धर्म-कर्मराशिफल

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग-कर्म*

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*🏵️ आज का राशिफल 🏵️*
*दिनांक : 25 जनवरी 2023*

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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज दिन के पहले भाग में सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। सामाजिक क्षेत्र से मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। धन लाभ होने से आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनेंगे। आवश्यक कार्य मध्यान से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें। इसके बाद सभी कार्यो में व्यवधान आने लगेंगे। जहाँ से लाभ की संभावना है वहां से निराशा मिलेगी। फिर भी मानसिक रूप से विचलित नहीं होंगे। परिजनों का स्नेह एवं सहयोग मिलता रहेगा। घर के बुजुर्ग की सेहत ख़राब होने के कारण थोड़ी असहजता बनेगी। सन्तानो के विषय में शुभ समाचार मिलेंगे।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज भी दिन आपके अनुकूल रहेगा। सरकार की तरफ से लाभ होने के संकेत है अथवा थोड़े प्रयास के बाद लटके सरकारी कार्यो में सफलता अवश्य मिलेगी। कार्य क्षेत्र से दोपहर के बाद आकस्मिक खुशखबरी मिलने से आनंदित रहेंगे। धन का खर्च अधिक रहेगा परन्तु व्यर्थ नहीं होगा। अविवाहितो को विवाह के प्रस्ताव मिलेंगे। नए सम्बन्ध बनने की पूर्ण सम्भावना है। घर के बुजुर्ग आप के ऊपर कृपा बनाये रहेंगे। अधिकारियों अथवा अन्य वरिष्ठ लोगो से आसानी से काम निकाल सकेंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आपका आज का दिन भाग्योदय कारक रहेगा। घर एवं बाहर आशा से अधिक सहयोगी वातावरण मिलने से लगभग सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण होंगे परन्तु उधार सम्बंधित व्यवहारों के कारण थोड़ी चिंता भी रहेगी। नौकरी पेशा जातकी की कार्य कुशलता के लिए प्रशंशा होगी। थोक अथवा कमीशन के व्यवसाय से अधिक लाभ मिलेगा। धन लाभ प्रचुर मात्रा में होने से खुश रहेंगे। घर की महिलाएं आप पर प्रसन्न रहेंगी। दाम्पत्य जीवन का भरपूर आनंद लेंगे। बाहर घूमने एवं उत्तम भोजन सुख मिलेगा। आलस्य से बचें।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज दिन के पूर्वार्ध में परिस्तिथियां प्रतिकूल रहेंगी। पूर्व निर्धारित कार्य में विलम्ब होने से भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। धन संबंधित कार्य को लेकर किसी से तकरार हो सकती है। आज आप गहरी सोच में डूबे रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मियों का मनमाने आचरण के कारण क्रोध आएगा फिर भी मौन रहकर कार्य करें अन्यथा आगे होने वाले लाभ से वंचित रह सकते है। दोपहर के बाद स्थिति में सुधार आएगा। विघ्न डालने वाले स्वयं अपनी गलती मानकर सहयोग करेंगे। धन लाभ मध्यम रहेगा। परिजनों से भी बेकार की बहस हो सकती है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आपका आज का दिन लाभदायक रहेगा। प्रतिस्पर्धियों पर आसानी से विजय पा लेंगे। कार्य व्यवसाय भी पहले से बेहतर चलेंगे। आपकी सोची हुई योजनाओं में से अधिकांश सफल रहेंगी। आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। व्यवसाय में नए प्रयोग अधिक लाभ कराएंगे। रुके हुए धन की प्राप्ति में थोड़ी बाधा आ सकती है परन्तु प्रयास करने पर वापसी की उम्मीद बनी रहेगी। किसी मांगलिक आयोजन में सम्मिलित हो सकते है। सुख के साधनों की वृद्धि करने पर अधिक ध्यान रहेगा इसपर खर्च भी करेंगे। गृहस्थ सुख सामान्य रहेगा।