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*अंकिता-एक ज्योति- राष्ट्रीय बालिका दिवस पर “धाद” द्वारा हुआ कार्यक्रम आयोजित*

देवभूमि जे के न्यूज, कोटद्वार- धाद द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 24 जनवरी को राजकीय इंटर कॉलेज, कोटद्वार में अंकिता-एक ज्योति कार्यक्रम की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए जेंडर समानता और महिला सुरक्षा के सवालों पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व आर्य कन्या इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं व शिक्षक गणो ने भाग लिया।

अन्याय को समझना और उसका सही विरोध करना जीवन संस्कार बने। अंकिता भंडारी के न्याय के लिए की गई पहल के अंतर्गत धाद द्वारा जेंडर समानता और महिला सुरक्षा के सवालों पर केंद्रित अभियान “अंकिता -एक ज्योति ” के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के साथ जेंडर समानता व महिला सुरक्षा के मुद्दे पर संवाद किया गया I सभा मे विचार पक्ष रखते हुए योगिता थपलियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी के साथ हुए जघन्य अपराध ने आम समाज मे जिन सवालों को सामने लाकर खड़ा किया है उसमें एक बड़ा सवाल महिला सुरक्षा व जेण्डर समानता का भी है और इस विषय पर समाज मे चेतना का अभाव नजर आता है। धाद उन सवालों के निमित्त सार्वजनिक विमर्श के सत्र आयोजित कर रहा है।
सुशील पुरोहित ने लिंगानुपात के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तराखंड में जिलावार आंकड़े प्रस्तुत किए तथा देवभूमि में इस सोचनीय स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया।
अर्चना ग्वाड़ी ने बच्चों से बातचीत करते हुए जेंडर की परिभाषा औऱ जेंडर समानता के महत्व पर चर्चा की I उन्होंने रुचिकर खेल के माध्यम से बच्चों को जेंडर समानता के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हर मनुष्य को अलग बनाया है, प्रकृति विविधता पसंद करती है I फिर भी प्रकृति ने महिला और पुरुष मे बहुत कम भेद किए हैं पर समाज ने समय के साथ इन भेदों को भेदभाव मे बदल दिया है I प्रकृति ने भेद सिर्फ प्रजनन के लिए दिए थे पर हमने उस आधार पर महिलाओं और पुरुषों के कार्यक्षेत्र, रहन-सहन, जीवन शैली हर चीज निर्धारित कर दी है और यही जेंडर असमानता हैं I पितृसत्ता ने हमारी सामाजिक संरचना कुछ यू कर दी गई है कि एक को ताकतवर और दूसरे को कमज़ोर समझा जाता है I सौरव अग्रवाल ने बच्चों को बताया कि लड़का होने से उनसे क्या अपेक्षाएं की जाती हैं। संयोजक नीना रावत ने बच्चों से अपने घर एवं आस-पास हो रही असमानता पर आवाज उठाने को कहा।
सत्र मे छात्र-छात्राओं ने भी निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें भी घर व बाहर हर जगह असमानता का सामना करना पड़ता है I उनके घर मे भी खान-पान से लेकर घर के काम करने तक लड़कों और ल़डकियों मे भेद-भाव किया जाता है I
कार्यक्रम की अध्यक्षता धाद महिला सभा, कोटद्वार की उपाध्यक्षा अनुभा गुप्ता ने की।

इस अवसर पर रा इ का के प्रधानाचार्य जगमोहन सिंह रावत, आर्य कन्या की प्रधानाचार्या रेनू नेगी, धाद की केंद्रीय उपाध्यक्ष माधुरी रावत, लक्ष्मी रावत, रूपा रावत, राजेश्वरी डिमरी, कविता रावत, रोशनी नेगी, लक्ष्मी नेगी, रेखा शर्मा, भारती प्रभाकर, असीम राय, हेमचंद्र कुकरेती, जनार्दन बुडाकोटी आदि उपस्थित रहे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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