानों से वक्र (टेढ़ा) होकर पैदा होगा। कुछ दिन बाद कहोड़, राजा जनक के दरबार में एक महान विद्वान बंदी से शास्त्रार्थ में हार गए और नियम अनुसार, कहोड़ को जल समाधि लेनी पड़ी। कुछ दिनों बाद अष्टावक्र का जन्म हुआ।

एक दिन माँ से पिता की सच्चाई पता चली, तो अष्टावक्र दुखी हुआ और बारह साल का अष्टावक्र बंदी से शास्त्रार्थ करने के लिए राजा जनक के दरबार में पहुंचा। सभा में आते ही बंदी को शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दी, लेकिन अष्टावक्र को देखकर सभी पंडित और सभासद हंसने लगे, क्योंकि वो आठ जगह से टेढ़े थे, उनकी चाल से ही लोग हंसने लगते थे। सभी अष्टावक्र पर हंस रहे थे और अष्टावक्र सब लोगों पर। जनक ने पूछा- ‘हे बालक! सभी लोगों की हंसी समझ आती है, लेकिन तुम क्यों हंस रहे हो?

अष्टावक्र बोले – महाराज आपकी सभा चमड़ी की पहचान करने वालों की सभा है, जो मेरी चमड़ी की विकृति पर हंस रहे हैं, इनमें कोई विद्वान नहीं! ये चमड़े के पारखी हैं। मंदिर के टेढ़े होने से आकाश टेढ़ा नहीं होता है और घड़े के फूटे होने से आकाश नहीं फूटता है। इसके बाद शास्त्रार्थ में बंदी की हार हुई। अष्टावक्र ने बंदी को जल में डुबोने का आग्रह किया। बंदी बोला मैं वरुण-पुत्र हूं और सब हारे ब्राह्मणों को पिता से पास भेज देता हूं। मैं उनको वापस बुला लेता हूं। सभी हारे हुए ब्राह्मण वापस आ गए, उनमें अष्टावक्र के पिता कहोड़ भी थे। इसके बाद राजा जनक ने अष्टावक्र को अपना गुरु बना लिया और उनके आत्मज्ञान प्राप्त किया। राजा जनक और अष्टावक्र के इस संवाद को अष्टावक्र गीता के नाम से जाना जाता है।

*शिक्षा :-*
जैसे आभूषण के पुराने या कम सुंदर होने से सोने की कीमत कम नहीं हो जाती, वैसे शरीर की कुरूपता से आत्म तत्व कम नहीं होता। कभी किसी व्यक्ति के शरीर की सुंदरता को देखकर प्रभावित या किसी की कुरूपता को देखता घृणा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि शरीर तो हाड़-मांस से बना है। देखना है तो उसका ज्ञान, प्रेम और दिव्यता देखो, क्योंकि आत्मा सबका समान है।

*सदैव प्रसन्न रहिये – जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है, उसके पास समस्त है।।*
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देवभूमि jknews

जीवन में हमेशा सच बोलिए, ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है!

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