उत्तराखंडधर्म-कर्मराशिफल

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -पुण्य तपोबल एकत्रित करो!*


📜««« *आज का पञ्चांग* »»»📜
कलियुगाब्द………………………5127
विक्रम संवत्…………………….2082
शक संवत्………………………..1947
मास………………………………श्रावण
पक्ष………………………………..कृष्ण
तिथी………………………………नवमी
दोप 02.40 पर्यंत पश्चात दशमी
रवि…………………………..दक्षिणायन
सूर्योदय ………………प्रातः 05.52.03 पर
सूर्यास्त…………..संध्या 07.13.49 पर
सूर्य राशि…………………………..कर्क
चन्द्र राशि…………………………..मेष
गुरु राशी…………………………मिथुन
नक्षत्र……………………………..भरणी
रात्रि 12.35 पर्यंत पश्चात कृत्तिका
योग………………………………..शुल
रात्रि 12.51 पर्यंत पश्चात गंड
करण………………………………गरज
दोप 02.40 पर्यंत पश्चात वणिज
ऋतु………………………..(नभ:) वर्षा
दिन…………………………….शनिवार

🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*
19 जुलाई सन 2025 ईस्वी ।

☸ शुभ अंक……………………..1
🔯 शुभ रंग…………………….नीला

⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-*
दोप 11.45 से 12.39 तक ।

👁‍🗨 *राहुकाल :-*
प्रात: 08.50 से 10.31 तक ।

🌞 *उदय लग्न मुहूर्त -*
*कर्क*
05:44:17 08:00:32
*सिंह*
08:00:32 10:12:21
*कन्या*
10:12:21 12:23:00
*तुला*
12:23:00 14:37:38
*वृश्चिक*
14:37:38 16:53:48
*धनु*
16:53:48 18:59:24
*मकर*
18:59:24 20:46:30
*कुम्भ*
20:46:30 22:20:03
*मीन*
22:20:03 23:51:15
*मेष*
23:51:15 25:32:00
*वृषभ*
25:32:00 27:30:39
*मिथुन*
27:30:39 29:44:17

🚦 *दिशाशूल :-*
पूर्व दिशा – यदि आवश्यक हो तो अदरक या उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।

✡ *चौघडिया :-*
प्रात: 07.08 से 08.49 तक शुभ
दोप. 12.11 से 01.52 तक चर
दोप. 01.52 से 03.33 तक लाभ
दोप. 03.33 से 05.14 तक अमृत
संध्या 06.55 से 08.14 तक लाभ
रात्रि 09.33 से 10.52 तक शुभ ।

💮 *आज का मंत्र :-*
।। ॐ आंजनेय नम: ।।

📢 *संस्कृत सुभाषितानि -*
*श्रीमद्भगवतगीता (त्रयोदशोऽध्यायः – क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोगो:) -*
तत्क्षेत्रं यच्च यादृक्च यद्विकारि यतश्च यत् ।
स च यो यत्प्रभावश्च तत्समासेन मे शृणु ॥१३- ३॥
अर्थात :
वह क्षेत्र जो और जैसा है तथा जिन विकारों वाला है और जिस कारण से जो हुआ है तथा वह क्षेत्रज्ञ भी जो और जिस प्रभाववाला है- वह सब संक्षेप में मुझसे सुन॥3॥

🍃 *आरोग्यं सलाह :-*
*दांतों में सड़न को दूर करने के घरेलू उपाय -*

*1. नमक पानी -*
यह दांत से संबंधित दर्द के लिए सबसे आम घरेलू उपाय है। यह मुंह से बैक्टीरिया को मुक्त रखता है और कैविटी से चिपचिपापन को हटा देता है। इसके लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच नमक या सेंधा नमक डालिए। इसे अच्छी तरह से मिक्स करके गरारे कीजिए। आपको जरूर फायदा मिलेगा।

⚜ *आज का राशिफल :-*

🐏 *राशि फलादेश मेष :-*
*(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)*
पुराना रोग उभर सकता है। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। स्वाभिमान को ठेस लग सकती है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।

🐂 *राशि फलादेश वृष :-*
*(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रमाद न करें।

