शहर में खास

शराब के शौकीनों के लिए लगभग 40 दिनों बाद सोमवार का दिन खुशियां लेकर आया!

ठेके पर भारी भीड़, पुलिस को व्यवस्था बनाने में करनी पड़ी मशक्कत!

देवभूमि जे के न्यूज़!
कोरोनावायरस के चलते लॉकडाउन के बाद शराब के शौकीनों के लिए लगभग 40 दिनों बाद सोमवार का दिन खुशियां लेकर आया!
जिसके चलते शराब की दुकान के बाहर तड़के ही लोगों ने शराब खरीदने के लिए लाईन में अपना स्थान बनाया। वहीं कुछ लोगों ने सोशल डिस्टेंसिग के लिए बनाये गए सफेद गोलों में अखबार, हेलमेट, जूता ,चप्पल रख कर अपनी बारी का इंतजार किया। पड़ोसी जिलों से शराब खरीदने आये लोगों को बिना अनुमति के सीमा प्रवेश का उल्लंघन मानते हुए वापसक्षभेज दिया गया।
विश्व महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से लगभग 40 दिनों से बन्द पड़ी शराब की दुकान के कारण जहाँ शराब प्रेमियों के चेहरे मायूस नजर आ रहे थे, वही सोमवार को सुबह लगभग सात बजे सरकार के आदेशानुसार खुली शराब की दुकान के बाद शराब प्रेमियों ने जमकर अपनी जेबों के अनुसार शराब की खरीदारी की, जिसके चलते देहरादून जिले के तीर्थनगरी ऋषिकेश से सटे टिहरी गढ़वाल सीमा में स्थित खाराश्रोत में अंग्रेजी शराब की दुकान में भारी भीड़ रही।

लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस को सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराने के लिए अच्छी- खासी मशक्कत करनी पड़ी। देहरादून जिले से टिहरी गढ़वाल जिले में शराब खरीदने के लिए पहुँचे लोगों को बिना अनुमति के टिहरी गढ़वाल सीमा में प्रवेश करने पर पुलिस ने वापस भी लौटाया, साथ ही भारी भीड़ को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह व थानाध्यक्ष मुनिकीरेती आर0के0 सकलानी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजीत कुमार व कैलाश गेट चौकी इंचार्ज विकेंद्र कुमार ने पुलिस कर्मियों के साथ स्वयं कमान संभाली व महज टिहरी गढ़वाल जिले के क्षेत्र में रहने वाले शराब खरीददारों को ही आधार कार्ड दिखा कर शराब देने के लिए ठेके संचालक को कहा।
शराब ठेके से आधार कार्ड दिखा कर शराब की बिक्री की जिससे देहरादून जिले से टिहरी गढ़वाल की सीमा में शराब खरीदने आये अधिकांश लोगों को खाली भी हाथ लौटना पड़ा।
वहीं शराब खरीददारों की भीड़ को देखते हुए सोमवार को शराब ठेके द्वारा लाखों रुपए की शराब एक ही दिन में बेचे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जो शराब ठेकेदार व आबकारी विभाग के राजस्व के लिए लाभदायक सिद्ध हुआ है।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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