टेक्नॉलॉजीस्वास्थ्य

ऑनलाइन स्टडी करते समय ब्रेक जरूरी-डॉ राजे नेगी

भारत समेत विश्व भर में फैली कोरोना वायरस महामारी के कारण जारी लॉक डाउन के कारण पिछले डेढ़ माह से घरों में कैद सभी लोग अपना अधिकतम समय मोबाइल,कम्प्यूटर और टेलीविजन देखकर बिता रहे है बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण आंखों में तनाव बड़ो से लेकर छोटो सभी को अपना शिकार बना रहा है।इसके साथ ही बंद चल रहे सभी स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आजकल ऑनलाइन स्टडी के माध्यम से बच्चो को पढ़ाया जा रहा है। बच्चे ऑनलाइन पढ़ तो रहे हैं लेकिन अभिवाहक इस बात को लेकर परेशान है कि बच्चे मोबाइल और लैपटाप पर छह से आठ घंटे बिता रहे हैं।पढ़ाई का बोझ कहीं उनकी आंखों को धुंधला न कर दे।यही चिंता इस समय अधिकांश अभिभावकों को खाये जा रही है।अधिकांश अभिभावकों का कहना है कि वह पहले बच्चों को मोबाइल और लैपटॉप से दूर रखते थे,लेकिन लॉक डाऊन के चलते अब मजबूरी हो गयी है, उनकी शंका है कि स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की आंखें सुरक्षित हैं कि नहीं।कही उनके चश्मे का नंबर तो नहीं बढ़ जाएगा।चिकित्सकों की मानें तो लंबे समय तक स्क्रीन पर रहना बच्चों पर मानसिक और शारीरिक तौर पर असर डाल सकता है। जितने समय बच्चा मोबाइल, लैपटॉप और टीवी देखते हैं, उतने समय को स्क्रीन टाइम कहा जाता है।नेत्र चिकित्सक डॉ राजे नेगी की सलाह है कि दो से पांच साल के बच्चों को एक घंटे से अधिक समय स्क्रीन पर नहीं बिताना चाहिए।छह साल से अधिक आयु के बच्चे मोबाइल पर क्या देखते हैं, उस पर भी अभिभावकों को कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। डॉ राजे नेगी का कहना है कि ऑनलाइन स्टडी के बाद ब्रेक जरूरी है, ताकि आंखों को पर्याप्त आराम मिल सके।लंबी कक्षाएं होने से बच्चे स्क्रीन पर नजर तो रखेंगे, लेकिन समझेंगे नहीं। उनका कहना है की स्क्रीन पर लगातार देखने से आंखों में खिंचाव महसूस होने लगता है। जिसके कारण आंखों में पानी आना, सूखापन,खुजली, जलन, लाली, भारीपन एवं धुंधलापन जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।थोड़ी सावधानी रखकर इससे बच सकते हैं।डॉ नेगी ने सुझाव देते हुए कहा कि हो सके तो बच्चे मोबाइल की जगह लैपटॉप का इस्तेमाल करें।मोबाइल भी वो हो जिस मोबाइल की स्क्रीन बड़ी हो।अभिभावक यह ध्यान रखें की स्टडी के दौरान बच्चे के बैठने का तरीका ठीक हो।मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन को आंखों के लेवल से थोड़ा नीचे रखें। डॉ नेगी के अनुसार इस बात का ख्याल रखा जाये की बच्चे पड़ाई करते वक्त बीच- बीच में अपनी आंखों की पलको को झपकते रहें। ब्रेक लेकर दूर की चीजों को देखते रहें। कोशिश करें कि वीडियो गेम, अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों को स्क्रीन पर कम करें।समय बिताने हेतु मोबाइल में गेम खेलने के स्थान पर अन्य गेम जैसे लूडो,कैरम बोर्ड,शतरंज या पिट्ठू, इत्यादि खेल सकते है।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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