*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -गलती या हालात*
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कलियुगाब्द…………………….5127
विक्रम संवत्……………………2082
शक संवत्………………………1947
मास……………………………..बैशाख
पक्ष……………………………….शुक्ल
तिथी……………………………….षष्ठी
प्रातः 07.54 पर्यंत पश्चात सप्तमी
रवि…………………………..उत्तरायण
सूर्योदय …………प्रातः 05.53.00 पर
सूर्यास्त………..संध्या 06.55.09 पर
सूर्य राशि………………………….मेष
चन्द्र राशि……………………….मिथुन
गुरु राशी…………………………वृषभ
नक्षत्र……………………………पुनर्वसु
दोप 12.36 पर्यंत पश्चात पुष्य
योग………………………………..शूल
दोप 01.41 पर्यंत पश्चात गंड
करण……………………………तैतिल
प्रातः 07.54 पर्यंत पश्चात गरज
ऋतु…………………..(माधव) वसंत
दिन……………………………शनिवार
🇬🇧 *आंग्ल मतानुसार :-*
03 मई सन 2025 ईस्वी ।
☸ शुभ अंक…………………….3
🔯 शुभ रंग…………………….नीला
⚜️ *अभिजीत मुहूर्त :-*
दोप 11.37 से 12.29 तक ।
👁🗨 *राहुकाल :-*
प्रात: 08.46 से 10.25 तक ।
🌞 *उदय लग्न मुहूर्त -*
*मेष*
04:54:50 06:35:45
*वृषभ*
06:35:45 08:34:14
*मिथुन*
08:34:14 10:47:56
*कर्क*
10:47:56 13:04:06
*सिंह*
13:04:06 15:15:55
*कन्या*
15:15:55 17:26:34
*तुला*
17:26:34 19:41:12
*वृश्चिक*
19:41:12 21:57:22
*धनु*
21:57:22 24:02:58
*मकर*
24:02:58 25:50:04
*कुम्भ*
25:50:04 27:23:37
*मीन*
27:23:37 28:54:50
🚦 *दिशाशूल :-*
पूर्व दिशा – यदि आवश्यक हो तो अदरक या उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।
✡ *चौघडिया :-*
प्रात: 07.07 से 08.46 तक शुभ
दोप. 12.02 से 01.40 तक चर
दोप. 01.40 से 03.18 तक लाभ
दोप. 03.18 से 04.57 तक अमृत
संध्या 06.35 से 07.57 तक लाभ
रात्रि 09.18 से 10.40 तक शुभ ।
💮 *आज का मंत्र :-*
।। ॐ महावीराय नम: ।।
📢 *संस्कृत सुभाषितानि -*
*श्रीमद्भगवतगीता (एकादशोऽध्यायः – विश्वरूपदर्शनयोग:) -*
मा ते व्यथा मा च विमूढभावो दृष्ट्वा रूपं घोरमीदृङ्ममेदम् ।
व्यपेतभीः प्रीतमनाः पुनस्त्वं तदेव मे रूपमिदं प्रपश्य ॥११- ४९॥
अर्थात :
मेरे इस प्रकार के इस विकराल रूप को देखकर तुझको व्याकुलता नहीं होनी चाहिए और मूढ़भाव भी नहीं होना चाहिए। तू भयरहित और प्रीतियुक्त मनवाला होकर उसी मेरे इस शंख-चक्र-गदा-पद्मयुक्त चतुर्भुज रूप को फिर देख॥49॥
🍃 *आरोग्यं सलाह :-*
-विषाक्त भोजन (फूड प्वाइजनिंग) के लिए घरेलू उपचार -*
*5. लहसुन -*
लहसुन अपने मजबूत एंटीवायरल, जीवाणुरोधी और एंटीफंगल गुणों के कारण खाद्य विषाक्तता से लड़ने में भी बहुत प्रभावी है। यह दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षणों को भी राहत देता है। पानी के साथ एक ताजा लहसुन खाइए। आपको विषाक्त भोजन से राहत मिलेगी। यदि आप लहसुन की गंध सहन कर सकते हैं, तो आप लहसुन के रस का भी प्रयास कर सकते हैं।
⚜ *आज का राशिफल :-*
🐏 *राशि फलादेश मेष :-*
*(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)*
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट में सोच-समझकर निवेश करें। कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। कुसगंति से हानि होगी। कम प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे।
🐂 *राशि फलादेश वृष :-*
*(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)*
आय बनी रहेगी। भाइयों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। आज के काम कल पर नहीं टालें। विवेक का प्रयोग करें। लाभ होगा। दुष्टजनों से सावधान रहें, हानि पहुंचा सकते हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कहीं से बुरी खबर मिल सकती है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे।
👫 *राशि फलादेश मिथुन :-*
*(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)*
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी में कोई भी लेन-देन न करें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। फालतू खर्च होगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। नौकरी में अधिकार बढ़ेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा।
🦀 *राशि फलादेश कर्क :-*
*(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)*
व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर खर्च होगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। समय नेष्ट है। नकारात्मकता रहेगी। चिंता तथा तनाव में वृद्धि होगी। किसी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें।
🦁 *राशि फलादेश सिंह :-*
*(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)*
धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य का साथ रहेगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। नए कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। शत्रु शांत रहेंगे।
👩🦰 *राशि फलादेश कन्या :-*
*(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)*
नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड मनोनुकूल लाभ देंगे। संतान पक्ष से स्वास्थ्य तथा अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। कार्यशैली में परिवर्तन करना पड़ सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।
⚖ *राशि फलादेश तुला :-*
किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। सुख के साधनों की प्राप्ति हो सकती है। धन प्राप्ति सुगम होगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी।
🦂 *राशि फलादेश वृश्चिक :-*
*(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)*
युवक व युवती विशेष सावधानी बरतें। आय में निश्चितता रहेगी। प्रेम-प्रसंग में हड़बड़ी न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें।विवाद हो सकता है। नकारात्मकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें।
🏹 *राशि फलादेश धनु :-*
*(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)*
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। कानूनी बाधा संभव है। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। धनहानि किसी भी तरह हो सकती है। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी।
🐊 *राशि फलादेश मकर :-*
*(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)*
सुख के साधनों पर व्यय होगा। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। प्रॉपर्टी के काम बड़ा लाभ दे सकते हैं। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे अपमान हो। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में सुख-शांति रहेंगे। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें।
🏺 *राशि फलादेश कुंभ :-*
*(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)*
मनोरंजक यात्रा का आयोजन हो सकता है। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। मित्र व संबंधियों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। कारोबार मनोनुकूल रहेगा। जोखिम न लें। आंखों को रोग व चोट से बचाएं। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।
🐟 *राशि फलादेश मीन :-*
*(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)*
दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब होने से खिन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। भागदौड़ रहेगी। जोखिम न लें। कष्ट, भय, चिंता तथा तनाव का वातावरण बन सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। वाणी पर नियंत्रण रखें।
☯ *आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।*
।। 🐚 *शुभम भवतु* 🐚 ।।
🇮🇳🇮🇳 *भारत माता की जय* 🚩🚩
*🛕जय सियाराम🙏*
*🍁गलती या हालात🍁*
एक किसान के खेत में एक चिड़िया का परिवार रहता था। काफी दिनों से चिड़िया का परिवार सुखी सुखी जीवन व्यतीत कर रहा था। इधर गेहूं की फसल पक चुकी थी। किसान अपने बेटे के साथ अपने खेत पर आया और दोनों में चर्चा होने लगी कि यह गेहूं की फसल पक चुकी है। इसको अभी काटना है, नहीं तो यह खेत में ही खत्म हो जाएगी। कल मजदूर लेकर आते हैं और गेहूं को काटते हैं।
यह सभी बातें चिड़िया और चिड़िया का परिवार सुन रहा था। किसान और उसके बेटे के जाने के बाद चिड़िया ने अपने परिवार के साथ फैसला किया कि हम यहां से उड़कर किसी दूसरी जगह पर जाकर अपना घोंसला /घर बनाएंगे और वह चिड़िया अपने परिवार को लेकर दूसरी जगह जा रही होती है।
रास्ते में उसे एक नदी के किनारे पर दो पेड़ दिखाई देते हैं तो चिड़िया एक पेड़ से पूछती है कि मैं परिवार सहित आपके ऊपर घोसला बनाकर रह सकती हूं। वह पेड़ थोड़ी देर चुप रहा और कुछ देर के बाद उस पेड़ ने मना कर दिया। वह चिड़िया उस पेड़ की बात सुनकर मुंह को सिकोड़ते हुए आगे जाती है तो दूसरा पेड़ मिलता है।
चिड़िया उस पेड़ से भी वही पूछती है कि मैं अपने परिवार सहित आपके ऊपर घोंसला बनाकर रह सकती हूं। वह पेड़ खुशी खुशी से हां कर देता है और वह चिड़िया अपने परिवार सहित घोंसला बनाकर रहने लगती है।
कुछ दिनों के बाद बरसात का मौसम आता है और बरसात के मौसम में बहुत तेज बारिश होती है। उस बारिश में वह पहला वाला पेड़ उखड़ जाता है और उस नदी के भाव में आ रहा होता है और उस पेड़ के सामने से गुजरता है।
तभी वह चिड़िया उस पेड़ से कहती है कि मैंने कुछ दिन पहले तुमसे कहा था कि मैं परिवार सहित अपना घोंसला बनाकर रहने के लिए और आपने मना कर दिया था। आज तुम्हारी देखो क्या हालत हो गई है कि तुम बहकर नदी में जा रहे हो।
उस पर बहते हुए पेड़ ने कहा चिड़िया बहन मुझे पहले से ही पता था कि मेरी जड़ें कमजोर हो चुकी है और मैं इस बारिश में टिक नहीं पाऊंगा। क्योंकि इस साल की बारिश को मैं झेल नहीं पाऊंगा और मेरे साथ तुम्हारी भी यही दशा होनी थी इसलिए तुम्हें मैंने मना कर दिया था। आज मैं तो वहकर जा रहा हूं लेकिन आप तो सुरक्षित हैं।
*सार:-जरूरी नही हमको किसी चीज़ के लिए मना करने वाला हमारा हितेषी ना हो कभी कभी हमारी भलाई के लिए भी लोग ना कर देते हैं*
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*
