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*ऋषिकेश- स्वामी दयानंद आश्रम में हुआ अमूल डेयरी के उत्पाद सेंटर का विधिवत उद्घाटन*

देवभूमि जे के न्यूज,ऋषिकेश 18 जनवरी 2023- स्वामी दयानंद आश्रम, दयानंद नगर में अमूल डेयरी उत्पाद के सेंटर का आज विधिवत उद्घाटन किया गया।
दयानंद आश्रम के आचार्य स्वामी साक्षात् कृत्यानंद जी महाराज, स्वामी शुद्धानंद जी महाराज, स्वामी सत्स्वरूपानंद जी महाराज, स्वामी शिवस्वरूपानंद जी महाराज, स्वामी अपरोक्षानंद जी महाराज, स्वामी प्रमोद कृष्ण जी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस अमूल डेरी का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर साक्षात् कृत्यानंद जी महाराज ने अमूल डेयरी के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा कि अमूल भारत का एक दुग्ध सहकारी आन्दोलन है। यह एक ब्रान्ड नाम है जो गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड नाम की सहकारी संस्था के प्रबन्धन में चलता है। गुजरात के लगभग 26 लाख दुग्ध उत्पादक सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड के अंशधारी (मालिक) हैं।
अमूल, संस्कृत के अमूल्य का अपभ्रंश है; अमूल्य का अर्थ है – जिसका मूल्य न लगाया जा सके। अमूल, गुजरात के आणंद नामक नगर में स्थित है। यह सहकारी आन्दोलन की दीर्घ अवधि में सफलता का एक श्रेष्ठ उदाहरण है और विकासशील देशों में सहकारी उपलब्धि के श्रेष्ठतम उदाहरणों में से एक है। अमूल ने भारत में श्वेत क्रान्ति की नींव रखी जिससे भारत संसार का सर्वाधिक मात्रा वाला दुग्ध उत्पादक देश बन गया। अमूल ने ग्रामीण विकास का एक सम्यक मॉडल प्रस्तुत किया है।

आपको बता दें कि अमूल डेयरी कि स्थापना14 दिसंबर,1946 में एक डेयरी यानी दुग्ध उत्पाद सहकारी आंदोलन के रूप में हुई थी। इसे गुजरात सहकारी दुग्ध वितरण संघ के द्वारा प्रचारित और प्रसारित किया गया। अमूल के प्रमुख उत्पाद हैं- दूध, दूध का पाउडर, मक्खन, घी, चीज़,पनीर, दही, चॉकलेट, श्रीखण्ड, आइसक्रीम, गुलाब जामुन, न्यूट्रामूल सहित तमाम दैनिक उपयोग में आने वाले दुग्ध उत्पादन का उत्पादन करते हैं।

उद्घाटन के अवसर पर मुख्य रूप से स्वामी राम चैतन्य, दयानंद आश्रम के प्रबंधक गुणानंद रयाल, पुजारी दिलीप, वीरेंद्र पांडे ,शुभम भट्ट अमूल प्रभारी उत्तराखंड, संजय नंदा प्रभारी आइस क्रीम अमूल, पन्नालाल, अशोक, जगदीश चिचड़ा सहित तमाम लोग उपस्थित थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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