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपका आज का दिन मिला-जुला रहेगा। भावुकता अधिक रहने के कारण छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेंगे। घर एवं बाहर का वातावरण इसी कारण दूषित हो सकता है। आर्थिक आयोजनों को पूर्ण करने में पहले बाधाएं आएगी बाद में स्थिति आपके पक्ष में आने से लाभ के अवसर मिलेंगे। मध्यान के बाद अधिकांश मामलो में आप अपने मन की ही करेंगे और इससे संतुष्ट भी रहेंगे। घर की समस्याएं घर में ही निपटाएं बाहर ना लेजाए। व्यावसायिक कारणों से अल्प लाभदायी यात्रा हो सकती है। पैतृक कार्य में सफलता मिलेगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन के पूर्वार्ध में आप दुविधा में फंसे रहेंगे। किसी भीं कार्य में स्थिति स्पष्ट ना होने के कारण कार्य रुके रह सकते है केवल मन ही मन कार्यो की रूपरेखा बनाएंगे। धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट होती जाएगी। किसी भी प्रकार का आर्थिक आयोजन करने के लिए आज का दिन शुभ रहेगा परन्तु धन की आमद सुनिश्चित नहीं रहने से बीच-बीच में व्यवधान भी आएंगे फिर भी इनसे पार पाकर सफल रहेंगे। पारिवारिक वातावरण आरम्भ में मनमुटाव वाला रहेगा बाद में आपसी भावनाओ की समझ होने लगेगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपको आज के दिन भी थोड़ा सावधानी बरतने की सलाह है चंद्र आपकी राशि से चौथे होने पर किसी गलती के कारण मन में संताप रहेगा। हानि के चलते कार्यो से मजबूरन जी चुरायेंगे। सरकारी कार्य लंबित रहने से समय एवं धन व्यर्थ खर्च होंगे। परिवार अथवा कार्य क्षेत्र पर किसी महिला के कारण अशांति फ़ैल सकती है। धर्म के प्रति निष्ठा होने पर भी भजन पूजन में मन नहीं लगा पाएंगे। संध्या के आसपास का समय थोड़ा राहत भरा रहेगा परन्तु थकान भी रहेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आपका आज का दिन सामान्य से अधिक शुभ फल देने वाला रहेगा। सामाजिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र पर अपनी प्रतिभा दिखाने का सुअवसर मिलेगा फिर भी इससे आर्थिक लाभ की आशा ना रखे सम्बन्ध प्रगाढ़ होंगे। धन लाभ के लिए आज थोड़ा अधिक बौद्धिक एवं शारीरिक परिश्रम करना पड़ेगा। धार्मिक कार्यो में भी सहभागिता देंगे। मध्यान के समय कार्य व्यवसाय में गति रहने से व्यस्तता रहेगी। शारीरिक रूप से थका हुआ अनुभव होगा। परिजनो की इच्छा पूर्ती पर खर्च करेंगे। गृहस्थ सुख सामान्य रहेगा।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन सभी कार्यो को आप जी जान से करेंगे परन्तु फिर भी सफलता मिलने में संदेह रहेगा। सरकारी कार्य भी नियमो की पूर्ति ना होने के कारण अधूरे रहेंगे। मध्यान के बाद व्यावसायिक एवं घरेलु कार्यो के कारण दौड़-धूप करनी पड़ेगी। सेहत में उतार-चढ़ाव आने से शरीर में शिथिलता आएगी। गुप्त शत्रु से सावधान रहें। लोग मीठा व्यवहार करके अपना काम निकालेंगे। बाहर के लोगो के प्रति आज अधिक उदारता दिखाएँगे परन्तु घर में इसके विपरीत व्यवहार रहने से क्लेश होने की संभावना है। आर्थिक लेन-देन सोच समझ कर करें। आहार संतुलित लें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन अधिकांश समय आपमें चंचलता अधिक रहेगी। महत्त्वपूर्ण कार्यो में भी लापरवाही दिखाएंगे अथवा इच्छा शक्ति की कमी रहने से कार्य हानि हो सकती है। व्यवहारिक रूप से आप अधिक सक्रिय रहेंगे। मन चंचल रहने पर भी हास्य परिहास से आस-पास का वातावरण हल्का करने की क्षमता रहेगी। आर्थिक दृष्टिकोण से संध्या का समय अधिक शुभ रहेगा। बैठे बिठाये धन लाभ होने की सम्भवना है। पारिवारिक सदस्य से रूठना मनाना लगा रहेगा। मित्र मण्डली के साथ पर्यटन के अवसर मिलेंगे।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आपको आशा से अधिक एवं एक दम विपरीत फल देगा। विशेष कर आज अपनी सोच में निराशा को जगह ना दें। आज आप जो भी विचार करेंगे उसका विपरीत फल मिलेगा। कार्यो में अधिक व्यस्त रहने के कारण सामाजिक क्षेत्र से दूरी बनेगी। धन लाभ के लिए किये जा रहे प्रयासों में बड़ी मुश्किल से सफलता मिलेगी। प्रेम प्रसंगों के कारण किसी से विवाद हो सकता है। खर्च अनियंत्रित रहेंगे जिससे आर्थिक संतुलन बिगड़ेगा। शारीरिक रूप से अधिक परिश्रम करने में असमर्थ रहेंगे। हित शत्रु हानि पहुँचा सकते है सतर्क रहें।
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*जय श्रीराम*

