टिहरीशिक्षा

नई टिहरी सेम मुखेम प्राथमिक विद्यालय की छत अचानक गिरी!

बड़ा हादसा टला, अधिकारी अभी भी सचेत नहीं ।बार-बार आगाह करने पर भी कोई सुनवाई नहीं!

देवभूमि जे के न्यूज़!
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेम मुखेम नवीन विद्यालय की जर्जर छत अचानक गिरी।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेम मुखेम प्रतापनगर, नई टिहरी गढ़वाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय की छत जर्जर हालत में लगभग 4 वर्षों से वर्षा के कारण टपकती रहती थी, अचानक भरभराकर गिर पड़ी! शिक्षकों की सूझबूझ के कारण क्षतिग्रस्त कमरे में किसी प्रकार का कोई हादसा नहीं हुआ था। क्योंकि पहले ही शिक्षकों ने उस कमरे में ताला लगा कर आना जाना बच्चों का बंद कर दिया था। कमरा बंद रहता था जिसके कारण जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
प्रधानाध्यापक हीरामणि सेमवाल का कहना है कि विभाग को कई बार उप जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र द्वारा जिला अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालय की जर्जर स्थिति का प्रस्ताव प्रेषित एवं लिखित सूचना दी जा चुकी है ।

लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी विभाग से किसी भी प्रकार की कोई मदद की कार्रवाई की सूचना विद्यालय को प्राप्त नहीं हुई है।
इसे स्पष्ट है कि प्रशासन ऐसे मामलों में कितना लापरवाह है ग्राम प्रधान अनिल शाह का कहना है कि यदि शिक्षक सूझबूझ का परिचय नहीं देते तो बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के अभिभावकों में प्रशासन को प्रति आक्रोश है, तथा साथ ही चेतावनी दे रहे हैं कि यदि प्रशासन ने जल्दी से जल्दी विद्यालय के मदद हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो विभाग बच्चों का धरना प्रदर्शन हेतु सीधे जिलाधिकारी कार्यालय नई टिहरी ले जाने के लिए बाध्य हो जाएंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की होगी।
क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रवीण भट्ट का कहना है कि भविष्य में जानमाल का नुकसान न हो इसके लिए प्रशासन को विद्यालय का निरीक्षण कर निर्माण के लिए उचित कदम उठाना चाहिए। शीघ्र ही धनराशि पारित कर छात्रों के हित को देखते हुए निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए, जिससे पठन-पाठन विद्यालय में शुरू किया जा सके।

शिक्षकों को विद्यालय संचालन करने में कठिनाई न हो विभागीय अधिकारियों एवं प्रशासन को इस कार्य को करने के लिए ठोस नीति अमल में लानी चाहिए। इसी तरह से विभागीय अधिकारी एवं प्रशासन द्वारा भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय जर्जर होने के कारण अभिभावक बच्चों के नवीन प्रवेश कराने के लिए कतरा रहे हैं। विद्यालय की नवीन प्रवेश प्रक्रिया पर बुरा प्रभाव पड़ा है वर्तमान सत्र में विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों की संख्या 28 है ।
वही एक तरफ सरकार समग्र शिक्षा अभियान की बात करती है वहीं दूसरी तरफ भौतिक संसाधनों का अभाव के कारण छात्रों एवं शिक्षकों कठीनाईयों से जूझना पड़ता है।
प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों उदासीनता के प्रति रोष व्याप्त है।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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