उत्तराखण्डधर्म-कर्मराशिफल

*आज आपका राशिफल एवं प्रेरक प्रसंग -नदी का घमंड*

*आज का राशिफल*
*09 दिसम्बर 2022 , शुक्रवार*

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका दिन बेहतरीन रहेगा । आपको व्यवसाय में लाभ होने के संयोग हैं। अगर आप अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को अनदेखा करेंगे तो कुछ ऐसे लोग नाराज हो सकते हैं जो आपके साथ रहते हैं। आपके लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बहुत शुभ है। अपनी खुशियों को दूसरों के साथ साझा करना आपकी सेहत को भी बेहतर करेगा। आराम के लिए समय मिलेगा और स्वास्थ्य लाभ होगा।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा , वी ,वु , वे, वो)
मिला जुला समय रहेगा ।आर्थिक तौर पर सुधार के चलते आप आसानी से काफी वक़्त से लंबित बिल और उधार चुका सकेंगे।आपको आज अपनी वाणी पर संयम रखें। आज किसी नए कार्य का प्रारंभ न करें और क्रोध एवं आवेश में वृद्धि न आए इसका ध्यान रखें। जरूरत से ज्यादा वक़्त व पैसा मनोरंजन पर खर्च न करें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
मन पसन्न मुद्रा मे रहेगा ।परिवार में आवश्यक विषयों पर चर्चा होगी। माता का आरोग्य अच्छा रहेगा। धन संपत्ति-मान सम्मान के अधिकारी बनेंगे। जल्दबाजी में निवेश न करें। दिन के कार्यभार से कुछ थकान का अनुभव होगा, परंतु स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आज आपका सबसे बड़ा सपना हकीकत में बदल सकता है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
व्यवसाय में बाधा उपस्थित होने की संभावना है। मानसिक दबाव के बावजूद आपकी सेहत अच्छी रहेगी। कार्यक्षेत्र के नज़रिए से आज का दिन आपका है। इसका भरपूर फायदा उठाएँ। आप पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप अपनी जमा-पूंजी पारम्परिक तौर पर निवेश करें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आप शारीरिक एवं मानसिक रूप से भरपूर प्रतिकूलता का अनुभव करेंगे। मन में उत्साह का संचार होगा, जिस वजह से दिनभर का समय आनंदपूर्वक बीतेगा। आज उच्च पदाधिकारी खुश होंगे। बाहर जाना हो सकता है। सरकारी लाभ होगा। आज कोई महत्त्वपूर्ण योजना भी बना सकते हैं।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा। लेन-देन में सावधानी बरतें। कानूनी मसले हल होंगे। किसी चिंता से मुक्ति मिलेगी। पत्नी एवं पुत्र की तरफ से लाभदायी समाचार मिलेंगे। मित्रों से हुई मुलाकात से आनंद मिलेगा। किसी आत्मीय व्यक्ति से भेंट हो सकती है। परिवार के सदस्यों की मदद रहेगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज स्वजनों और स्नेहीजनों के साथ मतभेद खड़े होंगे, परिणामस्वरूप घर में विरोध का वातावरण उपस्थित होगा। आज के कार्य अधूरे रह सकते हैं। किसी कारणवश व्यय भी अधिक होगा। यदि पुरानी बातों को कुरेद कर नोक-झोंक करेंगे तो परिणाम अच्छे नहीं मिलेंगे। आपके कार्यों की प्रशंसा होगी।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज व्यापार अच्छा चलेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएंगे। कामकाज की जिज्ञासा बढ़ेगी। सुखवृद्धि एवं पारिवारिक उन्नति होगी। परिवार में क्लेश, मनमुटाव हो सकता है। आज आप अपने जीवनसाथी को विशेष खुशी देने की कोशिश करेंगे।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज आपको अच्छे समाचार मिल सकते हैं। आर्थिक लाभ की संभावनाएं हैं। आज आपका पारिवारिक वातावरण आनंद व उल्लास से लबालब भरा रहेगा। तन में चेतना एवं स्फूर्ति का संचार होगा। उनसे मिली भेट व सौगात पाकर आप आनंदित होंगे। यात्रा-पर्यटन के योग हैं।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज आलस्य को त्यागकर कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। सोच-समझकर व्यय करें। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में बाधाओं से मन अशांत रहेगा। आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। दफ्तर में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए बहुत शुभ है। आपका आज का दिन आनंद व उल्लास से भरा हुआ होगा व शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा होगा। आज के कार्य अधूरे रह सकते हैं। किसी कारणवश व्यय भी अधिक होगा। आज किए गए हर कार्य में सफलता मिलेगी। घर का वातावरण प्रफुल्लित रहेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज किसी धार्मिक स्थल पर जाने का सुनहरा अवसर है। रचनात्मक कार्य में मन लगेगा। शत्रु से सतर्क रहें। कर्मनिष्ठ होकर हाथ पर रखे काम को पूर्ण करने का प्रयास करेंगे। आपका व्यवहार आज न्यायानुकूल रहेगा। विवाहिताओं को आज मायके से भी लाभ हो सकता है व अच्छे समाचार मिल सकते हैं।