👫 *राशि फलादेश मिथुन :-*
*(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)*
सुख के साधन प्राप्त होंगे। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक काम करने की इच्छा रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🦀 *राशि फलादेश कर्क :-*
*(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*
धार्मिक अनुष्ठान पूजा-पाठ इत्यादि का कार्यक्रम आयोजित हो सकता है। कोर्ट-कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। मानसिक शांति रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। समय अनुकूल है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। शारीरिक कष्ट संभव है।

🦁 *राशि फलादेश सिंह :-*
*(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*
कुसगंति से बचें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। किसी दूसरे व्यक्ति की बातों में न आएं। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। व्यापार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में मातहतों से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें।

👩‍🦰 *राशि फलादेश कन्या :-*
*(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*
शरीर में कमर व घुटने आदि के दर्द से परेशानी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है।

⚖ *राशि फलादेश तुला :-*
शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति पर व्यय होगा। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। शेयर मार्केट से लाभ होगा।

🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-*
*(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*
किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। किसी वरिष्ठ प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। कष्ट व भय सताएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा।

🏹 *राशि फलादेश धनु :-*
*(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)*
राजभय रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। यात्रा में जल्दबाजी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। भागदौड़ अधिक रहेगी। थकान व कमजोरी महसूस होगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश सोच-समझकर करें।

🐊 *राशि फलादेश मकर :-*
*(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)*
प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रशंसा होगी। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। चोट व रोग से बचें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। व्यापार ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।

🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-*
*(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*
चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। यश बढ़ेगा। दूर से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। घर में मेहमानों का आगमन होगा। कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी।

🐟 *राशि फलादेश मीन :-*
*(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*
कुबुद्धि हावी रहेगी। चोट व रोग से बचें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिल सकती है। किसी न्यायपूर्ण बात का भी विरोध हो सकता है। विवाद न करें।

☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।*

।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।

🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩

*🛕जय सियाराम*

*🍁पुण्य तपोबल एकत्रित करो!🍁*

एक सेठ के एक इकलौता पुत्र था पर छोटी सी उम्र मे ही गलत संगत के कारण राह भटक गया!

चिंतित सेठ को कुछ नही सूझ रहा था। तो वो भगवान् के मन्दिर में गया और दर्शन के बाद पुजारी जी को अपनी समस्या बताई !

पुजारी जी ने कहा की आप अपने पुत्र को कुछ दिन मन्दिर में भेजना कोशिश पुरी करेंगे की आपकी समस्या का समाधान हो, आगे जैसी हरि की ईच्छा !

सेठ ने पुत्र से कहा की तुम्हे कुछ दिनो तक मन्दिर जाना है, नही तो तुम्हे सम्पति से बेदखल कर दिया जायेगा…

घर से मन्दिर की दूरी ज्यादा थी और सेठ उसे किराये के गिनती के पैसे देते थे! अब वो एक तरह से बंदिश मे आ गया!

मंदिर के वहाँ एक वृद्ध बैठा रहता था और एक अजीब सा दर्द उसके चेहरे पर था और रोज वो बालक उस वृद्ध को देखता।

एक दिन मन्दिर के वहाँ बैठे उस वृद्ध को देखा तो उसे मस्ती सूझी और वो वृद्ध के पास जाकर हँसने लगा…

उसने वृद्ध से पुछा हॆ वृद्ध पुरुष तुम यहाँ ऐसे क्यों बैठे रहते हो.. लगता है बहुत दर्द भरी दास्तान है तुम्हारी और व्यंग्यात्मक तरीके से कहा शायद बड़ी भूलें की है जिंदगी मे?

उस वृद्ध ने जो कहा उसके बाद उस बालक का पूरा जीवन बदल गया!

उस वृद्ध ने कहा हाँ बेटा हँस लो आज तुम्हारा समय है.. पर याद रखना की जब समय बदलेगा तो एक दिन कोई ऐसे ही तुम पर हँसेगा!

सुनो बेटा मैं भी खुब दौड़ा.. मेरे चार चार बेटे है और उन्हे जिंदगी मे इस लायक बनाया की आज वो बहुत ऊँचाई पर है..

और इतनी ऊँचाई पर है वो की आज मैं उन्हे दिखाई नही देता हुं! और मेरी सबसे बड़ी भुल ये रही की मैंने अपने बारे मे कुछ भी न सोचा!

