*ऋषिकेश निवासी 91 वर्षीय कृष्ण लाल कथुरिया की आंखों से होगी दो जिंदगियां रोशन*
देव भूमि जे के न्यूज –
नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता का आशय आप जरा सी इस बात से लगा सकते हैं कि जिम्मेदार नागरिक जीते जी कहते हैं कि मेरी मृत्यु के बाद मेरे नेत्रदान करवा देना। पूर्व में यदि कोई व्यक्ति मृत्यु की बात करता था ,तो लड़ाई हो जाती थी। वर्तमान में व्यक्ति मृत्यु के बाद अपने नेत्रदान के लिए स्वयं कहते हैं। उग्रसेन नगर ऋषिकेश निवासी 91 वर्षीय कृष्ण लाल कथुरिया के निधन पर कराए गए नेत्रदान से परिवार के नजदीकी भी अपने नेत्रदान की बात करने लगे है।
नेत्रदान कार्यकर्ता व लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग के अनुसार उग्रसेन नगर ऋषिकेश निवासी श्री कृष्ण लाल के निधन पर कराए गए नेत्रदान से समाज में जागृति अवश्य आएगी। उनके निधन पर तुरंत ही निरंकारी मिशन से जुड़े उनके पुत्र सुरेंद्र कथुरिया ने शोक व्यक्त करने पहुंचे अनिल कक्कड़ को पिता की नेत्रदान की इच्छा से अवगत कराया व नेत्रदान कराने के लिए कहा। कक्कड़ के आग्रह पर ऋषिकेश आई बैंक एम्स की नेत्रदान की रेस्क्यू टीम ने उनके निवास पर जाकर दोनों कार्निया सुरक्षित प्राप्त कर लिए। नेत्रदान के इस पुनीत कार्य पर निरंकारी मिशन के जोनल इंचार्ज हरभजनसिंह,मनमोहन भोला , नवदीप नागलिया, गुलशन चंदानी, , अमित गोयल,राज कुमार बाल्यान,आशु पाहवा,नील कमल अरोड़ा,विनय भाटिया, कमल कालड़ा ने नेत्र दान के लिए परिवार की सराहना की है।
