दुःखद समाचार

*दिवंगत पूर्व प्रधानाचार्य डीडी तिवारी जी के आवास पहुंचकर कैबिनेट मंत्री ने किया शोक व्यक्त*

*कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तीर्थ नगरी के शहीद राकेश डोभाल की शहादत पर उन्हें श्रद्धांजलि की अर्पित*

देवभूमि जे के न्यूज, ऋषिकेश 13 नवंबर।

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य कैप्टन डीडी तिवारी जी के निधन पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

रविवार को मंत्री डॉ अग्रवाल दिवंगत डीडी तिवारी जी के आवास पहुंचे। यहां परिजनों के सम्मुख डॉ अग्रवाल ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ढांढस बंधाया। डॉ अग्रवाल ने कहा कि दिवंगत तिवारी जी ने सदैव शिक्षक के रूप में बच्चों का उचित मार्गदर्शन किया।

दिवंगत कैप्टन तिवारी जी को बच्चें अत्यधिक प्रिय थे। आज उनसे शिक्षा लेकर बच्चे देश के बड़े से बड़े संस्थानों में उच्चस्थ पदों पर विराजमान है। उन्होंने कहा कि कैप्टन तिवारी जी व्यक्तित्व के धनी थे। स्वभाव से सरल और मृदुभाषी होने के कारण समाज में उनका दर्जा अव्वल था।

इस मौके पर दिवंगत तिवारी जी के बड़े पुत्र राजीव तिवारी मौजूद रहे।

ऋषिकेश 13 नवंबर।

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तीर्थ नगरी के शहीद राकेश डोभाल की शहादत पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

रविवार को डॉ अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि शहीद कभी भी नहीं मरते, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। कहा कि शहीद सदैव देश की शान के रूप में विराजित रहते हैं। देश और देश की जनता सदैव उन पर गर्व करती है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि शहीद राकेश डोभाल एक बहादुर योद्धा थे। उनका अदम्य साहस सदैव अन्य के लिए प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीद राकेश डोभाल भारत माता के सच्चे सपूत हैं।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि देश की सीमा पर तैनात सैनिक रोल मॉडल होता है, देश की सुरक्षा उनके हाथों में होने के कारण ही हम आज खुले में सांस ले पा रहे है।

गौरतलब है कि 13 नवंबर 2020 को बारामूला में तैनात गंगानगर, ऋषिकेश निवासी सब इंस्पेक्टर राकेश डोभाल दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। पाक गोलाबारी में बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर राकेश के सिर में गोली लगी। इलाज के दौरान उनका अस्पताल में निधन हो गया।
वह वर्ष 2004 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।

जय कुमार तिवारी

*हमेशा सच का साथ देना! ईमानदारी से आगे बढ़ना, दीनहीनों की आवाज को आगे पहुंचाना। सादा जीवन उच्च विचार और प्रकृति के बनाए हुए दायरे में जीवन निर्वहन करना। झूठ बोलने वालों और फरेब से दूर रहना, कभी किसी के अहित की बात नहीं सोचना। ईश्वर मेरे साथ हमेशा खड़े हैं!*

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