अपने इन अंतिम दिनो के लिये कुछ धन अपने लिये बचाकर न रखा। इसलिये आज मैं एक पराधीनता का जीवन जी रहा हुं!

पर मुझे तो अब इस मुरलीधर ने सम्भाल लिया। यहाँ तो पराधीन हुआ हुं..किन्तु डर ये है कही आगे जाकर भी पराधीन न हो जाऊँ!
.
बालक को उन शब्दो ने झकझोर कर रख दिया!

बालक – मैंने जो अपराध किया है उसके लिये मुझे क्षमा करना हॆ देव! पर हॆ देव आपने कहा की आगे जाकर पराधीन न रहूँ ये मेरी कुछ समझ मे न आया?
.
वृद्ध – हॆ वत्स यदि तुम्हारी जानने की इच्छा है तो बिल्कुल सावधान होकर सुनना..

अनन्त यात्रा का एक पड़ाव मात्र है ये मानवदेह,,,और पराधीनता से बड़ा कोई अभिशाप नही है,, और आत्मनिर्भरता से बड़ा कोई वरदान नही है!

अभिशाप की जिन्दगी से मुक्ति पाने के लिये कुछ न कुछ दान- धर्म, जप-तपअवश्य करते रहना! धन शरीर के लिये तो दान-धर्म, जप-तप आत्मा के लिये बहुत जरूरी है!

दान-धर्म के साथ नियमित साधना से तपोधन जोड़िये.. आगे की यात्रा मे बड़ा काम आयेगा!

क्योंकि जब तुम्हारा अंतिम समय आयेगा.. यदि देह का अंतिम समय है तो धन बड़ा सहायक होगा.. और देह समाप्त हो जायेगी तो फिर आगे की यात्रा शुरू हो जायेगी और वहाँ दान- धर्म, तपोधन बड़ा काम आयेगा!

और हाँ एक बात अच्छी तरह से याद रखना की धन तो केवल यहाँ काम आयेगा पर दान-धर्म, तपोधन यहाँ भी काम आयेगा और वहाँ भी काम आयेगा!

और यदि तुम पराधीन हो गये तो तुम्हारा साथ देने वाला कोई न होगा!

उसके बाद उस बालक का पुरा जीवन बदल गया!

इसलिये दान-धर्म और नियमित साधना से तपोधन एकत्रित करो..!!

*प्रत्येक मनुष्य को जीवन मे दान-धर्म सत्कर्म अपनी सामर्थ्य अनुसार अवश्य करते रहना चाहिए,,दान से कभी धन नही घटता अपितु उसमे दिनों दिन वृद्धि होती है,,इस लोक में भी और उस लोक में भी,, आपके द्वारा किया गया दान-धर्म-सत्कर्म ही अंतिम यात्रा में काम आएगा वँहा कोई साथ नही जाएगा आपके पूण्य ही आपके साथ जाएंगे,,गरुड़ पुराण आपने अवश्य सुनी होगी,,उसमे पूर्ण विस्तार से इसके विषय मे लिखा है,,वैतरणी नदी जो उस यात्रा में सबसे दुर्गम है उसे गौमाता बड़ी सरलता से हमारे सूक्ष्म शरीर को पार करा देती है,,जिसके लिए अंतिम समय मे मनुष्य को गाय की पूंछ आजकल लोग पकड़वाते है,,लेकिन क्या अंत मे गाय की पूंछ पकड़ने से गौमाता आपको वैतरणी नदी से पार लगा देगी,,नही,,कदाचित नही,,गौमाता उसे ही पार लगाएगी जिसने पूरे जीवन गौमाता की सेवा की हो,,,इसलिए शास्त्रों के गौदान को महादान कहा गया है,,इसलिए जो समर्थ हैं उन्हें अपने नाम से कम से कम एक गौमाता का दान अवश्य करना ही चाहिए,,और जो नही कर सकते वो गौसेवा करे किसी भी रूप में,,, तन से अपनी निकटम गौशाला में जा कर सेवा कर सकते है,,धन से कर सकते है,,भूसा चारा राशन डलवा सकते है,,प्रत्येक को कुछ न कुछ गौसेवा अवश्य करनी ही चाहिए…जय गौमाता,, जय गौपाल*
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।

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देवभूमि jknews

जीवन में हमेशा सच बोलिए, ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है!

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