उत्तराखंडऋषिकेश

*मानसकिंकर की उपाधि से विभूषित होना गौरव का विषय है- शंकराचार्य जी महाराज*

देव भूमि जे के न्यूज –

ऋषिकेश- पावन पवित्र चातुर्मास अनुष्ठान के क्रम में कोरा केंद्र मैदान, भट्टड़ रोड, आदित्य कॉलेज के सामने, बोरीवली पश्चिम, मुंबई में परमाराध्य परमाध्यक्ष उत्तर आम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के विशेष सानिध्य में श्रावण मास के पुण्य अवसर पर विविध कार्यक्रमों के मध्य एक विशिष्ट व्यक्तित्व सम्मान कार्यक्रम हुआ जिसमें महाराष्ट्र के प्रसिद्ध राम कथावाचक, परम पूज्य श्री रवींद्र पाठक गुरुजी के सनातन धर्म संस्कृति एवं संस्कृत भाषा के प्रति रुचि तथा श्रीरामकथा के शास्त्रीय प्रमाण सहित व्याख्या पर विचार विमर्श करके कई वर्षों से अपनी कथाओं के माध्यम से समाज में एक सांस्कृतिक जागृति लाने के प्रयास दृष्टि ध्यान करके उन्हें विभूषित किया जाता है।

इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज की उपस्थिति में “काशी के विशिष्ट विद्वानों द्वारा *”मानसकिंकर”* की उपाधि से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर काशी के सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के पूर्व मीमांसा के अध्यक्षचर प्रो. कमलाकान्त त्रिपाठी गुरुजी, वहीं के वेदान्त विभागाध्यक्ष एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुधाकर मिश्र जी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी के ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी, वहीं के प्रो. धनंजय पाण्डेय, व्याकरण विभाग के प्रो. शैलेश मिश्र, रामानुज संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. परमेश्वरदत्त शुक्ल, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पुराणेतिहास विभाग के डॉ. उमापति उपाध्याय, डॉ. विश्वेश्वरदेव प्रसाद मिश्र, जानीमठ के योगेश ब्रह्मचारी, श्रीशदत्त शुक्ल वाराणसी सहित महाराष्ट्र के सुप्रसिद्ध, धर्मसभा के अध्यक्ष; श्रीमहंत आचार्य पीठाधीश्वर डॉ.अनिकेतशास्त्री देशपांडे महाराज, डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय, मुख्य न्यासी श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास व गुरुकुल एवं मन्दिर सेवा योजना प्रमुख जम्मू कश्मीर प्रान्त। और हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
यह महाराष्ट्र के लिए गौरव की बात है और पाठक गुरुजी को हर स्तर पर बधाई दी जा रही है।

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देवभूमि jknews

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