देवभूमि जे के न्यूज़-
आज रेलवे रोड स्थित कांग्रेस भवन में आए दिन बढ़ रहे पेट्रोल डीजल की कीमतों के कारण बढ़ती महंगाई के विरोध में महानगर कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया इस संबंध में महानगर अध्यक्ष एड. राकेश सिंह एवं पीसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि आज देश का आम नागरिक जिस सबसे बड़ी समस्या से जूझ रहा है, वह है लगातार बढ़ती महंगाई। रसोई गैस से लेकर पेट्रोल-डीजल, खाद्य पदार्थों से लेकर शिक्षा और इलाज तक—हर चीज आम आदमी की पहुँच से दूर होती जा रही है।
महिला नेत्री पुष्पा मिश्रा व मधु जोशी ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनता से अच्छे दिनों का वादा किया था, लेकिन आज हालत यह है कि मध्यम वर्ग और गरीब परिवार अपने घर का बजट संभालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने रसोई का खर्च बढ़ा दिया है, पेट्रोल-डीजल महंगा होने से हर वस्तु की कीमत पर असर पड़ा है। दाल, तेल, सब्जियां और रोजमर्रा की जरूरत का सामान लगातार महंगा होता जा रहा है।
सरकार बड़े-बड़े विकास के दावे करती है, लेकिन आम जनता पूछ रही है कि यदि विकास हो रहा है तो फिर लोगों की जेब खाली क्यों हो रही है? बेरोजगारी और महंगाई ने युवाओं और आम परिवारों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
आज जरूरत इस बात की है कि सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान दे। केवल विज्ञापनों और भाषणों से जनता का पेट नहीं भरता। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, रोजगार के अवसर और आम लोगों को राहत देने वाली नीतियाँ ही इस समस्या का समाधान हैं।
लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है, और जनता अब महंगाई के मुद्दे पर जवाब चाहती है।
इसी क्रम में महानगर अध्यक्ष एससी प्रकोष्ठ सूरत सिंह कोहली एवं पार्षद देवेंद्र प्रजापति ने कहा कि आज देश का आम नागरिक एक बहुत बड़ा सवाल पूछ रहा है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें कई बार कम हुईं, तब भारत में पेट्रोल और डीज़ल के दाम उसी अनुपात में क्यों नहीं घटाए गए?
बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स बढ़ाकर भारी राजस्व कमाया। आम जनता ने यह सोचकर महंगे ईंधन का बोझ सहा कि शायद भविष्य में इसका लाभ देश और जनता को मिलेगा। लेकिन आज जब विश्व स्तर पर तेल संकट और महंगाई का असर दिखाई दे रहा है, तब सरकार जनता को राहत देने के बजाय लगातार आर्थिक दबाव बढ़ा रही है।
पेट्रोल-डीज़ल सिर्फ वाहन चलाने का साधन नहीं है, बल्कि इसका असर हर चीज़ पर पड़ता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होता है तो सब्जी, राशन, दवाइयाँ और रोजमर्रा की हर वस्तु महंगी हो जाती है। इसका सबसे बड़ा बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ता है।
जनता यह जानना चाहती है कि जब सरकार ने अच्छे समय में ईंधन से इतना मुनाफा कमाया, तो मुश्किल समय में उसी मुनाफे का उपयोग जनता को राहत देने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा? आखिर सरकार का दायित्व जनता को सहारा देना है या उस पर और बोझ डालना?
आज जरूरत है कि सरकार टैक्स में कटौती करे, पेट्रोल-डीज़ल के दाम कम करे और महंगाई से परेशान लोगों को राहत दे। क्योंकि देश की ताकत उसकी जनता होती है, और जब जनता आर्थिक दबाव में होती है तो देश की प्रगति भी प्रभावित होती है।
आज अत्यधिक महगांई बढ़ाने पर मोदी सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन करने वालों में वरिष्ठ कांग्रेसी मदन मोहन शर्मा, चंदन सिंह पंवार, अरविंद जैन, प्रदीप जैन, राकेश अग्रवाल, ललित मोहन मिश्रा, मनोज गुसाईं, देवेंद्र प्रजापति, भगवान सिंह पंवार, पुष्पा मिश्रा, मधु जोशी, रुकम पोखरियाल, बृजभूषण बहुगुणा, सिंग राज पोसवाल, हरि नेगी, संजय भारद्वाज, जगजीत सिंह, गौरव यादव, भूपेंद्र राणा, सुमित चौहान, सुमन, ममता देवी, सीता देवी लालमनी देवी, विश्वजीत अधिकारी, सौरभ वर्मा, हिमांशु जाटव, मानव रावत, नसीम आदि भारी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे l