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0️⃣9️⃣❗1️⃣2️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣2️⃣

*⚜️ आज का प्रेरक प्रसंग ⚜️*

*!! नदी का घमंड !!*
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एक बार नदी ने समुद्र से बड़े ही गर्वीले शब्दों में कहा बताओ पानी के प्रचंड वेग से मैं तुम्हारे लिए क्या बहा कर लाऊं ? तुम चाहो तो मैं पहाड़, मकान, पेड़, पशु, मानव आदि सभी को उखाड़ कर ला सकती हूं ।

समुद्र समझ गया कि नदी को अहंकार आ गया है । उसने कहा, यदि मेरे लिए कुछ लाना ही चाहती हो तो थोड़ी सी घास उखाड़ कर ले आना । समुद्र की बात सुनकर नदी ने कहा, बस, इतनी सी बात ! अभी आपकी सेवा में हाजिर कर देती हूं । नदी ने अपने पानी का प्रचंड प्रवाह घास उखाड़ने के लिए लगाया परंतु घास नहीं उखड़ी । नदी ने हार नहीं मानी और बार-बार प्रयास किया पर घास बार-बार पानी के वेग के सामने झुक जाती और उखड़ने से बच जाती । नदी को सफलता नहीं मिली ।

थकी हारी निराश नदी समुंद्र के पास पहुंची और अपना सिर झुका कर कहने लगी, मैं मकान, वृक्ष, पहाड़, पशु, मनुष्य आदि बहाकर ला सकती हूं परंतु घास उखाड़ कर नहीं ला सकी क्योंकि जब भी मैंने प्रचंड वेग से खास पर प्रहार किया उसने झुककर अपने आप को बचा लिया और मैं ऊपर से खाली हाथ निकल आई ।

नदी की बात सुनकर समुद्र ने मुस्कुराते हुए कहा, जो कठोर होते हैं वह आसानी से उखड़ जाते हैं लेकिन जिसने घास जैसी विनम्रता सीख ली हो उसे प्रचंड वेग भी नहीं अखाड़ सकता । समुद्र की बात सुनकर नदी का घमंड भी चूर चूर हो गया ।

विनम्रता अर्थात् जिसमें लचीलापन है, जो आसानी से मुड़ जाता है, वह टूटता नहीं । नम्रता में जीने की कला है, शौर्य की पराकाष्ठा है । नम्रता में सर्व का सम्मान संचित है । नम्रता हर सफल व्यक्ति का गहना है । नम्रता ही बड़प्पन है । दुनिया में बड़ा होना है तो नम्रता को अपनाना चाहिए । संसार को विनम्रता से जीत सकते हैं । ऊंची से ऊंची मंजिल हासिल कर लेने के बाद भी अहंकार से दूर रहकर विनम्र बने रहना चाहिए ।

*शिक्षा:-*
विनम्रता के अभाव में व्यक्ति पद में बड़ा होने पर भी घमंड का ऐसा पुतला बनकर रह जाता है जो किसी के भी सम्मान का पात्र नहीं बन पाता । स्थान कोई भी हो, विनम्र व्यक्ति हर जगह सम्मान हासिल करता है । जहां विरोध हो जहां प्रतिरोध और बल से काम नहीं चल सकता । विनम्रता से ही समस्याओं का हल संभव है । विनम्रता के बिना सच्चा स्नेह नहीं पाया जा सकता । जो व्यक्ति अहंकार और वाणी की कठोरता से बचकर रहता है वही सर्वप्रिय बन जाता है ।

*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।*
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जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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