*आज का प्रेरक प्रसंग- कर्म*

एक बार एक धनिक भक्त मन्दिर गया ! पैरों में महँगे और नये जूते होने पर उसने सोचा कि क्या करूँ ?
यदि बाहर उतारता हूँ तो कोई उठा न ले जाये और अंदर पूजा में मन भी नहीं लगेगा सारा ध्यान जूतों पर ही रहेगा। तभी उसे बाहर एक भिखारी बैठा दिखाई दिया !
उस धनिक ने भिखारी से कहा – भाई ! मेरे जूतों का ध्यान रखोगे ?जब तक मैं पूजा करके वापस न आ जाऊँ !
भिखारी ने भी हाँ में सिर हिला दिया !
अंदर पूजा करते समय धनिक ने सोचा – हे प्रभु !आपने यह कैसा असंतुलित संसार बनाया है ?
किसी को इतना धन दिया है कि वह पैरों तक में महँगे जूते पहनता है तो किसी को अपना पेट भरने के लिये भीख तक माँगनी पड़ती है। कितना अच्छा हो कि सभी एक समान हो जायें !
मन ही मन उस धनिक ने निश्चय किया कि वह बाहर आकर भिखारी को 100 रुपये का एक नोट देगा। लेकिन बाहर आकर धनिक ने देखा कि वहाँ न तो वह भिखारी है और न ही उसके जूते !
धनिक ने ठगा-सा महसूस किया एवं कुछ देर भिखारी का इंतजार भी किया कि शायद वह किसी काम से कहीं चला गया हो पर काफी समय उपरांत भी वह वापिस नहीं आया !
धनिक दुखी मन से नंगे पैर घर के लिये चल दिया। रास्ते में फुटपाथ पर देखा कि एक आदमी जूते चप्पल बेच रहा है !
धनिक चप्पल खरीदने के उद्देश्य से वहाँ पहुँचा तो क्या देखा है कि उसके जूते भी वहाँ रखे हैं !
धनिक ने दबाव डालकर उससे जूतों के बारे में पूछा तो उस आदमी ने बताया कि एक भिखारी उन जूतों को 100 रुपये में बेच गया है !
धनिक ने वहीं खड़े होकर कुछ सोचा और मुस्कराते हुए नंगे पैर ही घर के लिये चल दिया !
धनिक को उसके सवालों के जवाब मिल गये थे कि समाज में कभी एकरूपता नहीं आ सकती !
क्योंकि हमारे कर्म कभी भी एक समान नहीं हो सकते और जिस दिन ऐसा हो गया उस दिन संसार और समाज की सारी विषमतायें समाप्त हो जायेंगी !
ईश्वर ने हर एक मनुष्य के भाग्य में लिख दिया है कि किसको कब और क्या और कहाँ मिलेगा। पर यह नहीं लिखा होता है कि वह कैसे मिलेगा ?
यह हमारे कर्म तय करते हैं। जैसे कि भिखारी के लिये उस दिन तय था कि उसे 100 रुपये मिलेंगे। पर कैसे मिलेंगे ? यह उस भिखारी ने तय किया ! उसने जूते चोरी कर बेचना तय किया, यह उसका कर्म था!
दोस्तों, हम किसी भी धर्म के हो, किसी भी जाति के हो सभी को हमारा धर्म यही सिखाता है कि हमारे कर्म ही हमारा भाग्य यश अपयश लाभ हानि जय पराजय सुख दुःख शोक लोक परलोक तय करते हैं।
हम इसके लिये ईश्वर को दोषी नहीं ठहरा सकते !!
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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